NEET-UG 2026 परीक्षा लीक और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) में सुधार से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि पीठ खुद यह देखने के लिए NTA के ऑफिस जा सकती है कि वहां बनाया गया सिस्टम असल में काम कर रहा है या नहीं.
'सिर्फ कागजों और रिपोर्ट तक सीमित न रहें सुधार'
मामले की सुनवाई कर रहे जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा की पीठ ने स्पष्ट लहजे में कहा कि NTA में सुधारों को लेकर जो कमेटी बनाई गई थी, उसकी सिफारिशें सिर्फ कागजी रिपोर्ट बनकर नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उन्हें धरातल पर पूरी तरह लागू किया जाना चाहिए.
सुनवाई के दौरान जस्टिस नरसिम्हा ने कहा, 'हम खुद NTA के स्थायी दफ्तर जाकर देखेंगे कि वहां का सिस्टम असल में मौजूद है या नहीं! वह कैसे काम कर रहा है, मैनपावर कितनी है और बाकी व्यवस्थाएं कैसी हैं.'
सुप्रीम कोर्ट ने हाई-पावर्ड कमेटी के साथ समन्वय स्थापित कर रहे जॉइंट सेक्रेटरी को निर्देश दिया है कि वह कमेटी द्वारा अब तक किए गए सुधारों और प्रगति रिपोर्ट पर विस्तृत हलफनामा कोर्ट में दाखिल करें.
वेबसाइट पर सार्वजनिक होगा एफिडेविट
अदालत ने NTA को आदेश दिया है कि वह सुधारों और प्रगति की पूरी जानकारी देने वाले इस हलफनामे को अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर सार्वजनिक रूप से अपलोड करे. छात्र, राज्य सरकारें और वकील NTA में सुधारों को लेकर अपने सुझाव एक तय ईमेल आईडी पर भेज सकते हैं. शीर्ष अदालत ने NTA और संबंधित पक्षों को नई और अपडेटेड स्टेटस रिपोर्ट/हलफनामा दाखिल करने के लिए कहा है. कोर्ट ने साफ किया है कि नया हलफनामा रिकॉर्ड पर आने के बाद ही इस मामले पर आगे की सुनवाई की जाएगी.
संजय शर्मा