माइक्रोसॉफ्ट ने जब से कर्मचारियों को एग्जिट ऑफर दिया है तब से एक नई चर्चा शुरू हो गई है और हो भी क्यों नहीं कंपनी ने करीब 60,000 कर्मचारियों को नौकरी छोड़ने के लिए जो कह दिया है. इसके बाद से कंपनी ने इन कर्मचारियों को अपनी मर्जी से बायआउट पैकेज देने का ऑफर दिया है. लेकिन सोशल मीडिया पर सॉफ्टवेयर इंजीनियर शुभ जैन की पोस्ट ने एक नई बहस छोड़ दी है.
उन्होंने पोस्ट में लिखा कि किसी कंपनी से नौकरी छोड़ने का ऑफर मिले, तो पहली नजर में मिलने वाली रकम आकर्षक लग सकती है. लेकिन नौकरी छोड़ने के बाद बीमा, ग्रेच्युटी और शेयर जैसे फायदे भी प्रभावित हो सकते हैं. ऐसे में उन्हें इस दौरान किन बातों का ध्यान देना चाहिए इसे लेकर जानकारी दी है. उनकी सलाह है कि ऑफर स्वीकार करने या ठुकराने से पहले उसकी पूरी जानकारी लिखित में लेनी चाहिए.
60 हजार कर्मचारियों को दिया एग्जिट ऑफर
Microsoft ने करीब 60 हजार पात्र कर्मचारियों के लिए वॉलंटरी एग्जिट ऑफर (VEO) का ऑफर दिया है. यह भारत, अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा में कंपनी की चुनिंदा टीमों के पात्र कर्मचारियों के लिए है. हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि 60 हजार कर्मचारियों की नौकरी जाना तय है. यह एक स्वैच्छिक प्रस्ताव है, जिसे स्वीकार करना या न करना कर्मचारी के फैसले पर निर्भर करता है.
सॉफ्टवेयर इंजीनियर शुभ जैन ने क्या सलाह दी?
इस दौरान सॉफ्टवेयर इंजीनियर शुभ जैन ने कर्मचारियों को सलाह दी है कि वे एचआर से एग्जिट पैकेज की पूरी जानकारी रिटन में मांगें. उनके मुताबिक, बिना शर्तें समझे तुरंत हां या ना कहना ठीक नहीं है. कर्मचारी को यह भी देखना चाहिए कि नई नौकरी मिलने में कितना समय लग सकता है और मिलने वाली रकम उस अवधि तक आपकी कितनी मदद कर सकती है.
एग्जिट ऑफर स्वीकार करने से पहले जांचें ये 8 बातें
पूरी जानकारी लिखित में लें
शुभ ने कर्मचारियों को पहली सलाह यह दी है कि किसी कंपनी को छोड़ते हुए एचआर से आधिकारिक ईमेल या दस्तावेज में एग्जिट ऑफर की सभी शर्तें मांगें. सिर्फ मौखिक जानकारी के आधार पर किसी भी तरह का कोई फैसला न लें.
सेवरेंस पे और नोटिस पे समझें
कर्मचारी को नौकरी छोड़ने से पहले यह पता जरूर लगाना चाहिए कि नौकरी छोड़ते समय कितने पैसे मिलेंगे, किस तरह से उसका हिसाब लगाया गया है और भुगतान कब तक किया जाएगा.
ग्रेच्युटी की पात्रता को करें चेक
अगर आप ग्रेच्युटी के लिए पात्रता पूरी करने के करीब हैं, तो अपनी सेवा अवधि और लागू नियमों की जांच करें. नौकरी छोड़ने की तारीख का इस लाभ पर क्या असर पड़ेगा, यह भी साफ करें.
बची हुई छुट्टियों का भुगतान पता करें
अगर आपके पास बची हुई छुट्टियां हैं, तो एचआर से पूछें कि उसका पैसा उन्हें मिलेगा या नहीं. इसके लिए क्या नियम हैं, यह पता करना भी अनिवार्य है.
शेयर और ESOPs की शर्तें समझें
कंपनी के ऐसे शेयर या स्टॉक ऑप्शन, जिन पर अभी पूरा अधिकार नहीं मिला है, नौकरी छोड़ने के बाद समाप्त हो सकते हैं या उनकी शर्तें बदल सकती हैं. पता करें कि आपके अनवेस्टेड स्टॉक का क्या होगा.
मेडिकल और लाइफ इंश्योरेंस की अवधि जानें
यह स्पष्ट कर लें कि नौकरी छोड़ने के बाद कंपनी का स्वास्थ्य बीमा और जीवन बीमा कब तक लागू रहेगा.
काम करने की आखिरी तारीख पूछें
यह पता करें कि आपकी लास्ट वर्किंग डेट क्या होगी और क्या जरूरत पड़ने पर उसमें बदलाव संभव है.
फैसले की अंतिम तारीख और बातचीत की गुंजाइश
ऑफर स्वीकार करने की आखिरी तारीख लिखित में लें. इसके साथ ही पूछें कि पैकेज या दूसरी शर्तों पर बातचीत की जा सकती है या नहीं.
जल्दबाजी में फैसला क्यों न लें?
एग्जिट पैकेज में मिलने वाली रकम ही पूरी तस्वीर नहीं होती. नौकरी छोड़ने के बाद नियमित आय रुक सकती है और कुछ सुविधाएं भी खत्म हो सकती हैं. इसलिए कर्मचारी को मिलने वाली रकम, बची हुई छुट्टियों, ग्रेच्युटी, शेयर, बीमा और नई नौकरी मिलने की संभावनाओं को साथ रखकर फैसला करना चाहिए.
आजतक एजुकेशन डेस्क