दिव्यांग, बुजुर्ग, खिलाड़ी और पत्रकार... SIR में इन वोटरों के लिए चुनाव आयोग के खास निर्देश

SIR प्रक्रिया के बीच निर्वाचन आयोग ने VIP और विशेष जरूरत वाले वोटरों को लेकर स्थिति साफ की है. आयोग के मुताबिक दिव्यांग वोटर, 80 साल से ज्यादा उम्र के बुजुर्ग, दिग्गज कलाकार, खिलाड़ी, सार्वजनिक सेवा से जुड़े अधिकारी और वरिष्ठ पत्रकार जैसे पहले से चिन्हित लोगों को खास सुविधा दी जाएगी.

Advertisement
आयोग ने 2025 में जारी वोटर लिस्ट के एसआईआर की नियमावली का भी हवाला दिया है. (File Photo-ITG) आयोग ने 2025 में जारी वोटर लिस्ट के एसआईआर की नियमावली का भी हवाला दिया है. (File Photo-ITG)

संजय शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 25 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 5:52 PM IST

चुनाव आयोग ने SIR की प्रक्रिया में खास जरूरत वाले वोटरों को लेकर स्थिति साफ की है. आयोग ने कहा है कि उसकी प्राथमिकता लिस्ट में सिर्फ आम वोटर्स ही नहीं, बल्कि दिव्यांग, 80 साल से ज्यादा उम्र के बुजुर्ग, दिग्गज कलाकार, खिलाड़ी, पब्लिक सर्विस से जुड़े अधिकारी, वरिष्ठ पत्रकार और दूसरे चिह्नित वर्ग भी शामिल हैं. 

आयोग के मुताबिक, ऐसे वोटर्स को गणना फॉर्म भरने से लेकर नोटिस का जवाब देने और अपील करने तक किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए समय-समय पर अधिकारियों को निर्देश दिए जाते हैं.

Advertisement

आयोग ने बताया कि बिहार में SIR की शुरुआत के समय जारी की गई SOP में ऐसे विशेष वर्ग के वोटर्स का स्पष्ट तौर पर उल्लेख किया गया था. अब दिल्ली में लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी से जुड़े नोटिस भेजे जाने के मामले में भी बूथ लेवल अधिकारियों को इन नियमों की याद दिलाते हुए सर्कुलर जारी किया गया है.

आयोग का कहना है कि इस तरह के सर्कुलर समय-समय पर जारी किए जाते हैं. इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि समाज के सामान्य वर्ग के साथ-साथ विशेष जरूरत वाले वोटर्स को भी SIR की प्रक्रिया में फॉर्म जमा करने, नोटिस का जवाब देने या जरूरत पड़ने पर अपील करने में दिक्कत न हो.

2025 की SIR नियमावली में क्या है प्रावधान?

आयोग ने इस संबंध में 2025 में जारी वोटर लिस्ट के एसआईआर की नियमावली का भी हवाला दिया है. नियमावली के मुताबिक, वोटर लिस्ट का ड्राफ्ट तैयार करते समय निर्वाचक रजिस्ट्रेशन अधिकारी यानी ERO उन सभी वोटर्स को शामिल करेगा, जिनके गणना प्रपत्र प्राप्त हो चुके हैं.

Advertisement

हालांकि, प्राप्त गणना प्रपत्रों पर अंतिम निर्णय दावा और आपत्ति की अवधि के दौरान ड्राफ्ट वोटर लिस्ट प्रकाशित होने के बाद लिया जाएगा. ERO और AERO संदिग्ध पात्रता वाले मामलों की पहचान करने के लिए प्रपत्र मिलने के साथ ही उनकी जांच शुरू कर सकते हैं.

फॉर्म नहीं मिला तो ड्राफ्ट लिस्ट में नाम नहीं होगा

नियमों के मुताबिक, ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में उन सभी मौजूदा वोटर्स के नाम शामिल किए जाएंगे, जिन्होंने घर-घर जाकर गणना की अवधि के दौरान BLO को विधिवत भरा हुआ गणना प्रपत्र सौंपा है या जिनका प्रपत्र ऑनलाइन प्राप्त हुआ है और BLO ने उसका सत्यापन कर दिया है.

वहीं, जिन मौजूदा वोटर्स से गणना प्रपत्र प्राप्त नहीं हुए हैं, उनके नाम ड्राफ्ट लिस्ट में शामिल नहीं किए जाएंगे. हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि ऐसे वोटर्स हमेशा के लिए लिस्ट से बाहर हो जाएंगे.

अगर कोई वोटर तय समय के भीतर अपना भरा हुआ गणना प्रपत्र जमा नहीं कर पाता है, तो वह दावा और आपत्ति की अवधि के दौरान अपना नाम शामिल कराने के लिए फॉर्म-6 दाखिल कर सकता है. इसके साथ निर्धारित घोषणा प्रपत्र यानी अनुलग्नक-D भी जमा करना होगा.

खास वर्ग के नाम ड्राफ्ट में शामिल करने का निर्देश

निर्वाचन आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि न्यायपालिका के सदस्यों, जनप्रतिनिधियों, घोषित पदों पर मौजूद लोगों और कला, संस्कृति, पत्रकारिता, खेल तथा सार्वजनिक सेवा जैसे क्षेत्रों से जुड़े उन लोगों के नाम, जिन्हें पहले से चुनावी डेटाबेस में विशेष रूप से चिह्नित किया गया है, उन्हें वोटर लिस्ट के ड्राफ्ट में शामिल किया जाना है.

Advertisement

आयोग के मुताबिक, ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि दावा और आपत्ति की अवधि के दौरान जरूरत पड़ने पर इन वोटर्स से संबंधित जरूरी दस्तावेज भी जुटाए जा सकें और प्रक्रिया में उन्हें अनावश्यक परेशानी न हो.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »