मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हैं. सीईसी लखनऊ में राजधानी लखनऊ के साथ ही आसपास के जिलों के करीब पांच सौ से अधिक बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) से सीधा संवाद करेंगे. बीएलओ से सीईसी का संवाद 25 अगस्त को होना है. यूपी विधानसभा का कार्यकाल 22 मई 2027 तक है. विधानसभा चुनाव अगले साल की शुरुआत में होने हैं, लेकिन सीईसी के दो दिवसीय दौरे को लेकर हलचल बढ़ गई है.
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का उत्तर प्रदेश में लखनऊ का दो दिवसीय दौरा 2027 के शुरुआती महीनों में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव की प्रारंभिक तैयारियों की भूमिका लिखता हुआ दिख रहा है. चर्चाओं के गलियारे में इसे चुनावी मशीनरी को मजबूत करने का हिस्सा भी माना जा रहा है. चुनाव से काफी पहले सीईसी के इस दौरे का मतलब केवल तात्कालिक चुनाव कराना ही नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को जमीनी स्तर पर सुदृढ़ बनाना भी बताया जा रहा है.
सीईसी के इस अचानक या समय से पहले दिख रहे दौरे के कई प्रशासनिक और रणनीतिक कारण भी हैं. इस दौरे का मतलब चुनावी तैयारी ही है, लेकिन इसका फोकस राजनीतिक रैलियों या तारीखों के ऐलान पर नहीं बल्कि प्रशासनिक तैयारियों (डिजिटल इकोसिस्टम, ईएलसी पोर्टल, वोटर लिस्ट वेरिफिकेशन) और नए वोटर्स को जोड़ने पर केंद्रित है. लखनऊ में पांच सौ से अधिक बीएलओ से सीईसी के सीधा संवाद करने के पीछे भी कई कारण हो सकते हैं.
अव्वल तो जमीनी स्तर पर चुनावी मशीनरी की समीक्षा हो रही है. निर्वाचन आयोग के मुताबिक बूथ लेवल अफसर लोकतंत्र में चुनावी प्रक्रिया का मुख्य आधार यानी नींव होते हैं. 25 अगस्त को मुख्य चुनाव आयुक्त लखनऊ और आसपास के जिलों के लगभग 500 BLOs से सीधे बात करने वाले हैं. हालांकि कहा जा रहा है कि इस दौरे और इस बैठक के पीछे का मकसद वोटर लिस्ट प्रबंधन को बेहतर और त्रुटिहीन बनाना है. यानी फर्जी या स्थानांतरित हो चुके नाम हटाने के साथ जमीनी स्तर के सुझाव समझना है.
सीईसी का लक्ष्य युवा और नए मतदाताओं को जोड़ना भी है. निर्वाचन आयोग में उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक इस दौरे के पीछे एक और वजह इलेक्टोरल लिटरेसी यानी ELC 2.0 और ECINET के आधुनिक वर्जन की लॉन्चिंग भी है. आयोग इस दौरे के दौरान इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब्स 2.0 और ECINET के क्षेत्रीय सम्मेलन का आयोजन भी कर रहा है. इसका मकसद स्कूलों और कॉलेजों के माध्यम से युवाओं में वोटर लिस्ट में नाम दर्ज कराने के अलावा मतदान के प्रति उनमें जागरुकता बढ़ाना भी है. जिससे वे समय रहते अपना वोटर आईडी कार्ड बनवा सकें.
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने लखनऊ में अपने पुराने कॉलेज कोल्विन तालुकदार कॉलेज में छात्रों के साथ बातचीत की है. निर्वाचन आयोग और उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अनुसार, यह दौरा 2027 के विधानसभा चुनावों की प्रारंभिक तैयारी और समीक्षा प्रक्रिया का सामान्य हिस्सा है. वैसे भी आयोग चुनाव की तैयारी में तो पूरे साल जुटा रहता है, लिहाजा ये कहना कि अभी वाला दौरा ही शुरुआत है, सही नहीं होगा. यूपी में समय से पहले चुनाव की घोषणा के लिए कोई ठोस वजह नहीं दिखती.
हालांकि, इसे लेकर राजनीतिक गलियारों में हलचल है. राजनीतिक दल और प्रशासनिक दफ्तरों में कानाफूसी और अटकलें भी चल रही हैं कि जनगणना के चरणों या राजनीतिक समीकरणों को देखते हुए तैयारियां पहले से चुस्त-दुरुस्त रखी जा रही हैं ताकि किसी भी स्थिति के लिए आयोग तैयार रहे. पहले भी उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव की तैयारियों के लिए निर्वाचन आयोग समय से पहले तत्पर दिखा है, लेकिन सितंबर में अगस्त में आयोग की अनौपचारिक सक्रियता से अटकलों और चर्चाओं का बाजार गरम है.
गौरतलब है कि साल 2017 के विधानसभा चुनाव के लिए निर्वाचन आयोग ने औपचारिक दौरा 26 सितंबर से 27 सितंबर 2016 को किया था. तत्कालीन मुख्य निर्वाचन आयुक्त सैयद नसीम अहमद ज़ैदी के नेतृत्व में निर्वाचन आयोग की पूरी टीम ने लखनऊ का दौरा कर चुनावी तैयारियों की समीक्षा की थी. चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों, प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों सहित चुनाव प्रक्रिया में सह भागीदार कई टीम के लोगों से पारंपरिक रूप से होने वाली मैराथन बैठकें की थीं. उस दौरे से ठीक पहले 20-21 सितंबर 2016 को उप-निर्वाचन आयुक्त विजय देव ने भी राज्य की प्रारंभिक तैयारियों का जायजा लिया था.
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इसी तरह साल 2022 विधानसभा चुनाव के लिए निर्वाचन आयोग की आका टीम ने 28 दिसंबर से 30 दिसंबर 2021 तक 3 दिवसीय दौरा किया था. तब तत्कालीन मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुशील चंद्रा के नेतृत्व में आयोग की पूरी टीम ने लखनऊ का दौरा कर सभी राजनीतिक दलों के साथ बैठकें कर कोविड प्रोटोकॉल के तहत समय पर चुनाव कराने की समीक्षा की थी. लेकिन इस बार एक तो अनौपचारिक दौरा और वो भी इतना पहले होने से विधान सभा चुनाव तय अवधि से पहले कराए जाने की अटकलों को बल देता नजर आता है.
संजय शर्मा