यूपी संस्कृत बोर्ड 2026 की परीक्षा में प्रदेश में टॉप करने वाले छात्र की खुशी अब कानूनी पचड़े में बदल गई है. प्रतापगढ़ के आसपुर देवसरा थाना क्षेत्र निवासी रजनीश यादव पर नाम और जन्मतिथि में हेरफेर कर परीक्षा देने का आरोप लगा है. पुलिस ने धोखाधड़ी, कूटरचना और जालसाजी की संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है.
क्या है पूरा मामला
राम टहल संस्कृत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय यदुनाथपुर के छात्र रजनीश यादव का नाम 24 अप्रैल को घोषित हुए यूपी संस्कृत बोर्ड के रिजल्ट में प्रदेश टॉपर की लिस्ट में आया था. इसके बाद गांव के ही पड़ोसी जगत प्रसाद ने पुलिस से शिकायत की.शिकायत में जगत प्रसाद ने बताया कि रजनीश का असली नाम आधार कार्ड, राशन कार्ड और अन्य सरकारी दस्तावेजों में अजय कुमार दर्ज है. आरोप है कि अजय ने जानबूझकर दस्तावेजों में हेरफेर करके अपना नाम रजनीश कर लिया और इसी फर्जी नाम से संस्कृत विद्यालय में प्रवेश लिया. इसके बाद उसने बोर्ड की परीक्षा दी और टॉप कर गया.
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
पड़ोसी की तहरीर के आधार पर आसपुर देवसरा पुलिस ने रजनीश यादव के खिलाफ IPC की धोखाधड़ी, कूटरचना और जालसाजी की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है. पुलिस अब छात्र के सभी शैक्षिक और सरकारी दस्तावेजों की जांच कर रही है. साथ ही स्कूल प्रशासन से भी प्रवेश के समय जमा किए गए कागजात मांगे गए हैं.
शिक्षा विभाग में हड़कंप
एक तरफ जहां टॉपर बनने पर विद्यालय और परिजनों में खुशी का माहौल था, वहीं अब फर्जीवाड़े के आरोप के बाद पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया है. संस्कृत बोर्ड के अधिकारी भी मामले पर नजर बनाए हुए हैं. बोर्ड सूत्रों के अनुसार जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे का निर्णय लिया जाएगा.फिलहाल पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है. पूछताछ में जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
प्रदीप कुमार सिंह (सीओ पट्टी) ने कहा कि तहरीर के आधार पर सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. मामले की जांच की जा रही है और अभिलेखों के सत्यापन के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी.
सुनील कुमार यादव