आईएएस की नौकरी छोड़कर राजनीति में आने की घोषणा करने वाली दिव्या मित्तल इन दिनों अपने अगले कदम को लेकर चर्चा में हैं. नवरात्र में वह मिर्जापुर जिले में स्थित मां विंध्यवासिनी के दरबार में हैं. यहां उन्होंने अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर कई सवालों के जवाब दिए. दिव्या मित्तल ने कहा कि वह अपने आने वाले कदमों की पूरी जानकारी इसी नवरात्र में सार्वजनिक करेंगी. हालांकि, उन्होंने एक बार फिर साफ कहा कि वह फिलहाल किसी भी राजनीतिक पार्टी में शामिल होने नहीं जा रही हैं.
मिर्जापुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की चर्चाओं के बीच दिव्या मित्तल ने अभी अपने चुनाव लड़ने की पुष्टि नहीं की है. उन्होंने कहा कि राजनीति में आने की घोषणा कर चुकी हैं और अब आगे कब, कैसे, क्या और कहां करना है, इसकी जानकारी जल्द देंगी. उनके मुताबिक, लोगों में उनके अगले कदम को लेकर काफी जिज्ञासा है, लेकिन इसके लिए अभी थोड़ा इंतजार करना होगा.
नवरात्र के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा के अवसर पर दिव्या मित्तल विंध्याचल पहुंचीं थी. यहां उनसे पूछा गया कि आईएएस पद से इस्तीफा देने और राजनीति में आने की घोषणा के बाद क्या वह किसी नई राजनीतिक पार्टी के साथ अपनी पारी शुरू करने जा रही हैं? इस पर उन्होंने कहा, मैं मां विंध्यवासिनी के दरबार में आई हूं. अपने अगले कदम को लेकर उन्होंने कहा कि आने वाले जीवन में वह जो भी करेंगी, उसकी जानकारी नवरात्र में ही सार्वजनिक करेंगी. उन्होंने कहा कि कैसे, कब और कहां, इसकी पूरी जानकारी बहुत जल्द दी जाएगी.
राजा भैया के साथ तस्वीर और पार्टी में जाने की चर्चा पर क्या बोलीं?
दिव्या मित्तल से सवाल किया गया कि सोशल मीडिया पर राजा भैया के साथ उनकी तस्वीर वायरल होने के बाद उनके किसी राजनीतिक दल में शामिल होने की चर्चाएं हो रही हैं. क्या किसी पार्टी से बातचीत चल रही है? इस पर उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि वह किसी भी पार्टी में शामिल होने नहीं जा रही हैं. उन्होंने कहा, मैंने बहुत स्पष्ट शब्दों में और काफी विस्तार से पिछले वीडियो में भी कहा है. आज आपके सामने भी बिल्कुल स्पष्ट कर रही हूं कि मैं किसी की भी पार्टी में शामिल होने नहीं जा रही हूं. मैं पुनः कह देती हूं कि मैं किसी की भी पार्टी में शामिल होने नहीं जा रही हूं.
क्या मिर्जापुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ेंगी?
दिव्या मित्तल से यह भी पूछा गया कि क्या मिर्जापुर नगर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ना तय है. इस सवाल पर उन्होंने कोई सीधा जवाब नहीं दिया. उन्होंने कहा कि राजनीति में आने की घोषणा कर चुकी हैं और आगे के कदमों के बारे में जल्द जानकारी देंगी. दिव्या मित्तल से यह सवाल भी पूछा गया कि क्या उनकी मुलाकात कांग्रेस नेता राहुल गांधी से हुई है. इस पर उन्होंने ऐसी किसी मुलाकात से इनकार किया. उन्होंने कहा कि वह अपने वीडियो में पहले ही स्पष्ट कर चुकी हैं कि राहुल गांधी से उनकी कोई मुलाकात नहीं हुई है. इस जवाब के जरिए उन्होंने अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच एक और अटकल पर स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की.
IAS की नौकरी छोड़कर राजनीति में क्यों आईं दिव्या मित्तल?
दिव्या मित्तल से पूछा गया कि आईएएस का पद एक बड़ी जिम्मेदारी माना जाता है और कई लोगों का सपना होता है. ऐसे में उन्होंने यह पद छोड़कर राजनीति में आने का फैसला क्यों किया? क्या उन्हें सरकारी व्यवस्था में काम करने के दौरान किसी तरह की परेशानी का सामना करना पड़ा? इस पर उन्होंने कहा कि वह पहले ही करीब 90 मिनट के वीडियो में अपनी बात विस्तार से रख चुकी हैं. उनके मुताबिक, राजनीति ऐसा मंच है, जो देश को दिशा देने में भूमिका निभाता है. उन्होंने अपनी बात समझाने के लिए सड़क और मंजिल का उदाहरण दिया. दिव्या मित्तल ने कहा कि कोई अधिकारी कितना भी अच्छा काम करने वाला क्यों न हो, अगर सड़क शिमला की ओर जाती है तो वह शिमला पहुंचेगा और अगर सड़क कन्याकुमारी की ओर जाती है तो वह कन्याकुमारी पहुंचेगा. उन्होंने कहा, 'अगर मैं दिशा में अपना कंट्रीब्यूशन करना चाहती हूं तो उसके लिए राजनीति ही सही मंच है. दिव्या मित्तल ने कहा कि वह राजनीति के माध्यम से क्या करना चाहती हैं और उनका विजन क्या है, इसके बारे में इसी नवरात्र में सार्वजनिक रूप से बताएंगी.
'मैं अपने आप को किस्मत वाली समझती हूं'
आईएएस की नौकरी छोड़ने के फैसले पर बात करते हुए दिव्या मित्तल ने कहा कि वह अपने आप को भाग्यशाली मानती हैं कि उन्हें प्रशासनिक सेवा में काम करने का मौका मिला. उन्होंने कहा कि आईएएस के रूप में उन्होंने बहुत काम किया और लोगों से उन्हें आशीर्वाद व स्नेह भी मिला. उनके मुताबिक, प्रशासनिक सेवा में रहते हुए उन्होंने अपने स्तर पर योगदान दिया, लेकिन अब उन्हें लगता है कि देश को दिशा देने के लिए राजनीति एक बेहतर मंच हो सकती है. उन्होंने अपने पिछले पत्र का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने अपनी बात रखी थी. दिव्या मित्तल ने यह स्पष्ट किया कि प्रशासनिक सेवा में काम करने के अनुभव को वह अपने जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा मानती हैं.
नौ दिन विंध्याचल में रहेंगी दिव्या मित्तल
दिव्या मित्तल ने बताया कि उनका नौ दिन तक विंध्याचल में रहने का कार्यक्रम है. उन्होंने कहा कि फिलहाल वह यहीं हैं और आगे के कार्यक्रमों के बारे में समय आने पर जानकारी मिलती रहेगी. जब उनसे पूछा गया कि क्या वह नवरात्र के दौरान अन्य देवी मंदिरों में भी दर्शन करने जाएंगी, तो उन्होंने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि एक अन्य देवी मंदिर में भी दर्शन करने हैं और वह आने वाले समय में वहां जरूर जाएंगी.
सुरेश कुमार सिंह