‘सिस्टमैटिक तरीके से पंजाब को लूटा’, सुनील जाखड़ का AAP पर बड़ा हमला

पंजाब की सियासत में बीजेपी और आम आदमी पार्टी के बीच टकराव के बीच बीजेपी नेता सुनील जाखड़ ने ‘पंचायत आजतक पंजाब’ में कई मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी.

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पंचायत आजतक पंजाब में सुनील जाखड़ (Photo-ITG)  पंचायत आजतक पंजाब में सुनील जाखड़ (Photo-ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली ,
  • 08 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 8:12 PM IST

‘पंचायत आजतक पंजाब’ में बीजेपी के वरिष्ठ नेता सुनील जाखड़ ने पंजाब की मौजूदा सियासत, कानून-व्यवस्था, नशे, भ्रष्टाचार और आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर खुलकर अपनी बात रखी. बीजेपी से नाराजगी की खबरों पर उन्होंने कहा कि पार्टियां बदल सकती हैं, लेकिन सुनील जाखड़ नहीं बदलते, उन्होंने कहा कि उनका नजरिया हमेशा ‘नेशन फर्स्ट, पंजाब फर्स्ट’ रहा है और आगे भी रहेगा.

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पंजाब में बीजेपी और शिरोमणि अकाली दल के बीच गठबंधन की संभावनाओं को लेकर पूछे गए सवाल पर जाखड़ ने कहा कि फिलहाल पार्टी सभी 117 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है, उन्होंने कहा कि जब समय आएगा, तब गठबंधन को लेकर फैसला होगा. उन्होंने कहा कि बीजेपी के राष्ट्रीय नेतृत्व की ओर से भी 117 सीटों पर तैयारी की बात कही गई है, जाखड़ ने गठबंधन की राजनीति को लेकर कहा कि किसी भी समझौते में अपनी मजबूत स्थिति होना जरूरी है. उन्होंने बीजेपी और अकाली दल के पुराने रिश्ते का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय गठबंधन के पीछे पंजाब में हिंदू-सिख भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द को मजबूत बनाए रखने की भावना भी थी.

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पंजाब की कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल

जाखड़ ने पंजाब की मौजूदा कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए, उन्होंने कहा कि राज्य में आज लोग खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि पंजाब पुलिस को लेकर सरकार की ओर से ऐसे निर्देश दिए जा रहे हैं, जिनसे पुलिस की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े होते हैं.

उन्होंने अमृतसर में सुरक्षा व्यवस्था का मुद्दा भी उठाया और कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री से अमृतसर में केंद्रीय बल और सीबीआई के अधिकारियों की संख्या बढ़ाने की मांग की है.

सीबीआई की हालिया कार्रवाई पर जाखड़ ने कहा कि इसे केवल चुनाव से जोड़कर देखना सही नहीं है, उन्होंने कहा कि अगर पंजाब में भ्रष्टाचार को लेकर जांच हो रही है तो यह कार्रवाई पहले ही हो जानी चाहिए थी, जाखड़ ने पिछले साल सामने आए एक मामले का जिक्र करते हुए दावा किया कि जांच एजेंसी ने बड़ी मात्रा में नकदी और सोना बरामद किया था और एक डायरी भी मिली थी, जिसमें कथित तौर पर अधिकारियों और नेताओं के नाम दर्ज थे, उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच को आगे बढ़ाया जाना चाहिए था और दोषियों को सामने लाया जाना चाहिए.

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‘सभी नेताओं की संपत्तियों की जांच हो’

भ्रष्टाचार के आरोपों पर जाखड़ ने कहा कि किसी एक पार्टी या नेता को निशाना बनाने के बजाय सभी राजनीतिक दलों के नेताओं और पूर्व नेताओं की संपत्तियों की जांच होनी चाहिए, उन्होंने कहा कि जांच से यह स्पष्ट होना चाहिए कि जिन लोगों के पास कभी बड़ी संपत्ति नहीं थी, उनके पास आज इतनी संपत्ति कहां से आई. उन्होंने पंजाब में बढ़ते फार्म हाउस और जमीनों की कीमतों का भी जिक्र किया और सरकार से ऐसे मामलों की जांच की मांग की.

AAP सरकार पर ‘सिस्टमैटिक तरीके से पंजाब को लूटने’ का आरोप

जाखड़ ने आम आदमी पार्टी सरकार पर बेहद तीखा हमला बोला, उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार को एक तरह से “कंपनी” की तरह चलाया जा रहा है, उन्होंने पंजाब डेवलपमेंट कमीशन (PDC) को लेकर भी सवाल उठाए और दावा किया कि इसमें बड़ी संख्या में बाहरी विशेषज्ञों को नियुक्त किया गया है और उन्हें भारी वेतन दिया जा रहा है.

उन्होंने आरोप लगाया कि इन लोगों के पास राज्य की नीतियों और रणनीतिक फैसलों में प्रभाव है, जबकि उनकी जवाबदेही को लेकर सवाल हैं, जाखड़ ने कहा कि उन्हें इन लोगों की क्षमता पर नहीं, बल्कि उनकी “नीयत” पर सवाल है.

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जमीन अधिग्रहण को लेकर भी लगाए आरोप

जाखड़ ने लुधियाना और मोहाली के आसपास जमीन अधिग्रहण को लेकर भी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए, उन्होंने दावा किया कि लुधियाना में बड़ी मात्रा में जमीन के अधिग्रहण के लिए नोटिस जारी किए गए थे, उनके मुताबिक, विरोध के बाद सरकार को इस प्रक्रिया से पीछे हटना पड़ा. 

नशे के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा

पंजाब में नशे की समस्या पर जाखड़ ने कहा कि यह राज्य की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है, उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ अभियान केवल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इसके लिए प्रभावी कार्रवाई जरूरी है. उन्होंने आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक प्रतिस्पर्धा पर भी टिप्पणी की और आरोप लगाया कि दोनों दल कई मुद्दों पर एक-दूसरे के करीब दिखाई देते हैं. चंडीगढ़ में दोनों दलों के संयुक्त उम्मीदवार का उदाहरण देते हुए उन्होंने विपक्षी दलों की रणनीति पर सवाल उठाए.

‘सच्चाई बोलने की कीमत चुकानी पड़ती है’

अपने राजनीतिक अंदाज और बेबाक बयानों को लेकर जाखड़ ने कहा कि वह जैसे हैं, वैसे ही रहेंगे, उन्होंने कहा कि सच्चाई बोलने की कीमत चुकानी पड़ती है, लेकिन वह अपनी बात रखने से पीछे नहीं हटेंगे, जाखड़ ने कहा कि पंजाब के लोगों को सरकार के दावों और जमीनी हकीकत के बीच का फर्क खुद समझना चाहिए, उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान के गांव जाकर वहां के लोगों से विकास और सरकार के कामकाज को लेकर सवाल करने की चुनौती भी दी.

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मंत्रियों पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों का भी जिक्र

जाखड़ ने आम आदमी पार्टी सरकार के दौरान मंत्रियों पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ मंत्रियों को रिश्वत के आरोपों में हटाया गया था, लेकिन बाद में उन्हें क्लीन चिट दिए जाने पर भी सवाल उठे. उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई किसी राजनीतिक जरूरत के हिसाब से नहीं, बल्कि निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए. पंजाब में भ्रष्टाचार और नशे की समस्या से निपटने के लिए जवाबदेही तय करना जरूरी है.

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