सुभाष यादव ने कहा, ‘राजद डूबती हुई नैया’

पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद के साले और पूर्व सांसद सुभाष यादव ने सोमवार को राजद की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देते हुए पार्टी को डूबती हुई नैया बताया और कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव में कोई उस पर सवारी नहीं करना चाहेगा.

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भाषा

  • पटना,
  • 20 सितंबर 2010,
  • अपडेटेड 6:30 PM IST

पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद के साले और पूर्व सांसद सुभाष यादव ने सोमवार को राजद की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देते हुए पार्टी को डूबती हुई नैया बताया और कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव में कोई उस पर सवारी नहीं करना चाहेगा.

सुभाष ने राजद की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देते हुए कहा कि राजद रूपी नौका के कप्तान लालू प्रसाद 70 साल के हो गए हैं और वे अब इस स्थिति में नहीं हैं कि इस नौका को खेकर घाट तक पहुंचा सके. सुभाष ने लालू को उम्र के इस पड़ाव पर राजनीति से संन्यास लेकर राजद नेतृत्व युवाओं के हाथों में सौंप देने की सलाह दी.

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अपने बहनोई पर तानाशाह और चाटुकारों को तरजीह देने का आरोप लगाते हुए सुभाष ने कहा कि लालू का करिश्माई और यादव एवं मुसलमानों का नेता होने के दिन अब लद गए. उन्होंने दावा किया कि आगामी बिहार विधानसभा चुनाव में राजद-लोजपा गठबंधन 35 से अधिक सीट नहीं जीत पाएगा.

सुभाष ने जदयू के वरिष्ठ नेता और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तारीफ करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल के दौरान प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति में सुधार बताया. उन्होंने कहा कि कानून तोड़ने वालों पर लगाम लगाने वाले को प्रदेश की जनता को एक और मौका देना चाहिए. {mospagebreak}

यादव ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और पार्टी महासचिव राहुल गांधी की तारीफ करते हुए देश की एकता एवं अखंडता को बनाए रखने के लिए कांग्रेस की सराहना की. उन्होंने कहा कि राजद से इस्तीफा देने के बाद वह अपने समर्थकों के साथ विचार-विमर्श कर जल्द ही इसकी घोषणा कर देंगे कि जदयू अथवा कांग्रेस में से किसमें शामिल होने जा रहे हैं.

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इस बीच, बिहार प्रदेश कांग्रेस पार्टी के मीडिया प्रभारी प्रेमचंद मिश्र ने सुभाष के अपनी पार्टी में शामिल होने की संभावना से इनकार करते हुए कहा कि उनकी पार्टी का ऐसा कोई इरादा नहीं है. मिश्र ने कहा कि उनके दल में लोगों को उनके काबलियत के आधार पर जगह दी जाती है और उनकी पार्टी ने वैसे लोगों को तरजीह देने का मन बनाया है, जिन्होंने पार्टी का साथ बुरे वक्तों में दिया है.

वहीं, दूसरी तरफ राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद से सुभाष के पार्टी छोड़ने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने अपने साले को शुभकामना दी. सुभाष द्वारा लालू से उम्र के इस पड़ाव पर राजनीति से सन्यास ले लेने के सुझाव के बारे में पूछे जाने पर राजद सुप्रीमो ने कहा कि क्या आप सुभाष को अपने बहनोई के साथ मजाक करने से भी रोकना चाहते हैं.

लालू ने अपने एक अन्य साले अनिरूद्ध प्रसाद यादव उर्फ साधु यादव के पूर्व में ही राजद छोड कांग्रेस में शामिल हो जाने का जिक्र करते हुए कहा कि सुभाष जहां जाए जो भी उंचाई छुए, लेकिन वे उसके बहनोई ही रहेंगे. साधु और सुभाष के राजद छोड़ने पर लालू द्वारा चैन की सांस लेने के बारे में पूछे जाने पर राजद सुप्रीमो ने कहा कि ऐसा नहीं है. उन्होंने अपने सालों के साथ रिश्ते को संवेदनशील बताते हुए उसे बहुत ही प्रगाढ़ बताया.

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