जयपुर से अमेरिका की संसद तक... जानिए कौन हैं पिया डंडिया, हॉवर्ड से की पढ़ाई, अब चुनाव में गाड़े झंडे

अमेरिका के मिडटर्म चुनावों में भारतीय मूल की डेमोक्रेट नेता पिया डंडिया ने फ्लोरिडा के 22वें कॉन्ग्रेशनल ड‍िस्ट्र‍िक से शानदार जीत दर्ज की है. हार्वर्ड से पढ़ी पूर्व शिक्षिका और प्रिंसीपल रहीं पिया डंडिया की यह जीत अमेरिकी राजनीति में भारतीय मूल के नेतृत्व को और मजबूत करती हैं.

Advertisement

आजतक एजुकेशन डेस्क

  • नई दिल्ली ,
  • 04 नवंबर 2026,
  • अपडेटेड 3:21 PM IST

अमेरिका के राजनीतिक गलियारों से एक बेहद प्रेरणादायक और ऐतिहासिक खबर सामने आई है. हाल ही में संपन्न हुए अमेरिकी मिडटर्म चुनावों में भारतीय मूल की पिया डंडिया ने फ्लोरिडा के 22वें कोंग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से शानदार जीत हासिल कर इतिहास रच दिया है. उन्होंने रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार और मरीन वेटरन केसी अस्कारी को चुनावी मैदान में मात दी है.

आइए जानते हैं क्लासरूम से लेकर अमेरिकी संसद (U.S. House of Representatives) तक का सफर तय करने वाली पिया डंडिया की अनकही और खास कहानी... 

Advertisement

जयपुर से अमेरिका तक: परिवार की संघर्ष भरी जड़ें

पिया डंडिया की जड़ें भारत से जुड़ी हुई हैं. उनके माता-पिता 1980 के दशक में जयपुर से अमेरिका जाकर बस गए थे. उनके पिता डॉ. रोहित डंडिया ने अमेरिका में चिकित्सा के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई, जबकि उनकी मां ने एक मोंटेसरी स्कूल की स्थापना की. पिया का जन्म और पालन-पोषण पाम बीच काउंटी के जुपिटर शहर में हुआ. अपनी इस जीत के बाद उन्होंने अपने माता-पिता के संघर्ष को याद करते हुए कहा कि मेरे माता-पिता 40 साल पहले अमेरिका आए थे... और आज एक पीढ़ी बाद, उनकी बेटी अमेरिकी संसद में पहुंच रही है.

शिक्षा और कॉर्पोरेट सेक्टर का सफर

पिया की शैक्षणिक पृष्ठभूमि बेहद मजबूत रही है. उन्होंने दुनिया के प्रतिष्ठित हार्वर्ड विश्वविद्यालय से गवर्नमेंट (राजनीति शास्त्र) की पढ़ाई की. इसके बाद बोस्टन यूनिवर्सिटी से एजुकेशन में मास्टर डिग्री हासिल की.

Advertisement

उन्होंने 'टीच फॉर अमेरिका' के तहत बोस्टन में बच्चों को पढ़ाया और महज 28 साल की उम्र में हार्लेम के 'डेमोक्रेसी प्रेप एंड्यूरेंस हाई स्कूल' की फाउंडिंग प्रिंसिपल बनीं. उनके कार्यकाल में स्कूल के सभी छात्रों ने कॉलेज में दाखिला पाया था.

इसके अलावा, वह व्हाइट हाउस फेलो के रूप में अमेरिकी शिक्षा विभाग में सेवाएं दे चुकी हैं और 'ऐप्पल' जैसी दिग्गज कंपनी में भी पब्लिक सेक्टर लीडर के तौर पर काम कर चुकी हैं.

चुनाव मैदान और मुख्य मुद्दे

फ्लोरिडा के नए पुनर्गठित 22वें डिस्ट्रिक्ट में मुकाबला आसान नहीं था. उनके सामने मजबूत वित्तीय स्थिति वाले रिपब्लिकन उम्मीदवार केसी अस्कारी थे. लेकिन पिया ने अपने चुनाव प्रचार के दौरान आम जनता के मुद्दों को सबसे आगे रखा. उन्होंने फ्लोरिडा में बढ़ते मकान के किराए, बीमा प्रीमियम और रोजमर्रा की चीजों के महंगे दामों को मुद्दा बनाया.

यही नहीं उन्होंने वाशिंगटन की राजनीति में पारदर्शिता लाने और कॉर्पोरेट घरानों के प्रभाव को कम करने की बात कही. पिया डंडिया की यह जीत न सिर्फ अमेरिकी राजनीति में बल्कि वैश्विक मंच पर भारतीय मूल की महिलाओं के बढ़ते प्रभाव और नेतृत्व क्षमता का एक शानदार उदाहरण है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »