पंजाब में मिलेगा बिग रोल? राघव चड्ढा की PM मोदी से मुलाकात पर होने लगी चर्चा

राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा और प्रधानमंत्री मोदी की मुलाकात से सियासी गलियारे में खलबली मच गई है. राघव चड्ढा ने इसे एक यादगार सुबह बताया है. पंजाब चुनाव से पहले हुई इस मुलाकात के बाद अटकलों का बाज़ार गर्म हो गया है.

Advertisement
राघव चड्ढा और प्रधानमंत्री मोदी की मुलाकात राघव चड्ढा और प्रधानमंत्री मोदी की मुलाकात

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 08 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 2:27 PM IST

शनिवार को BJP सांसद राघव चड्ढा की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अचानक हुई मुलाक़ात ने चर्चाओं का बाज़ार गर्म कर दिया है. AAP के पूर्व नेता ने इस मुलाक़ात की तस्वीरें 'X' पर शेयर करते हुए इसे "यादगार सुबह" बताया. पंजाब विधानसभा चुनावों से कुछ महीने पहले हुई इस मुलाक़ात ने राजनीतिक गलियारों में कई अटकलों को हवा दे दी है. शुक्रवार को शिरोमणि अकाली दल (SAD) के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने भी प्रधानमंत्री से मुलाक़ात की थी.

Advertisement

राघव चड्ढा ने इस साल की शुरुआत में AAP से बगावत करके छह अन्य सांसदों के साथ भाजपा का दामन थामा था. उन्होंने मुलाक़ात में हुई बातचीत का ब्योरा तो नहीं दिया, लेकिन इसे "ज्ञानवर्धक बातचीत" ज़रूर बताया.

चड्ढा ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने का सौभाग्य मिला. यह एक विस्तृत और ज्ञानवर्धक बातचीत थी. उनके बहुमूल्य समय और उनसे मिली सीख व मार्गदर्शन के लिए मैं उनका दिल से आभारी हूं."

यह भी पढ़ें: 'मैं तो बाबा बागेश्वर नहीं हूं...', PM मोदी ने IIT दिल्ली के स्टूडेंट्स से ऐसा क्यों कहा

क्यों हुई मुलाकात?

चड्ढा और प्रधानमंत्री की यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब BJP ने विधानसभा चुनावों से पहले पंजाब में अपनी राजनीतिक गतिविधियां तेज़ कर दी हैं. पंजाब में अगले साल चुनाव होने वाले हैं. चड्ढा राज्यसभा सांसद हैं, राज्यसभा में वे पंजाब का प्रतिनिधित्व करते हैं. जालंधर से उनका पैतृक संबंध है, ऐसे में चुनाव में उन्हें अहम जिम्मेदारी मिलने की उम्मीद है. 

Advertisement

चड्ढा AAP के शुरुआती दिनों से ही पार्टी से जुड़े थे लेकिन अप्रैल में एक बड़ा उलटफेर करते हुए वे छह अन्य सांसदों के साथ भाजपा में शामिल हो गए थे. कभी पंजाब के 'असली मुख्यमंत्री' माने जाने वाले राघव चड्ढा का पार्टी छोड़ना AAP के लिए एक बड़ा झटका था. झटका लगना तो लाज़मी है क्योंकि यही एकमात्र ऐसा राज्य है जहां अभी AAP की सरकार है. 

अब BJP के साथ जुड़ने पर, चड्ढा को कोई अहम भूमिका मिलने की उम्मीद है. 

उन्हें न सिर्फ़ पंजाब की चुनावी राजनीति की अच्छी समझ है, बल्कि उनकी शहरी छवि भी BJP को अमृतसर, लुधियाना और जालंधर जैसे शहरों में अपनी पकड़ मज़बूत करने में सफलता दिला सकती है. खास तौर पर SAD से अलग होने के बाद, BJP को पंजाब में कारोबारी समुदायों और मिडिल-क्लास वोटरों के बीच अपना समर्थन बढ़ाने में थोड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ा रहा है. ऐसे में चड्ढा मददगार साबित हो सकते हैं. 

खास बात यह है कि चड्ढा की मुलाकात से पहले शुक्रवार को प्रधानमंत्री मोदी की सुखबीर सिंह बादल से मुलाकात हुई थी. ऐसे में, यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि भाजपा अपने पुराने सहयोगियों के साथ फिर से रिश्ते सुधारने पर विचार कर सकती है. 

Advertisement

अकाली दल, जिसकी हालत AAP के उभार के बाद से कमज़ोर हुई है भाजपा से मिलने के लिए इच्छुक नजर आ रही है. SAD अब सिमटकर तीन विधायक और एक सांसद तक रह गया है. 

पंजाब में तेजी से बदलते राजनीतिक माहौल के बीच, अगर चड्ढा को कोई भूमिका मिलती है, तो क्या वे BJP की किस्मत बदल पाएंगे? यह तो आने वाले वक्त में ही पता चल पाएगा. 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »