विदाई से पहले फ्लाइपास्ट में मिग-21 ने आसमान में दिखाया जलवा, वायुसेना चीफ ने भी भरी उड़ान

मिग-21 का 62 साल बाद अलविदा. चंडीगढ़ में फुल ड्रेस रिहर्सल में मिग-21, जगुआर और सूर्य किरण ने शानदार फ्लाइपास्ट किया. एयर चीफ एपी सिंह ने भी उड़ान भरी. 1965-71 युद्धों से बालाकोट तक की वीरता याद रहेगी. 26 सितंबर को राजनाथ सिंह के साथ विदाई करेंगे. तेजस की जगह लेगा.

Advertisement
मिग-21 की 26 सितंबर 2025 को रिटायर हो रहा है. (Photo: Indian Air Force) मिग-21 की 26 सितंबर 2025 को रिटायर हो रहा है. (Photo: Indian Air Force)

शिवानी शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 24 सितंबर 2025,
  • अपडेटेड 4:36 PM IST

भारतीय वायुसेना के लिए एक दौर का अंत हो रहा है. मशहूर मिग-21 लड़ाकू विमान, जो 62 साल से देश की रक्षा करता रहा, अब रिटायर हो रहा है. चंडीगढ़ एयर फोर्स स्टेशन पर बुधवार को फुल ड्रेस रिहर्सल हुई, जो 26 सितंबर को होने वाले आखिरी विदाई समारोह की तैयारी थी.

इस रिहर्सल में मिग-21, जगुआर और सूर्य किरण एयरोबेटिक टीम ने आसमान में शानदार फ्लाइपास्ट किया. वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने अगस्त में उड़ान भरकर मिग-21 की ताकत दिखाई. 24 सितंबर को भी वायुसेना प्रमुख ने उड़ान भरी. 26 सितंबर को बादल और पैंथर फॉर्मेशन में उड़ान भरेंगे. 

Advertisement

यह भी पढ़ें: मिग-21 की विदाई और तेजस का स्वागत... जानिए नए वाले फाइटर प्लेन में अलग क्या है?

रिहर्सल की झलक: आसमान में जज्बाती पल

चंडीगढ़ एयर फोर्स स्टेशन पर रिहर्सल में पूर्व सैनिक, उनके परिवार और आमंत्रित मेहमान जुटे. तीन-तीन मिग-21 ने 'बादल' और 'पैंथर' फॉर्मेशन में उड़ान भरी. वायुसेना के स्पोक्सपर्सन विंग कमांडर जयदीप सिंह, जो खुद मिग पायलट रहे हैं ने कहा कि यह पायलटों, पूर्व सैनिकों और पूरी वायुसेना परिवार के लिए बहुत भावुक पल है. मिग-21 ने 62 साल की शानदार सेवा दी.

यह भी पढ़ें: 62 साल की सेवा के बाद MiG-21 Fighter Jets की हो रही विदाई, क्या होगा जेट्स और पायलटों का?

उन्होंने बताया कि एयर चीफ खुद मिग-21 उड़ाकर विदाई देंगे, जो दिखाता है कि ये विमान अब भी लड़ाई के लिए तैयार हैं. रिहर्सल में मिग-21 और जगुआर के बीच 'डॉग फाइट' (हवाई लड़ाई) का डेमो भी हुआ. जगुआर को घुसपैठिए दिखाया गया, जबकि मिग-21 ने रक्षा की. यह 2019 के बालाकोट हमले के बाद विंग कमांडर अभिनंदन वर्थमान की बहादुरी की याद दिला गया, जब उन्होंने पाकिस्तानी एफ-16 को मार गिराया था.

Advertisement

यह भी पढ़ें: MiG-21 Bison या LCA Tejas... पूर्व वायुसेना प्रमुख के बयान पर बहस, कौन सा फाइटर जेट बेहतर?

मिग-21 का गौरवशाली इतिहास: युद्धों में हीरो

मिग-21 की शुरुआत 1963 में हुई. 1965 के भारत-पाक युद्ध में इसने पाकिस्तानी ठिकानों को नष्ट किया. 1971 के युद्ध में ढाका (तब पूर्वी पाकिस्तान) के गवर्नर हाउस पर बम गिराकर भारत की जीत में बड़ा रोल निभाया. 2019 के बालाकोट स्ट्राइक के बाद अभिनंदन ने पाक एफ-16 गिराया. हाल ही के ऑपरेशन सिंदूर में भी मिग-21 ने पाकिस्तान को कड़ा जवाब दिया. ये विमान हमेशा देश की ढाल बने रहे.

यह भी पढ़ें: वायुसेना बेड़े से रिटायर हो रहा MiG-21 स्क्वाड्रन, जिससे विंग कमांडर अभिनंदन ने उड़ा दिया था F-16

विदाई समारोह: सम्मान और समापन

26 सितंबर को होने वाले मुख्य समारोह में मिग-21 को पानी की तोपों से सलामी दी जाएगी. एयर चीफ एपी सिंह फॉर्म-700 (विमानों का लॉगबुक) रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को सौंपेंगे, जो मिग फ्लीट का अंतिम समापन होगा. विशेष 'डे कवर' भी जारी किया जाएगा, जो मिग-21 को सम्मान देगा.

समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, एयर चीफ मार्शल एपी सिंह, आर्मी चीफ, नेवी चीफ के साथ 6 पूर्व एयर चीफ और सैकड़ों पूर्व सैनिक व परिवार मौजूद होंगे.

Advertisement

यह भी पढ़ें: मिग-21 से 62 साल में 200 हादसे, वायुसेना के बेड़े में सबसे पुराना है ये विमान

भविष्य: तेजस से नई ताकत

मिग-21 के रिटायरमेंट के बाद वायुसेना के पास 29 स्क्वाड्रन बचेंगे. लेकिन जरूरत 42 की है. इसलिए नए एलसीए तेजस एमके-1 और एमके-2 को शामिल किया जाएगा. ये स्वदेशी विमान मिग-21 की जगह लेंगे और वायुसेना को मजबूत बनाएंगे. मिग-21 का जाना एक युग का अंत है, लेकिन इसकी विरासत हमेशा जिंदा रहेगी.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »