CBSE Three Language Policy: CBSE की कक्षा 9 में 2026-27 से तीसरी भाषा अनिवार्य करने के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. इस मामले में कोर्ट ने केंद्र से कक्षा 6 के छात्रों को राहत देने पर विचार करने को कहा है. वहीं, सरकार ने इस मुद्दे पर अधिकारियों के साथ चर्चा कर कोर्ट को जवाब देने की बात सामने रखी है. मामले की अगली सुनवाई 17 तारीख को होगी.सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि इस मामले में पेश होने वाली सुश्री भाटी आज कुछ निजी कारणों से मौजूद नहीं हैं.
अभिभावक चिंता में
याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल एस. और आनंद ग्रोवर ने मामले को अगले सप्ताह तक रखने की अपील की. उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को लेकर अभिभावक चिंतित हैं और बच्चों को परीक्षाओं में बैठना है. हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि आगे किसी और स्थगन की मांग नहीं की जाएगी.
कक्षा 6 के छात्रों को राहत पर विचार
सुनवाई के दौरान जस्टिस बगची ने सॉलिसिटर जनरल से कहा कि कम से कम कक्षा 6 के छात्रों के लिए कुछ राहत देने पर विचार किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि इन छात्रों को जनवरी में प्रमोट किया गया था, इसलिए अगर उन्हें समायोजित किया जा सके तो इस पर विचार किया जाना चाहिए. इस पर आनंद ग्रोवर ने कहा कि सभी छात्रों को समायोजित किया जा सकता है.
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को भरोसा दिलाया कि वह आज अधिकारियों से बात करेंगे. उन्होंने कहा कि सभी संबंधित लोग साथ बैठकर इस मुद्दे पर चर्चा करेंगे और फिर कोर्ट को जानकारी देंगे.
2028 तक कक्षा 7 को टालने की जरूरत नहीं
मुख्य न्यायाधीश ने सुनवाई के दौरान ये भी कहा कि कक्षा 7 में तीसरी भाषा लागू करने की प्रक्रिया को 2028 तक टालने की जरूरत नहीं है और इसे लागू किया जा सकता है. इसपर वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल एस. ने गैर-मातृभाषा को लेकर अपनी चिंता रखी. उन्होंने कहा कि अगर गैर-मातृभाषा को शामिल करना है तो क्या अंग्रेजी को इससे बाहर रखने पर विचार किया जा सकता है. इस पर सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि अंग्रेजी को लेकर सरकार की अलग राय है. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में दायर एक नई याचिका पर नोटिस जारी किया है. अब इस मामले की अगली सुनवाई 17 तारीख को होगी.
अनीषा माथुर