उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच बीजेपी संगठन के अंदर की चुनौतियां भी सामने आ रही हैं. पश्चिमी यूपी में पार्टी के पुराने कार्यकर्ताओं ने नेतृत्व के सामने कई शिकायतें रखी हैं. इन शिकायतों में पुराने कार्यकर्ताओं की अनदेखी से लेकर बाहरी चेहरों को ज्यादा तवज्जो देने तक के आरोप शामिल हैं.
दरअसल, 21 और 22 सितंबर को बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने मेरठ और सहारनपुर का दौरा किया. इस दौरान संगठन से जुड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें हुईं. इन बैठकों में संगठन की स्थिति और चुनावी तैयारियों पर चर्चा हुई.
पुराने कार्यकर्ताओं ने उठाया ‘बाहरी बनाम मूल कैडर’ का मुद्दा
मेरठ में पार्टी के पुराने कार्यकर्ताओं ने संगठन में अपनी उपेक्षा का मुद्दा उठाया. कार्यकर्ताओं का आरोप था कि पार्टी में सिफारिश के जरिए आने वाले चेहरों को ज्यादा महत्व दिया जा रहा है. उनका कहना था कि जो लोग लंबे समय से पार्टी के लिए काम कर रहे हैं, उन्हें अपेक्षित जिम्मेदारियां नहीं मिल रही हैं. वहीं, दूसरे चेहरों को संगठन और सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी जा रही हैं.
इस शिकायत के साथ ‘बाहरी बनाम मूल कैडर’ का मुद्दा भी सामने आया. पुराने कार्यकर्ताओं ने नेतृत्व से इस स्थिति पर ध्यान देने की मांग की.
मेरठ में सेंट्रल मार्केट प्रकरण का मुद्दा भी बैठक में उठा. कार्यकर्ताओं ने इस मामले को लेकर जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर सवाल उठाए. कार्यकर्ताओं का कहना था कि इस मामले में व्यापारियों को जिस तरह का समर्थन मिलना चाहिए था, वह नहीं मिला. उनका दावा था कि इसका असर क्षेत्र में पार्टी की राजनीति और कार्यकर्ताओं के बीच नाराजगी पर पड़ सकता है.
इसके अलावा कुछ कार्यकर्ताओं ने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के व्यवहार को लेकर भी शिकायतें दर्ज कराईं.
2027 से पहले संगठन को एकजुट करने की कोशिश
इन शिकायतों के बीच बीजेपी नेतृत्व अब संगठन को एकजुट करने पर जोर दे रहा है. नितिन नवीन ने कार्यकर्ताओं से पुराने मतभेद भूलकर चुनाव की तैयारी में जुटने की अपील की. उन्होंने कार्यकर्ताओं से तीसरी बार बीजेपी की सरकार बनाने के लिए एकजुट होकर काम करने का संदेश दिया. पश्चिमी यूपी में संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और जमीनी फीडबैक लेने पर भी जोर दिया गया है.
नितिन नवीन का यूपी में राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद पहला दौरा 4-5 जुलाई को लखनऊ का था. उस दौरान उन्होंने पार्टी के पुराने और हाशिए पर पहुंचे पूर्व जनप्रतिनिधियों और पदाधिकारियों से मुलाकात की थी. उन्होंने उनकी समस्याएं सुनी थीं. अब पश्चिमी यूपी के दौरे में भी संगठन के अंदर की शिकायतें नेतृत्व के सामने पहुंची हैं.
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मेरठ में पुराने कार्यकर्ताओं की नाराजगी ज्यादा खुलकर सामने आई. उनका कहना है कि लंबे समय से पार्टी के लिए काम करने वाले मूल कैडर को संगठन में पर्याप्त जगह और जिम्मेदारी मिलनी चाहिए. बीजेपी के लिए अब इन शिकायतों के बीच संगठन को साथ लेकर 2027 की तैयारियां आगे बढ़ाना अहम है. पश्चिमी यूपी में पार्टी का संगठनात्मक फीडबैक इसी प्रक्रिया का हिस्सा है.
आशीष श्रीवास्तव