सर, इंटरव्यू आधे घंटे बाद ले लीजिए? 'Gen-z' की बस इस बात पर कंपनी ने कि‍या जॉब से इनकार!

एक छात्र की वायरल एक्स पोस्ट के बाद स्टार्टअप्स की भर्ती प्रक्रिया को लेकर बहस शुरू हो गई है. छात्र ने दावा किया कि उसे नौकरी से केवल इसलिए रिजेक्ट कर दिया गया क्योंकि उसने इंटरव्यू को कुछ समय बाद शेड्यूल करने को कहा था. पोस्ट में छात्र ने दावा किया उसे 1.30 बजे इंटरव्यू के लिए कॉल आया था और 2 बजे इंटरव्यू में शामिल होने के कहा गया था.

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मांगा ज्यादा समय तो हाथ से निकल गई नौकरी. मांगा ज्यादा समय तो हाथ से निकल गई नौकरी.

आजतक एजुकेशन डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 09 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 12:05 PM IST

एक स्नातक छात्र ने स्टार्टअप्स की भर्ती प्रक्रिया को लेकर सोशल मीडिया पर अपना एक्सपीरियंस शेयर किया है, जिसके बाद एक नई बहस छिड़ गई है. छात्र ने दावा किया है कि उसे सिर्फ अंतिम राउंड के इंटरव्यू को रिशेड्यूल करने की मांग करने की वजह से नौकरी का मौका नहीं मिला. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर मंथन नाम से मौजूद इस छात्र ने एक कंपनी के फाउंडर के साथ हुई बातचीत के स्क्रीनशॉट भी शेयर किए.उसने एक पोस्ट में अपना अनुभव बताया, जो अब सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है. 

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X पोस्ट में क्या कहा?

मंथन के मुताबिक, कंपनी के फाउंडर ने दोपहर करीब 1:30 बजे उनसे संपर्क किया और उसी दिन दोपहर 2 बजे फाइनल इंटरव्यू में शामिल होने के लिए कहा. इतने कम समय में इंटरव्यू के लिए उपलब्ध नहीं हो पाने पर मंथन ने फाउंडर से पूछा कि क्या इंटरव्यू का समय आगे बढ़ाया जा सकता है? लेकिन उन्हें कोई और ऑप्शन देने के बजाय कंपनी ने हायरिंग को पूरी तरह खत्म करने का फैसला किया.

उस ही दिन रिशेड्यूल करना था इंटरव्यू 

मंथन ने इस घटना को सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए कहा कि वह समझते हैं कि कंपनियों की अपनी समय-सारणी और कुछ उम्मीदें होती हैं. हालांकि, उन्हें यह बात हैरान करने वाली लगी कि सिर्फ उसी दिन के इंटरव्यू को रिशेड्यूल करने की मांग करने पर उन्हें नौकरी के लिए आगे नहीं बढ़ाया गया.

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मंथन की ओर से शेयर किए गए स्क्रीनशॉट में कंपनी के रिक्रूटर या फाउंडर का एक मैसेज दिखाई दे रहा था. इसमें कहा गया था कि कंपनी तेजी से विस्तार कर रही है और उसे ऐसे व्यक्ति की जरूरत है जो परिवार के बाद इस नौकरी को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दे. मैसेज में इस बात का भी जिक्र था कि अगर उम्मीदवार की दूसरी जिम्मेदारियां हैं, तो कंपनी उसके आवेदन पर आगे विचार नहीं करेगी. 

पोस्ट पर यूजर्स की प्रतिक्रिया?

मंथन की पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं आने लगीं. कई यूजर्स ने सवाल किया कि क्या किसी उम्मीदवार से एक घंटे से भी कम समय की सूचना पर फाइनल इंटरव्यू के लिए उपलब्ध होने की उम्मीद करना सही नहीं है. एक यूजर ने कहा कि इस घटना से छात्र को कंपनी में शामिल होने से पहले ही उसकी वर्क कल्चर के बारे में पता चल गया. यूजर के मुताबिक, ऐसे में नौकरी के लिए रिजेक्ट होना उनके लिए फायदेमंद रहा.

एक अन्य यूजर ने कहा कि जो कंपनियां तुरंत उपलब्ध होने और हर बात मानने की उम्मीद करती हैं, वे अक्सर आपसी सम्मान के बजाय कर्मचारी की उपलब्धता को ज्यादा महत्व देती हैं. उसके मुताबिक, छात्र शायद एक मुश्किल वर्कप्लेस से बच गया. वहीं, कुछ यूजर्स ने ऐसे स्टार्टअप फाउंडर्स की आलोचना की जो उम्मीदवारों से अचानक अपना पूरा शेड्यूल बदलने की उम्मीद करते हैं.

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(नोट- यह खबर सोशल मीडिया पर शेयर किए गए पोस्ट पर आधारित है. aajtak.in इस पर किए गए दावों की पुष्टि नहीं करता)

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