UPSC के 100 साल पूरे, भारत मंडपम में सिक्का और डाक टिकट जारी करेंगे PM मोदी

भारत की नौकरशाही की रीढ़ कहे जाने वाले संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने अपने गठन के 100 साल पूरे कर लिए हैं. इस ऐतिहासिक उपलब्धि के उपलक्ष्य में 1 अक्टूबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम में 'शताब्दी समारोह' का भव्य आयोजन हो रहा है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विशेष स्मारक सिक्का, डाक टिकट और एक खास किताब का विमोचन करेंगे.

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भारत मंडपम में मनेगा UPSC का 'शताब्दी समारोह', देश भर के दिग्गज महामंथन में होंगे शामिल (Photo: Youtube/@Narendra Modi) भारत मंडपम में मनेगा UPSC का 'शताब्दी समारोह', देश भर के दिग्गज महामंथन में होंगे शामिल (Photo: Youtube/@Narendra Modi)

आजतक एजुकेशन डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 30 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 7:28 PM IST

देश को नीति-नियंता और कुशल प्रशासक देने वाली सर्वोच्च संस्था 'संघ लोक सेवा आयोग' (UPSC) की स्थापना के 100 वर्ष पूरे हो चुके हैं. इस ऐतिहासिक पड़ाव को स्मरणीय बनाने के लिए 1 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली स्थित 'भारत मंडपम' में सुबह 11 बजे भव्य शताब्दी समारोह का आयोजन किया जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस खास मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे और देश भर से आए प्रशासनिक दिग्गजों को संबोधित करेंगे.

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विमोचित होंगे स्मारक सिक्का, डाक टिकट और खास किताब

यह कार्यक्रम पिछले साल 1 अक्टूबर से शुरू हुए साल भर लंबे शताब्दी समारोह का भव्य समापन होगा. 1926 में अपनी स्थापना के बाद से आयोग ने भारतीय लोकतंत्र और प्रशासनिक व्यवस्था को आकार देने में जो अमूल्य योगदान दिया है, उसे रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री इस अवसर पर यूपीएससी शताब्दी स्मारक सिक्का जारी करेंगे. साथ ही विशेष स्मारक डाक टिकट का विमोचन करेंगे.

प्रधानमंत्री मोदी '100 लैंडमार्क जजमेंट्स- शेपिंग द पॉलिसीज ऑफ यूपीएससी एंड पब्लिक सर्विस कमीशंस इन इंडिया' नामक पुस्तक का लोकार्पण करेंगे. यह पुस्तक देश में लोक सेवा आयोगों की नीतियों को गढ़ने वाले 100 ऐतिहासिक फैसलों का संग्रह है.

'शताब्दी समारोह-मंथन' में देशभर से जुट रहे दिग्गज

यूपीएससी द्वारा आयोजित यह दो दिवसीय भव्य आयोजन 30 सितंबर और 1 अक्टूबर को हो रहा है. कार्यक्रम के पहले दिन भारत मंडपम में 'शताब्दी समारोह - मंथन' का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न विषयों पर पैनल चर्चाएं हुईं और प्रमुख वक्ताओं ने अपने विचार रखे. इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में देश भर से राज्य लोक सेवा आयोगों के अध्यक्ष व सदस्य, केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षाविद और यूपीएससी के अधिकारी शामिल हो रहे हैं, जो भारतीय लोक सेवा के भविष्य और उसकी नई प्राथमिकताओं पर विचार-विमर्श करेंगे.

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