कोई करेगा सुरक्षा तो कोई बनाए ढांचा... PM मोदी के एग्जाम रिफॉर्म टास्क फोर्स में कौन-कौन हैं शामिल?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की परीक्षा प्रणाली में सुधार लाने के लिए नंदन नीलेकानी के नेतृत्व में छह सदस्यीय कार्य दल की घोषणा की है. इसमें इसरो के पूर्व अध्यक्ष एस सोमनाथ, खुफिया ब्यूरो के पूर्व निदेशक तपन डेका और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं.  इस टीम को परीक्षा प्रणाली में सुधार के सुझाव देने और नई तकनीक को शामिल करने की जिम्मेदारी दी गई है. 

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एग्जाम रिफॉर्म टास्क फोर्स में कौन-कौन हैं शामिल? एग्जाम रिफॉर्म टास्क फोर्स में कौन-कौन हैं शामिल?

आजतक एजुकेशन डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 28 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 10:29 AM IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को भारत की परीक्षा प्रणाली में सुधार लाने और बार-बार होने वाली पेपर लीक की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए एक उच्चस्तरीय टीम का गठन किया है. इसमें प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ नंदन नीलेकानी को अध्यक्ष नियुक्त किया गया है. छह सदस्यीय इस पैनल में प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष, सुरक्षा, शिक्षा, अकादमिक जगत और लॉजिस्टिक्स के विशेषज्ञ शामिल हैं, जो सार्वजनिक परीक्षाओं के लिए संरचनात्मक और प्रौद्योगिकी आधारित सुधारों की सिफारिश करेंगे.

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छात्रों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने एक वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें उन्होंने कहा कि सरकार ने परीक्षा में धोखाधड़ी के खिलाफ त्वरित अदालतों की स्थापना और सख्त कानूनी प्रावधानों को लागू करने जैसे कदम पहले ही उठा लिए हैं. हालांकि, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जनता का विश्वास बहाल करने के लिए परीक्षा प्रणाली को मजबूत करना ही आवश्यक है. ऐसे में चलिए जान लेते हैं कि आखिर इस पैनम में कौन-कौन शामिल हैं. 

नंदन नीलेकणी तकनीक से जुड़े सुधारों की जिम्मेदारी संभालेंगे.

नीलेकानी का जन्म 2 जून, 1955 को बेंगलुरु, कर्नाटक में हुआ था. हालांकि, उनका परिवार मूल रूप से सिरसी का रहने वाला था. उन्होंने बिशप कॉटन बॉयज स्कूल (बेंगलुरु) और सेंट जोसेफ हाई स्कूल (धारवाड़) में पढ़ाई की और फिर आईआईटी बॉम्बे से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बी.टेक की डिग्री हासिल की. तकनीकी उद्यमी और इंफोसिस के सह-संस्थापक नीलेकानी इस टीम की अध्यक्षता करेंगे.

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भारत के आधार डिजिटल पहचान कार्यक्रम के जनक माने जाने वाले नीलेकानी से यह अपेक्षा की जाती है कि वे परीक्षाओं को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और कुशल बनाने के लिए प्रौद्योगिकी के उपयोग पर पैनल की सिफारिशों का नेतृत्व करेंगे. सरकार ने इस पैनल को ऐसी डिजिटल तकनीक खोजने की जिम्मेदारी दी है जिससे प्रश्न पत्र सुरक्षित रहे, उम्मीदवारों की सही पहचान हो और नतीजे जल्दी और सही तरीके से जारी किए जा सकें.

एस सोमनाश 

एस. सोमनाथ का जन्म 1963 में केरल के अलाप्पुझा जिले के थुरवूर में हुआ था. उन्होंने टीकेएम कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, कोल्लम से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक, आईआईएससी बेंगलुरु से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में एमटेक और आईआईटी मद्रास से पीएचडी की डिग्री हासिल की है. 

उन्होंने 2022 से 2025 तक इसरो के अध्यक्ष और अंतरिक्ष विभाग के सचिव के रूप में काम किया. करीब 40 साल के अनुभव वाले एस. सोमनाथ रॉकेट और अंतरिक्ष तकनीक के क्षेत्र में अपने महत्वपूर्ण योगदान के लिए जाने जाते हैं और अब वह बड़े पैमाने की प्रौद्योगिकी प्रणालियों पर अपनी नजर बनाए रखेंगे. 

