झारखंड में 500 करोड़ का जॉब स्कैम... विधायक का हेमंत सोरेन सरकार पर सनसनीखेज आरोप

विधायक जयराम महतो का आरोप है कि झारखंड में नौकरियों के नाम पर कम से कम 500 करोड़ रुपये का खेल हुआ है. इतनी बड़ी रकम को अकेला अभय तिवारी हजम कर जाए, यह उसके बस की बात नहीं है. इसमें कई बड़ी मछलियां और सिंडिकेट शामिल हैं.

Advertisement
टाइगर जयराम महतो ने हेमंत सोरेन के खिलाफ खोला मोर्चा टाइगर जयराम महतो ने हेमंत सोरेन के खिलाफ खोला मोर्चा

शशि भूषण कुमार

  • रांची ,
  • 12 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 1:30 PM IST

झारखंड में JSSC CGL परीक्षा धांधली और भ्रष्टाचार को लेकर अभ्यर्थियों का गुस्सा शांत होने का नाम नहीं ले रहा है. रांची में छात्रों के आंदोलन का आज 19वां दिन है. छात्र सड़कों पर डटे हैं और राज्यभर में प्रशासनिक महकमे की नींद उड़ी हुई है. इसी बीच झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के विधायक जयराम महतो ने 'aajtak.in' से खास बातचीत करते हुए हेमंत सोरेन सरकार और जांच एजेंसियों पर कई सनसनीखेज और गंभीर आरोप लगाए हैं.

Advertisement

जयराम महतो ने स्पष्ट कर दिया कि जब तक प्रतियोगी परीक्षाओं में व्यापक सुधार (Reforms) नहीं होते, यह आंदोलन रुकने वाला नहीं है.

JLKM विधायक जयराम महतो के बातचीत के प्रमुख अंश
आंदोलन जारी रहेगा:  जयराम महतो ने कहा कि पार्टी के देवेंद्र महतो समेत अन्य साथियों ने इस आंदोलन की शुरुआत की है और जब तक राज्य की प्रतियोगी परीक्षाओं में पूरी तरह रिफॉर्म नहीं हो जाता, छात्रों की यह लड़ाई आगे भी मजबूती से जारी रहेगी.

500 करोड़ का खेल और 'बड़ी मछलियां': मास्टरमाइंड अभय तिवारी ने पूछताछ में कई बड़े खुलासे किए हैं. झारखंड में नौकरियों के नाम पर कम से कम 500 करोड़ रुपये का खेल हुआ है. इतनी बड़ी रकम को अकेला अभय तिवारी हजम कर जाए, यह उसके बस की बात नहीं है. इसमें कई बड़ी मछलियां और सिंडिकेट शामिल हैं.

Advertisement

CBI जांच से क्यों भाग रही सरकार?: विधायिका में बैठे रसूखदार लोगों को बचाने के लिए हेमंत सोरेन सरकार इस मामले की सीबीआई (CBI) जांच कराने से भाग रही है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को जनता के सामने आकर यह बताना चाहिए कि आखिर विवादित एजेंसी TDPL को टेंडर किसने दिया? भाजपा तो TDPL को झारखंड लेकर नहीं आई थी. मेरा सीधा आरोप है कि TDPL को टेंडर दिलाने के लिए करोड़ों रुपये का लेन-देन हुआ है.

 

CID की जांच पर सवाल: CGL परीक्षा की जांच को राज्य की सीआईडी (CID) ने ही दिग्भ्रमित करने का काम किया है. हाल यह है कि एक ही परीक्षा में केवल एक महाविद्यालय के 33 से ज्यादा छात्रों का चयन हो गया. हर पद और नौकरी के लिए अलग-अलग रेट फिक्स किए गए थे. अभय तिवारी के कबूलनामे के बावजूद ठोस एक्शन नहीं लिया जा रहा. जब अदालत ने सख्त सवाल उठाए, तब जाकर सीआईडी के अधिकारियों को बदला गया. यही वजह है कि राज्य के छात्रों को सीआईडी पर नहीं, बल्कि सीबीआई (CBI) पर भरोसा है.

आंदोलन का 19वां दिन: आर-पार के मूड में छात्र
रांची में 19 दिनों से धरना दे रहे छात्रों का कहना है कि जब तक धांधली में शामिल सफेदपोशों और टेंडर देने वाले अधिकारियों पर सीधी कार्रवाई नहीं होती और निष्पक्ष जांच सीबीआई को नहीं सौंपी जाती, तब तक वे पीछे नहीं हटेंगे. विधायक जयराम महतो के इन तीखे बयानों ने अब झारखंड की सियासत को पूरी तरह गरमा दिया है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »