उत्तर प्रदेश की योगी सरकार जनकल्याणकारी योजनाओं में पारदर्शिता लाने और उन्हें रफ्तार देने के लिए अब तकनीक का सहारा लेने जा रही है. समाज कल्याण विभाग की ओर से चलाए जाने वाली प्रमुख योजनाओं जैसे छात्रवृत्ति, वृद्धावस्था पेंशन और राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल बढ़ाने की बड़ी तैयारी कर ली गई है.
अब पेंशन से लेकर स्कॉलरशिप तक, दस्तावेजों के वेरिफिकेशन और मॉनिटरिंग का काम AI आधारित सिस्टम से किया जाएगा, ताकि फर्जीवाड़े और इंसानी गलतियों को खत्म कर पात्र लाभार्थियों तक समय पर मदद पहुंचाई जा सके.
वृद्धावस्था पेंशन और स्कॉलरशिप में कैसे काम करेगा AI?
वृद्धावस्था पेंशन और राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना में आवेदकों के प्रमाण पत्रों और दस्तावेजों की जांच के लिए AI तकनीक लागू की जाएगी. इससे जांच प्रक्रिया तेज होगी और फर्जी दावों की पहचान तुरंत हो सकेगी. वहीं स्कॉलरशिप योजना में आवेदन करने से लेकर पैसों के वितरण (फंड ट्रांसफर) तक के पूरे डेटा का एनालिसिस AI के जरिए होगा. डेटा में किसी भी तरह की गड़बड़ी या विसंगति दिखते ही सिस्टम तुरंत अलर्ट भेजेगा, जिससे समय रहते सुधारात्मक कदम उठाए जा सकेंगे.
इस डिजिटल मॉनिटरिंग का मुख्य उद्देश्य कागजी औपचारिकताओं में होने वाली देरी को खत्म करके जरूरतमंदों के खातों में समय पर राशि ट्रांसफर करना है.
सर्वोदय स्कूलों से हॉस्टलों तक: गरीब और ग्रामीण छात्रों को AI की ट्रेनिंग
योजनाओं की निगरानी के साथ-साथ राज्य सरकार गरीब और ग्रामीण तबके के छात्रों को भविष्य की तकनीकों से जोड़ने पर भी ध्यान दे रही है. इसकी जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों में शुरुआत की जा रही है. इन सर्वोदय स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल कंटेंट, 3D वीडियो और AI आधारित लैंग्वेज लर्निंग लैब स्थापित की गई हैं.
‘एडोब एजुकेशन इंडिया’ पहल के तहत इन स्कूलों के शिक्षकों और छात्रों को डिजिटल स्टोरीटेलिंग, डिजिटल क्रिएटिविटी और AI आधारित कंटेंट क्रिएशन का प्रशिक्षण दिया जा रहा है. सर्वोदय विद्यालयों के बाद अब सरकार का अगला लक्ष्य राजकीय छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों को उनके पाठ्यक्रम से जुड़े तकनीकी कौशल और AI टूल्स की ट्रेनिंग देना है.
अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक बिना देरी पहुंचे लाभ: मंत्री असीम अरुण
समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण के मुताबिक सरकार का मुख्य लक्ष्य योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े पात्र व्यक्ति तक बिना किसी बिचौलिए या देरी के पहुंचाना है. AI के प्रयोग से विभागीय कार्यकुशलता तो बढ़ेगी ही, साथ ही हॉस्टलों में रहने वाले छात्र-छात्राओं को रोजगार के नए अवसरों के लिए तैयार किया जा सकेगा.
आशीष श्रीवास्तव