यूपी में प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में हुए विवाद और हंगामे की छानबीन के लिए राज्य प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने 5 सदस्यों की एक जांच टीम बनाई है. पूर्व प्रदेश अध्यक्ष बृजलाल खाबरी को इस टीम की कमान सौंपी गई है. उनके अलावा सह-प्रभारी अभिषेक दत्त और अब्दुल हन्नान, पूर्व सांसद रवि वर्मा, महिला कांग्रेस की वरिष्ठ नेत्री शमीना शफीक को बतौर सदस्य शामिल किया गया है. यह समिति सात दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट आलाकमान को सौंपेगी.
दरअसल, रविवार को प्रदेश कार्यालय में नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा 'मोना' और कार्यकारी अध्यक्ष इमरान मसूद का पदभार ग्रहण कार्यक्रम निर्धारित था. तय परंपरा के मुताबिक, निवर्तमान अध्यक्ष अजय राय को उन्हें कार्यभार सौंपना था. दोनों नेता कुछ ही अंतराल पर दफ्तर पहुंचे. मोना गांधी प्रतिमा पर नमन करने लगीं, जबकि अजय राय समर्थकों संग प्रदेश अध्यक्ष के कक्ष की तरफ बढ़ रहे थे.
इसी दौरान वहां मौजूद महिला पार्षद ममता चौधरी ने अजय राय पर कथित रूप से अभद्र टिप्पणी कर दी. इस पर राय ने आपत्ति जताई, जिसके बाद उनके समर्थकों और पार्षद के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई. मामला इतना बढ़ा कि राय समर्थक अमित और संदीप ने पार्षद पर हमला कर दिया और देखते ही देखते दोनों पक्षों में मारपीट व हाथापाई शुरू हो गई.
इस पूरे घटनाक्रम से पार्टी की छवि को खासा नुकसान पहुंचा है. मामले को गंभीरता से लेते हुए राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर जिम्मेदार लोगों पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी. समिति मंगलवार से पड़ताल शुरू करेगी. उधर, अजय राय ने कहा कि वह घटना के बाद अपने क्षेत्र वाराणसी लौट चुके हैं और संगठन के काम में जुटे हैं. हालांकि, उन्होंने इस बवाल और जांच समिति पर कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया.
समर्थ श्रीवास्तव