लखनऊ में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी के बीच बसपा अब युवाओं पर ज्यादा भरोसा दिखा रही है. पार्टी ने साफ संकेत दिए हैं कि इस बार संगठन से लेकर सोशल मीडिया और चुनावी मैदान तक युवा चेहरों को आगे लाया जाएगा. बसपा को उम्मीद है कि जेन-जी और युवा मतदाताओं के बीच अपनी सक्रियता बढ़ाकर वह अपनी राजनीतिक जमीन फिर मजबूत कर सकती है.
इसी रणनीति के तहत प्रत्याशी चयन में भी युवा चेहरों को प्राथमिकता दी जा रही है. जालौन की माधौगढ़ सीट से बसपा ने आशीष पांडेय को अपना पहला प्रत्याशी घोषित किया है. उन्हें पार्टी के युवा चेहरों में गिना जा रहा है. इसके अलावा आधा दर्जन से अधिक अन्य घोषित प्रत्याशी भी युवा बताए जा रहे हैं. इससे यह संदेश दिया जा रहा है कि 2027 के लिए बसपा अपनी नई टीम तैयार कर रही है.
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पार्टी ने 2024 लोकसभा चुनाव के बाद संगठन में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया है. राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद को जेन-जी की नब्ज टटोलने की जिम्मेदारी दी गई है. पार्टी युवा वर्ग के बीच अपनी सक्रियता बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है.
आकाश आनंद को राष्ट्रीय संयोजक बनाने के साथ आजमगढ़ की प्रोफेसर इंदु चौधरी को भी अहम जिम्मेदारियां दी गई हैं. बसपा की कोशिश है कि युवा नेतृत्व को सिर्फ चेहरे के तौर पर नहीं, बल्कि जिम्मेदारी देकर आगे बढ़ाया जाए.
घूम-घूमकर जनसभाएं कर रहे आकाश आनंद
सोशल मीडिया पर पार्टी को सक्रिय रखने की जिम्मेदारी भी आकाश आनंद की टीम संभाल रही है. हाथरस के सादाबाद में आकाश आनंद की जनसभा के दौरान उनकी टीम ने एक्स पर #बहन_जी_का_संदेश अभियान चलाया. यह हैशटैग कुछ ही मिनटों में पहले नंबर पर ट्रेंड करने लगा. इसके समर्थन में बड़ी संख्या में युवा जुड़े. पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों से लेकर कार्यकर्ताओं तक ने इस अभियान को आगे बढ़ाया.
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अपनी चुनावी जमीन तैयार करने में जुटी बसपा
हालिया जेन-जी आंदोलन के बाद बसपा को लगता है कि युवाओं के बीच अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने का मौका बन सकता है. युवाओं को पार्टी के अहम पदों पर जिम्मेदारी देने की घोषणा के बाद बसपा सुप्रीमो मायावती ने छात्र आंदोलन का खुलकर समर्थन किया है. कुल मिलाकर बसपा 2027 के लिए युवा चेहरों, सोशल मीडिया एक्टिविटी और नई संगठनात्मक जिम्मेदारियों के सहारे अपनी नई चुनावी जमीन तैयार करने में जुटी है.
आशीष श्रीवास्तव