क्या है BRICS नेटवर्क यूनिवर्सिटी? दिल्ली समिट के बीच जानिए भारतीय छात्रों के लिए क्यों वरदान है ये स‍िस्टम

अक्सर छात्र ब्रिक्स नेटवर्क यूनिवर्सिटी को कोई एक ईंट-पत्थर की नई यूनिवर्सिटी या अलग कैंपस मान लेते हैं, जबकि यह असल में ब्रिक्स देशों के शीर्ष उच्च शिक्षण संस्थानों का एक वैश्विक महा-नेटवर्क (Consortium) है. आइए समझते हैं कि यह नेटवर्क क्या है और भारतीय छात्रों के करियर के लिए यह कैसे मील का पत्थर साबित हो रहा है.

Advertisement
जानिए BRICS नेटवर्क यूनिवर्सिटी की पूरी डिटेल जानिए BRICS नेटवर्क यूनिवर्सिटी की पूरी डिटेल

आजतक एजुकेशन डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 12 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 12:26 PM IST

दिल्ली में आयोजित हो रहे 18वें ब्रिक्स समिट 2026 में कूटनीतिक और आर्थिक एजेंडे की बातचीत के बीच शिक्षा जगत को भी कई फायदे हो सकते हैं. क्या आपको पता है कि इन नौ देशों के बीच श‍िक्षा जगत का एक पूल भी है ज‍िसे 'ब्रिक्स नेटवर्क यूनिवर्सिटी' कहा जाता है.  

अक्सर छात्र ब्रिक्स नेटवर्क यूनिवर्सिटी को कोई एक ईंट-पत्थर की नई यूनिवर्सिटी या अलग कैंपस मान लेते हैं, जबकि यह असल में ब्रिक्स देशों के शीर्ष उच्च शिक्षण संस्थानों का एक वैश्विक महा-नेटवर्क (Consortium) है. आइए समझते हैं कि यह नेटवर्क क्या है और भारतीय छात्रों के करियर के लिए यह कैसे मील का पत्थर साबित हो रहा है.

Advertisement

क्या है ब्रिक्स नेटवर्क यूनिवर्सिटी (BRICS NU)?

यह ब्रिक्स सदस्य देशों (भारत, रूस, चीन, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका, ईरान, मिस्र, इथियोपिया और यूएई) के प्रमुख विश्वविद्यालयों और अनुसंधान संस्थानों की एक संयुक्त पहल है. इसकी नींव 2015 में मास्को में रखी गई थी. इसका मुख्य उद्देश्य सदस्य देशों के बीच छात्रों की आवाजाही, फैकल्टी एक्सचेंज, जॉइंट रिसर्च और डुअल-डिग्री प्रोग्राम को बिना किसी प्रशासनिक अड़चन के आसान बनाना है.

कैसे काम करता है यह नेटवर्क?

यह कोई एक इमारत नहीं है, बल्कि भारत के IIT बॉम्बे, IIT कानपुर, IISc बैंगलोर, DU, JNU और बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) जैसे शीर्ष संस्थान रूस की लामोनोसोव मॉस्को स्टेट यूनिवर्सिटी, चीन की सिंघुआ यूनिवर्सिटी और ब्राजील की यूनिवर्सिटी ऑफ ब्रासीलिया जैसे विदेशी संस्थानों से सीधे जुड़े हुए हैं.

किन विषयों पर है मुख्य फोकस?

एनर्जी: रिन्यूएबल एनर्जी और क्लीन फ्यूल टेक्नोलॉजी.
कंप्यूटर साइंस व AI: डेटा साइंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और साइबर सुरक्षा.
ब्रिक्स स्टडीज: सदस्य देशों की राजनीति, अर्थशास्त्र और सांस्कृतिक संबंध.
इकोलॉजी व क्लाइमेट चेंज: पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास.
वाटर रिसोर्सेज व न्यूट्रिशन: जल प्रबंधन और खाद्य सुरक्षा.
इकोनॉमिक्स: वैश्विक व्यापार और ब्रिक्स वित्तीय प्रणाली.

Advertisement

दिल्ली समिट में इस पर क्या है नया अपडेट?

नई दिल्ली में चल रहे 2026 समिट के दौरान इस नेटवर्क में नए जुड़े सदस्य देशों (जैसे ईरान, मिस्र, यूएई) की शीर्ष यूनिवर्सिटीज को शामिल करके नेटवर्क के विस्तार पर मुहर लग सकती है. इसके तहत भारतीय छात्रों के लिए वीजा प्रक्रियाओं को सरल बनाने और 'BRICS जॉइंट रिसर्च फंड' के आवंटन को बढ़ाने पर सहमति बन रही है.पश्चिमी देशों में भारतीय छात्रों के लिए वीजा और पढ़ाई के कड़े होते नियमों के बीच ब्रिक्स नेटवर्क यूनिवर्सिटी भारतीय युवाओं के लिए किफायती और विश्वस्तरीय उच्च शिक्षा का एक मजबूत विकल्प बनकर उभर रही है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »