NCERT का बड़ा फैसला: 9वीं के बच्चे पढ़ेंगे 'अरब-तुर्की' हमलों के खिलाफ संघर्ष का इतिहास

एनसीईआरटी (NCERT) ने कक्षा 9 की सोशल साइंस की नई किताब में बड़ा फेरबदल किया है. अब 9वीं के छात्र मोहम्मद गोरी को धूल चटाने वाली चालुक्य रानी नायकी देवी के शौर्य और विदेशी आक्रांताओं के खिलाफ 1000–1700 ईस्वी के प्रतिरोध का इतिहास पढ़ेंगे. वहीं, 'India and the World Part 1' को अब 9वीं के बजाय सीधे 10वीं में पढ़ाया जाएगा. जानिए सिलेबस में हुए इन बड़े बदलावों की पूरी एबीसीडी.

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NCERT (Representational photo) NCERT (Representational photo)

अनमोल नाथ

  • नई दिल्ली,
  • 29 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 1:35 PM IST

अगर आपके घर में भी बच्चे 9वीं कक्षा में पढ़ाई कर रहे हैं, तो यह खबर उनके सिलेबस से जुड़ी बेहद अहम अपडेट है. नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT) ने कक्षा 9 की सोशल साइंस (सामाजिक विज्ञान) की नई पाठ्यपुस्तक 'अंडरस्टैंडिंग सोसाइटी: इंडिया एंड बियॉन्ड' के सिलेबस और अध्यायों की संरचना में बड़े बदलाव किए हैं. इस नए फेरबदल के तहत पढ़ाई का बोझ कम करने के साथ-साथ कई चैप्टरों के स्थान बदले गए हैं और इतिहास का नया हिस्सा जोड़ा गया है. आइए समझते हैं 9वीं के सोशल साइंस सिलेबस में हुए इन बदलावों की पूरी एबीसीडी.

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Class 9 से हटकर अब 10वीं में पढ़ाया जाएगा यह हिस्सा

मूल रूप से कक्षा 9 के लिए तय किए गए चैप्टर ‘India and the World Part 1’ को अब 9वीं के सिलेबस से हटा दिया गया है. किताब के इंट्रोडक्टरी नोट के मुताबिक, इस चैप्टर को अब कक्षा 10वीं में उसी से जुड़ी अन्य थीम्स और लर्निंग आउटकम्स के साथ पढ़ाया जाएगा.

एनसीईआरटी का मानना है कि इस बदलाव से 9वीं और 10वीं दोनों कक्षाओं का पाठ्यक्रम ज्यादा सुसंगत, उम्र के अनुकूल और बच्चों की सीखने की जरूरतों के मुताबिक बनेगा.

नया चैप्टर: 'प्रतिरोध और दृढ़ता' (1000–1700 CE)
संशोधित किताब के भाग-2 में तीसरा अध्याय ‘Resistance and Resilience (1000–1700 CE)’ नाम से जोड़ा गया है. यह नया चैप्टर 1000 ईस्वी से 1700 ईस्वी के दौरान विदेशी आक्रमणों और क्षेत्रीय विस्तार के खिलाफ भारतीय राजाओं व समुदायों के कड़े प्रतिरोध और जवाब को उजागर करता है.

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संप्रभुता की रक्षा: चैप्टर का पहला भाग 'सेफगार्डिंग सोवरेनटी: रेजिस्टेंस, एलायंस एंड कन्फेडरेसीज' यह बताता है कि कैसे क्षेत्रीय शक्तियों ने युद्ध, कूटनीति, आपसी गठबंधनों और सहयोग के जरिए अपनी राजनीतिक स्वायत्तता और सीमाओं की रक्षा की.

अरब-तुर्क आक्रमणों का मुकाबला: इसमें अरब और तुर्की ताकतों के हमलों के खिलाफ दक्कन, मालवा, कश्मीर और राजस्थान के भारतीय राज्यों द्वारा दिए गए करारे जवाब का जिक्र है.

रानी नायकी देवी का शौर्य: चैप्टर में 1178 ईस्वी में माउंट आबू के पास चालुक्य राजवंश की रानी नायकी देवी द्वारा मोहम्मद गोरी को धूल चटाने की ऐतिहासिक घटना को प्रमुखता से शामिल किया गया है.

 'अथॉरिटी' की जगह अब पढ़ेंगे 'गवर्नेंस एंड पब्लिक पॉलिसी'

नागरिक शास्त्र के हिस्से में भी बड़ा सुधार हुआ है. पहले से प्रस्तावित 'अथॉरिटी' चैप्टर की जगह अब ‘गवर्नेंस एंड पब्लिक पॉलिसी’ नाम से नया अध्याय जोड़ा गया है, जिससे छात्रों को सरकार के कामकाज और सार्वजनिक नीतियों की व्यावहारिक समझ मिल सके.

क्यों किए गए ये बदलाव?

पाठ्यपुस्तक के प्रस्तावना नोट के अनुसार, इन सभी बदलावों का मुख्य उद्देश्य सोशल साइंस की पढ़ाई को छात्रों के लिए अधिक सार्थक, आसान और दिलचस्प बनाना है. एनसीईआरटी का कहना है कि नए सिलेबस को बच्चों की उम्र, मानसिक स्तर और रुचि के हिसाब से तैयार किया गया है, ताकि इस उम्र में समझ में न आने वाले कठिन कॉन्सेप्ट्स से बच्चों को बचाया जा सके.
 

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