...जब PoK में घुस सेना ने चलाए थे 4 ऑपरेशन, पढ़े सर्जिकल स्ट्राइक की पूरी कहानी

पाकिस्तान में पनप रहे आतंक को मात देने के लिए आज से ठीक दो साल पहले भारतीय जवानों ने सर्जिकल स्ट्राइक की थी. भारतीय जवानों ने सरहद पार जाकर आतंकियों के ठिकानों को तबाह कर दिया था. पढ़ें पूरी कहानी...

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सर्जिकल स्ट्राइक ऑपरेशन की वीडियो से लिया गया स्क्रीनशॉट सर्जिकल स्ट्राइक ऑपरेशन की वीडियो से लिया गया स्क्रीनशॉट

मोहित ग्रोवर

  • नई दिल्ली,
  • 28 सितंबर 2018,
  • अपडेटेड 9:22 AM IST

सरहद पार जाकर भारतीय सेना के जवानों ने दो साल पहले आतंकियों को मौत के घाट उतार दिया था. आज दो साल बाद एक बार फिर पढ़िए उस सर्जिकल स्ट्राइक की कहानी को और जानें किस तरह जवानों ने आतंकियों को मौत के घाट उतार दिया था. 18 सितंबर 2016 को पाकिस्तान से आए आतंकियों ने जब घात लगाकर भारत के उरी कैंप पर हमला किया और भारत के 19 जवान शहीद हुए तो हर भारतीय का दिल दुखा था. इस दुख के साथ गुस्सा भी था, लोगों ने सीधा मोदी सरकार पर वार किया और जवानों की शहादत का बदला लेने के लिए कहा.

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उरी हमले के करीब दस दिन बाद 28-29 सितंबर 2016 की रात भारतीय सेना ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में घुसकर आतंकियों के ठिकानों को तहस-नहस कर दिया. जब सर्जिकल स्ट्राइक की बात सामने आई तो कई लोगों ने इसपर सवाल भी उठाए. लेकिन जब इसका वीडियो सामने आया तो हर किसी की बोलती बंद हो गई.

कैसे हुई थी सर्जिकल स्ट्राइक?

इस पूरे ऑपरेशन को दो तरीकों से रिकॉर्ड किया गया था, एक तो पैराट्रूपर कमांडोज के ऊपर उड़ता UAV यानी मानव रहित विमान में लगा कैमरा और दूसरा खुद कमांडोज के हेलमेट में लगा कैमरा.

आतंकियों के इस ठिकाने तक पहुंचते-पहुंचते भारतीय कमांडोज का काफी देर हो गई थी. कैमरे की घड़ी भी सुबह 6 बजे के बाद का वक्त दिखा रही है इसीलिए इस ऑपरेशन की तस्वीरें सबसे ज्यादा साफ हैं, पहाड़ की तलहटी में आतंकियों का कैंप, यहां पर घूमते आतंकी साथ ही वर्दी में पाकिस्तानी सेना के जवान भी साफ नजर आ रहे थे. जैसे ही जवान आतंकी ठिकाने के पास पहुंचे और रॉकेट लॉन्चर दागा गया तो एक दम से आतंकियों को ठिकाना हवा में उड़ गया.

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दूसरा कैमरा UAV में लगा था, आसमान से ली गई तस्वीरों में जंगलों के बीच एक चौकीनुमा ढांचा दिख रहा है, यही आतंकियों का कैंप है. रॉकेट हमले से चौकी टुकड़ों में बिखरती नजर आ रही है.

आतंकियों के दूसरे ठिकाने पर भी भारतीय पैराट्रूपर्स ने ऊंचाई से घात लगाकर हमला बोला. UAV कैमरा की तस्वीरों में आतंकी कैंप पर गिरता रॉकेट साफ नजर आ रहा है, रॉकेट हमले के बाद धुएं का गुबार उठता दिखाई देता है. पेड़ों की आड़ में खड़े कमांडोज ने नीचे आतंकी कैंप की ओर रॉकेट दागा और कैंप आग के गोले में तब्दील हो गया.

तीसरे ऑपरेशन के दौरान हेलमेट कैमरा की तस्वीरों में एक कैंप के पास दो आतंकी और दो वर्दीधारी पाकिस्तानी सैनिक नजर आ रहे हैं, तस्वीरों अंदाजा लग रहा है कि भारतीय कमांडो आतंकी कैंप के काफी नजदीक पहुंच गए थे. कैंप के नजदीक खड़े आतंकियों और पाक सैनिकों पर रॉकेट बरसा और कैंप समेत इनके परखच्चे उड़ गए.

चौथे ऑपरेशन की तस्वीरें UAV से ली गई हैं, रात के अंधेरे में 5 आतंकी अपने कैंप के नजदीक चलते फिरते नजर आ रहे हैं. इन्हें अंदाजा भी नहीं था कि अगले ही पल इन पर मौत बरसने वाली है. इधर भारतीय कमांडोज का ट्रिगर दबा और उधर पलक झपकते ही आतंकियों के चीथड़े उड़ गए.

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एलओसी के पार कुल 6 ठिकानों पर भारतीय जांबाजों ने आतंकियों को जहन्नुम पहुंचाया था. और सुबह होते होते पाकिस्तान में जैसे आग लग गई थी.

पाकिस्तानी फौज ने ट्रकों में भरकर आतंकियों की लाशों को मौके से हटाया था ताकि किसी भारतीय फौज की कार्रवाई की भनक न लगे. लेकिन भारतीय सेना की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद पाकिस्तान की पूरी दुनिया में भद्द पिट गई. भारतीय सेना के द्वारा की गई सर्जिकल स्ट्राइक में करीब 50 आतंकी मारे गए थे और कई आतंकी कैंप पूरी तरह से तबाह भी हुए थे.

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