गुजरात की जीत सिर्फ मोदी की, 2019 की राह होगी आसान?

इस बार का गुजरात विधानसभा का चुनाव महज गुजरात के लिए नहीं लड़ा जा रहा था, बल्कि देश की सियासत के लिए भी एक लिटमस टेस्ट माना जा रहा था. यही वजह है कि नरेंद्र मोदी ने गुजरात में बीजेपी की सियासी बिसात खुद बुन कर जीत में तब्दील कर दी.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह और विजय रूपाणी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह और विजय रूपाणी

कुबूल अहमद

  • नई दिल्ली,
  • 18 दिसंबर 2017,
  • अपडेटेड 8:30 PM IST

गुजरात में बीजेपी की ये लगातार छठवीं जीत है. बीजेपी को इस बार जीत दिलाने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अहम भूमिका है. पिछले दो दशकों में बीजेपी के लिए ये जीत सबसे ज्यादा मुश्किल लग रही थी. इस बार का गुजरात विधानसभा का चुनाव महज गुजरात के लिए नहीं लड़ा जा रहा था, बल्कि देश की सियासत के लिए भी एक लिटमस टेस्ट माना जा रहा था. यही वजह है कि नरेंद्र मोदी ने गुजरात में बीजेपी की सियासी बिसात खुद बुन कर जीत में तब्दील कर दी.

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ब्रांड मोदी में बढ़ेगा भरोसा

गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी हैं लेकिन राज्य विधानसभा के सियासी रण में बीजेपी का चेहरा नरेंद्र मोदी हैं. पिछले कुछ सालों में गुजरात में बीजेपी के खिलाफ पाटीदार, दलित सहित किसान और व्यापारी सड़क पर उतरकर अपनी नाराजगी जाहिर कर चुके हैं. इससे बीजेपी बैकफुट पर नजर आ रही थी और विपक्ष इन्हीं मुद्दों को लेकर चुनाव में उतरा. दूसरी ओर बीजेपी नरेंद्र मोदी के चेहरे के सहारे ही जीत की उम्मीद लगाए हुए थी. ऐसे में राज्य विधानसभा चुनाव के नतीजे बीजेपी के पक्ष में आने से ब्रांड मोदी के प्रति लोगों का भरोसा और भी बढ़ेगा.

गुजरात विधानसभा चुनाव के नतीजों का असर 2019 के लोकसभा चुनाव पर भी पड़ेगा. बीजेपी-कांग्रेस दोनों पार्टियां गुजरात के रास्ते 2019 लोकसभा चुनाव को साधने की कोशिश कर रही है. मोदी ने गुजरात में बीजेपी को कामयाबी दिलाकर 2019 की राह आसान कर दी. गुजरात को सेमीफाइनल के तौर देखा जा रहा था.

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2018 के विधानसभा चुनावों पर असर

गुजरात विधानसभा चुनाव के नतीजों का प्रभाव अगले साल होने वाले राज्यों के विधानसभा चुनाव पर पड़ेगा. अगले बरस कई अहम राज्यों में चुनाव होने है. इनमें मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, कर्नाटक और ओडिशा जैसे राज्य शामिल हैं. बीजेपी गुजरात विधानसभा चुनाव जीत के नतीजों को इन राज्यों के चुनाव में बीजेपी के लिए फायदा दिलाएगा.

गुजरात विधानसभा चुनाव में बीजेपी की जीत मिलती है, तो पार्टी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह का राजनीतिक वर्चस्व में इजाफा होगा. मोदी-शाह के खिलाफ पार्टी में किसी भी कदम पर पार्टी के नेता सवाल उठाने से बचेंगे. हालांकि मौजूदा समय में भी पार्टी पर मोदी-शाह का दबदबा कायम है, लेकिन गुजरात की जीत और ताकत देगी.

गुजरात मॉडल के आलोचकों को करारा जवाब

गुजरात विकास मॉडल पर लगातार सवाल विपक्षी दल उठा रहे थे. गुजरात विधानसभा चुनाव के बिगुल बजने से पहले ही कांग्रेस ने 'विकास पागल हो गया' का नारा दिया था, जो सीधे-सीधे हमला गुजरात के विकास मॉडल पर था. इतना ही नहीं कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी बीजेपी को घेरने के लिए गुजरात विकास मॉडल पर सवाल खड़े कर रहे हैं. इन सब के बीच गुजरात में बीजेपी की जीत. गुजरात के विकास मॉडल पर सवाल उठाने वालों के लिए करारा जवाब है.

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आर्थिक सुधारों की ओर कदम बढेंगे

गुजरात को आर्थिक प्रदेश भी माना जाता है. नोटबंदी और जीएसटी जैसे कड़े कदम नरेंद्र मोदी ने उठाए हैं. जीएसटी के खिलाफ गुजरात के व्यापारियों ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन भी किया था. इसके अलावा कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी मोदी सरकार को घेरने के लिए जीएसटी को मुद्दा भी बनाया है. इसके बावजूद बीजेपी को गुजरात के सियासी रण नरेंद्र मोदी जिताने में कामयाब हो जाते हैं, तो आर्थिक सुधारों की दिशा में और भी सरकार और भी कड़े कदम बढ़ाएगी.

विपक्ष में बिखराव बढ़ेगा

गुजरात विधानसभा चुनाव में बीजेपी की जीत से विपक्ष को करारा झटका लगा है. गुजरात की हार से कांग्रेस ही नहीं बल्कि बीजेपी विरोधी दलों में हताशा पैदा होगी. इतना ही नहीं गुजरात में हार से विपछी दलों की एकजुटता में बिखराव बढ़ने की संभावना है. गुजरात में कांग्रेस की हार से उसके कई सहयोगी दल साथ छोड़ भी सकते हैं. इससे जहां कांग्रेस का कुनबा कमजोर होगा तो वहीं बीजेपी खेमा मजबूत होगा.

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