चुनाव से पहले गुजरात में 26/11 जैसे हमले का खतरा, PAK ने छीने मछुआरों के आईडी कार्ड

सूत्रों का कहना है कि चुनावी राज्य गुजरात को निशाना बनाने के लिए पाकिस्तानी एजेंसी आईएसआई समुद्र के रास्ते आतंकियों को भेज सकती है, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्टार कैंपेनर होंगे.

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गुजरात में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

नंदलाल शर्मा

  • नई दिल्ली ,
  • 27 अक्टूबर 2017,
  • अपडेटेड 11:58 AM IST

खुफिया एजेंसियों को इस बात की आशंका है कि गुजरात में चुनावी रैलियों पर पाकिस्तान 26/11 स्टाइल का हमला करवा सकता है. पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने इसी महीने गुजरात से लगे मैरीटाइम इंटरनेशनल बॉर्डर के पास चार भारतीय मछुआरों की नौकाएं जब्त कर ली थीं. साथ ही भारतीय मछुआरों के पहचान उपकरण और दस्तावेज भी छीन लिए हैं.

सूत्रों का कहना है कि चुनावी राज्य है, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्टार कैंपेनर होंगे.

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सूत्रों ने बताया कि इसी सप्ताह पोरबंदर से चार नौकाएं पाकिस्तानी सीमा के पास गहरे समुद्र में मछली मारने के लिए गई थीं, जिन्हें पाकिस्तानी मैरीटाइम सिक्योरिटी एजेंसी (कोस्टगार्ड) ने पकड़ लिया और इनके विशिष्ट पहचान उपकरण और पहचान पत्र छीन लिए हैं.

उन्होंने कहा कि विशिष्ट पहचान उपकरण को किसी अन्य नौका पर लगाया जा सकता है, जिससे उन्हें भारतीय पहचान मिल जाएगी. इसकी मदद से आतंकी भारतीय समुद्री सीमा में प्रवेश कर सकते हैं.

बता दें कि दोनों देशों की मैरीटाइम एजेंसी नियमित अंतराल पर एक दूसरे की नौकाएं जब्त करती रहती हैं क्योंकि सरक्रीक के पास अरब सागर में सीमा स्पष्ट नहीं है और बहुत सारी नौकाओं के पास ऐसे उपकरण नहीं होते कि उन्हें सटीक लोकेशन का पता चल सके. सूत्रों ने कहा कि पाकिस्तानियों ने नौकाओं को जब्त कर रखा नहीं और न ही मछुआरों को खास परेशान किया, लेकिन उनके पहचान पत्र और रजिस्ट्रेशन पेपर लेकर चले गए.

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गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात के ही रहने वाले हैं और उम्मीद है कि वे राज्य के हर हिस्से में प्रचार के लिए जाएंगे. यूपी के सीएम योगी के भी गुजरात के द्वारका सहित तटीय इलाकों में कुछ रैलियां करने की योजना है.

सूत्रों ने कहा कि पाकिस्तानी एजेंसियों ने इससे पहले भी इंटरनेशनल बॉर्डर पर मछुआरों की नौकाएं जब्त की हैं, लेकिन शायद ही कभी गहरे समुद्र में यूआईडी और पहचान पत्र छीना हो.

नवंबर 2008 में मुंबई पर हमला करने के लिए आतंकियों ने मछली मारने वाले जलयान एमवी कुबेर को हाइजैक कर लिया था. इसके बाद से ही प्रशासन ने मछुआरों को यूआईडी और बायोमैट्रिक कार्ड जारी करना शुरू किया था.

यूआईडी के होने से मैरीटाइम सिक्योरिटी एजेंसियों को मछुआरों की पहचान करने में आसानी होती है. हर दिन मछली मारने के उद्देश्य से लाखों नौकाएं समुद्र में जाती हैं और वापस पोर्ट पर लौट आती हैं.

खुफिया एजेंसियों ने गुजरात के तटीय इलाकों में अलर्ट जारी किया है और इस मामले पर पाकिस्तानी मैरीटाइम सिक्योरिटी एजेंसी के साथ बात होगी. नौकाओं और मछुआरों को दिए जाने वाले बायोमैट्रिक कार्ड के जरिए मरीन पुलिस और मत्स्य विभाग नौका और मछुआरों की पहचान कर लेते हैं.

पिछले चार-पांच साल में गुजरात में लगभग दो लाख मछुआरों को बायोमैट्रिक कार्ड जारी किए गए हैं. गुजरात के तटीय इलाकों में हाल के दिनों में पाकिस्तानी सिक्योरिटी एजेंसी और खुफिया एजेंसियों की हरकतें बढ़ी हैं.

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दिसबंर 2014 में पोरबंदर के पास कथित रूप से नारकोटिक्स से भरी एक पाकिस्तानी नौका ने भारतीय कोस्टगार्ड द्वारा पीछा किए जाने पर गहरे समुद्र में खुद को विस्फोटक से उड़ा लिया था.

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