IIT दिल्ली फैकल्टी फोरम ने प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला को लेकर चल रही खबरों का विरोध करते हुए एक स्पष्टीकरण जारी किया है. फोरम ने कहा है कि परीक्षा के दौरान प्रोफेसर डूला संस्थान के निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे थे. फोरम का आरोप है कि उनके खिलाफ बिना विश्वसनीय साक्ष्यों के सार्वजनिक रूप से कई आरोप लगाए गए और उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई है.
शिक्षकों की भूमिका और अकादमिक ईमानदारी पर जताई चिंता
फैकल्टी फोरम ने IIT बॉम्बे में मूल्यांकन प्रक्रिया के संचालन को लेकर शिक्षकों के बीच बनी चिंताओं का भी जिक्र किया है. फोरम ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में शिक्षकों के लिए अकादमिक ईमानदारी और निष्पक्षता बनाए रखना एक महत्वपूर्ण मुद्दा है.
फोरम ने छात्रों, उनके परिवारों और आम लोगों से शिक्षकों को सहयोग देने की अपील की, ताकि वे पूरे IIT सिस्टम में निष्पक्षता और अकादमिक ईमानदारी बनाए रखने का काम जारी रख सकें.
व्यवहार पर सवाल
बयान में फैकल्टी फोरम ने कथित ‘mob-driven behaviour’ यानी भीड़ के दबाव में होने वाले व्यवहार को लेकर भी चिंता जताई. फोरम का कहना है कि हालिया विवाद में इस तरह के व्यवहार का प्रभाव IIT परिसरों से जुड़े निर्णयों पर पड़ता दिखाई दिया. फोरम ने यह भी अपील की है कि इस तरह के घटनाक्रम व्यापक शिक्षा व्यवस्था के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं.
प्रोफेसर और परिवार को संस्थागत सहयोग की मांग
IIT दिल्ली फैकल्टी फोरम ने IIT बॉम्बे से प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला और उनके परिवार को आवश्यक संस्थागत एवं व्यक्तिगत सहायता उपलब्ध कराने की अपील की है. इसमें जरूरत पड़ने पर कानूनी और वित्तीय सहायता भी शामिल है. फोरम ने कहा कि उसके सदस्य आवश्यकतानुसार हर संभव तरीके से सहयोग देने के लिए तैयार हैं.
कौन हैं प्रोफेसर डूला?
बता दें कि प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला IIT बॉम्बे के डिपार्टमेंट ऑफ एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग के प्रोफेसर हैं, उनकी फैकल्टी प्रोफाइन के मुताबिक, वह संस्थान से साल 2009 से जुड़े हुए हैं. उन्होंने साल 2000 में नागार्जुन यूनिवर्सिटी से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया है.इसके बाद IIT बॉम्बे से एनर्जी सिस्टम्स इंजीनियरिंग में एमटेक की डिग्री हासिल की. साल 2007 में IIT दिल्ली से पावर सिस्टम्स में PHD पूरी की है.
अनमोल नाथ