तपन डेका 

इस टीम में तपन डेका का नाम भी शामिल है. डेका का जन्म 25 फरवरी, 1963 को असम के बारपेटा जिले के सरथेबारी में हुआ था. उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से फिजिक्स में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की. इसके बाद 1988 बैच की भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) में शामिल हुए. हिमाचल प्रदेश कैडर के आईपीएस अधिकारी तपन कुमार डेका ने जून 2022 से जून 2026 तक खुफिया ब्यूरो के निदेशक के रूप में काम किया, केंद्र द्वारा उनके कार्यकाल को दो बार बढ़ाया गया. 

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एक अनुभवी खुफिया अधिकारी के रूप में उन्होंने आतंकवाद विरोधी अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिनमें 26/11 मुंबई हमले, इंडियन मुजाहिदीन पर कार्रवाई और जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर में सुरक्षा अभियान शामिल हैं. अब वह परीक्षा प्रणाली में सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने का काम करेंगे. 

वी. कामाकोटी इस काम में शैक्षणिक और तकनीकी सहयोग करेंगे

उनका जन्म 1968 में चेन्नई, तमिलनाडु में हुआ था.उन्होंने श्री वेंकटेश्वर कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग (मद्रास विश्वविद्यालय) से कंप्यूटर साइंस और इंजीनियरिंग में बीई की डिग्री हासिल की, जिसके बाद उन्होंने आईआईटी मद्रास से कंप्यूटर साइंस और इंजीनियरिंग में एमएस (रिसर्च) और पीएचडी की उपाधि प्राप्त की. आईआईटी मद्रास के निदेशक वी. कामाकोटी, इस टीम में अकादमिक और अनुसंधान समुदाय का प्रतिनिधित्व करेंगे. वह जनवरी 2022 से आईआईटी मद्रास के निदेशक के रूप में कार्यरत हैं.

कामाकोटी एक कंप्यूटर वैज्ञानिक हैं जो कंप्यूटर आर्किटेक्चर, सूचना सुरक्षा और वीएलएसआई डिजाइन में विशेषज्ञता रखते हैं. वह माइक्रोप्रोसेसर विकास और साइबर सुरक्षा में प्रमुख राष्ट्रीय कार्यक्रमों का नेतृत्व करते हैं, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बोर्ड के सदस्य हैं और वे व्यापार और उद्योग मंत्रालय की एआई टास्क फोर्स के प्रमुख भी रह चुके हैं. 

अनीता कारवाल शिक्षा नीति संबंधी अपने अनुभव साझा करेंगी

अनीता दिल्ली विश्वविद्यालय के लेडी श्री राम कॉलेज की पूर्व छात्रा हैं, जहां उन्होंने सिविल सेवाओं में शामिल होने से पहले अर्थशास्त्र में पढ़ाई की है. गुजरात कैडर की 1988 बैच की आईएएस अधिकारी अनीता कारवाल को लोक प्रशासन में 36 सालों से अधिक का अनुभव है, जिसमें स्कूली शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया है.

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उन्होंने सीबीएसई की अध्यक्ष (2017-2021) और बाद में स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग की सचिव के रूप में काम  किया और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 और राष्ट्रीय पाठ्यक्रम ढांचे को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. 

अमृत लाल मीना कामकाज को बेहतर और प्रभावी बनाने पर ध्यान देंगे

राजस्थान में जन्मे (1965)अमृत लाल मीना बिहार कैडर के 1989 बैच के आईएएस अधिकारी हैं. आईएएस में शामिल होने से पहले उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा पूरी की. मीना के पास 36 सालों से अधिक का प्रशासनिक अनुभव है, जिसमें बिहार में 25 साल और भारत सरकार के साथ 11 साल शामिल हैं. उन्होंने बिहार के मुख्य सचिव (2024-2025) और कोयला मंत्रालय के सचिव (2022-2024) के रूप में कार्य किया है और प्रशासन और रसद में अपनी विशेषज्ञता के लिए व्यापक रूप से मान्यता प्राप्त हैं. 

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