तमिलनाडु के स्कूल शिक्षा मंत्री राज मोहन ने विधानसभा में शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) से छूट देने के लिए एक प्रस्ताव पेश किया है. प्रस्ताव में केंद्र सरकार से उन शिक्षकों को पूर्ण और स्थायी छूट देने की मांग की है जिन्हें 23, अगस्त 2010 से पहले तमिलनाडु के स्कूलों में उस समय लागू नियमों और योग्यताओं के आधार पर नियुक्त किया गया था. प्रस्ताव में आगे कहा गया है कि करीब 20 सालों से बिना किसी बाधा के सेवा दे रहे और सेवानिवृत्ति की उम्र के करीब पहुंच रहे शिक्षकों को TET पास करने के लिए बाध्य करना उनके आजीविका के अधिकार को सीधे प्रभावित करता है. ऐसे में शिक्षकों की नौकरी की सुरक्षा, लंबी सेवा, आजीविका और समग्र कल्याण को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाने की मांग की गई है.
RTE Act में संशोधन की मांग
प्रस्ताव के जरिए तमिलनाडु विधानसभा ने केंद्र सरकार से बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 की धारा 23 में आवश्यक कानूनी संशोधन करने का आग्रह किया है. इसके साथ ही आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने और नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (NCTE) के माध्यम से 23 अगस्त 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों को TET से छूट देने वाला स्पष्ट और बाध्यकारी आधिकारिक निर्देश या सर्कुलर तत्काल जारी करने की मांग की गई है.
नौकरी, प्रमोशन और दूसरे लाभों की सुरक्षा की मांग
प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों की नौकरी की सुरक्षा, पदोन्नति और सभी संबंधित रोजगार लाभ बिना किसी बाधा के जारी रहने चाहिए. विधानसभा ने केंद्र सरकार से उपरोक्त कदम उठाकर ऐसे शिक्षकों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया है.
अपूर्वा जयचंद्रन