उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में वोटर लिस्ट में गड़बड़ी के मामले में बड़ी कार्रवाई की गई है. जिलाधिकारी आलोक कुमार के मुताबिक, इस मामले में दो एसडीएम और एक कंप्यूटर ऑपरेटर समेत तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. एसआईआर के दौरान वोटर लिस्ट में गड़बड़ी सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई है. चुनाव आयोग ने मामले की जांच के बाद जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए थे.
दरअसल, मामला पीलीभीत सदर विधानसभा क्षेत्र की वोटर लिस्ट से जुड़ा है. उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा को शिकायत मिली थी कि ऑनलाइन पोर्टल पर मतदाता पहचान पत्र यानी EPIC नंबर डालने पर किसी दूसरे वोटर का विवरण दिखाई दे रहा है. मामले की जांच कराई गई तो वोटर लिस्ट में गड़बड़ी की पुष्टि हुई.
मुख्य निर्वाचन अधिकारी की ओर से जारी निर्देशों के मुताबिक, पीलीभीत की वोटर लिस्ट में सामने आई गड़बड़ियों को तत्काल ठीक करने को कहा गया है. संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) और वीआरसी ऑपरेटर को वोटर लिस्ट से जुड़े काम से हटाने के निर्देश भी दिए गए. इसके साथ ही जिम्मेदार लोगों के खिलाफ जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 32 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई करने को कहा गया.
जिला निर्वाचन अधिकारी को पीलीभीत जिले की सभी विधानसभा सीटों की वोटर लिस्ट की गहन जांच कर दो दिन के भीतर विस्तृत रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है. उत्तर प्रदेश के बाकी जिलों के निर्वाचन अधिकारियों को भी अपने-अपने क्षेत्रों में मतदाता सूचियों की जांच करने और दो दिन में रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है.
कांग्रेस ने लगाए थे बड़े पैमाने पर गड़बड़ी के आरोप
इससे पहले कांग्रेस ने पीलीभीत सदर विधानसभा क्षेत्र की वोटर लिस्ट में बड़े पैमाने पर हेरफेर का आरोप लगाया था. पार्टी का दावा था कि 13,150 वोटर्स के नाम बदल दिए गए, जबकि उनके EPIC और क्रम संख्या वही रहे. कांग्रेस ने 884 वोटर्स के नाम हटाने और 2,600 ऐसे लोगों के नाम जोड़ने का भी आरोप लगाया था, जो कथित तौर पर उस इलाके में नहीं रहते.
सौरभ पांडे