आजमगढ़: पिता के बाद अब बेटा संभालेगा बीएसएफ की बागडोर, जानें- इनके बारे में

पंकज सिंह के डीजीपी बनाए जाने की खबर से पैतृक गांव महुआपार में लोग खुशी मना रहे हैं. गांव के लोगों को फख्र है कि इस परिवार ने इस गांव में जन्म लिया है और देश सेवा करके इस इलाके का भी नाम रोशन कर रहे हैं.

Advertisement
पहले पिता अब बेेटा बना BSF डीजीपी (aajtak.in) पहले पिता अब बेेटा बना BSF डीजीपी (aajtak.in)

राजीव कुमार

  • आजमगढ़ ,
  • 27 अगस्त 2021,
  • अपडेटेड 12:26 PM IST

आजमगढ़ महनाजपुर थाना अंतर्गत महुआपार गांव में खुशी की लहर व्याप्त है. और हो भी क्यों ना एक ही गांव और एक ही परिवार में पिता और पुत्र ने पुलिस विभाग व बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स के सबसे महत्वपूर्ण पद डीजीपी डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस के पद से नवाजे जाने की खुशी व्याप्त है. 

गांव ही नहीं पूरे इलाके में महुआपार गांव का नाम लेते ही लोग आदर और सम्मान से इस गांव को देखते हैं. इस गांव की मिट्टी से निकले श्री प्रकाश सिंह ने आईपीएस के साथ-साथ डीजीपी पद पर आसीन रहे.  साथ ही बीएसएफ के भी डीजीपी बनाए गए तो वही उनके भाई राजेंद्र सिंह हाईकोर्ट के जज के रूप में जाने जाते हैं.

Advertisement

सबसे छोटे भाई रामेश्वर सिंह मेंबर आफ ट्रांसपोर्ट होकर रिटायर हुए हालांकि गांव की मिट्टी और गांव के प्रवेश से दूर पंकज कुमार सिंह भले ही पिता की नौकरी के साथ और प्रारंभिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा लखनऊ और दिल्ली में हुई लेकिन इनका भी गांव से बेहद लगाव रहता है. आज उनके पैतृक घर पर इनके परिवार का तो रहने वाला कोई नहीं है. सारे लोग नोएडा और लखनऊ में है लेकिन उनके परिवार की ही जगत सिंह जो केयर टेकर के रूप में है.

उनका कहना है कि हम लोगों का सर फक्र से ऊंचा होता है जब कोई हमारे गांव और हम लोगों के परिवार के लोगों के बारे में जानता है, चाहे वह डीजीपी साहब के नाते या जज साहब के नाते या अब हमारे भतीजे पंकज सिंह के नाते जाना जा रहा है.

Advertisement

पिता और पुत्र दोनों का बेहद लगाव गांव से रहता है. हाल ही में इन लोगों ने एक संस्था के थ्रू कुवा डिग्री कॉलेज में एक बड़े हाल का निर्माण भी करवाया था. यहां पर बच्चे और बच्चियां शिक्षा ग्रहण करते हैं. गांव के ही संजय सिंह का कहना है कि हमारे चाचा जी और उनके भाइयों ने जो उपलब्धियां हासिल की हैं. वो आजमगढ़ जिला नहीं उत्तर प्रदेश ही नहीं कई प्रदेशों में एक ही परिवार में उच्च पदों पर आसीन परिवार नहीं देखा है.

गांव के लोगों के प्रति या उनकी समस्याओं के प्रति प्रकाश सिंह जी हमेशा मददगार रहते हैं और पंकज सिंह जी भी समय पर अपनी सहयोग और योगदान से पीछे नहीं रहते हैं. आज भले ही उनके पैतृक घर पर कोई रहने वाला नहीं है लेकिन यह घर और यहां की मिट्टी इलाके के लिए एक सम्मान का प्रतीक माना जाता है. आज पंकज सिंह जी के डीजीपी बनने की सूचना के बाद पूरे गांव में हर्ष व्याप्त है.  लोगों को फख्र है कि इस परिवार ने इस गांव में जन्म लिया है और देश सेवा करके इस इलाके का भी नाम रोशन किया है.

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »