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डिफेंस न्यूज

रूस ने यूक्रेन पर 68 मिसाइलों से किया बड़ा अटैक... तबाही की भयानक तस्वीरें

aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 06 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 4:12 PM IST
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रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव समेत कई इलाकों पर भारी हमला किया. कुल 68 मिसाइलें और 351 सुसाइड अटैक ड्रोन इस्तेमाल किए गए. इनमें 23 इस्कंदर-एम और S-400 प्रकार की बालिस्टिक मिसाइलें तथा 6 जिरकॉन हाइपरसोनिक मिसाइलें शामिल थीं. यूक्रेनी डिफेंस सिस्टम इनमें से एक मिसाइल भी रोक नहीं पाई. Photo: Reuters

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रूस का दावा है कि उसने यूक्रेन के हथियार फैक्टरियों, ड्रोन उत्पादन केंद्रों, ईंधन भंडारण और एयर डिफेंस सिस्टम की मरम्मत वाली जगहों को निशाना बनाया, लेकिन हमलों में आवासीय इमारतें भी बुरी तरह प्रभावित हुईं. यूक्रेन की वायु सेना के प्रवक्ता यूरी इहनात ने कहा कि बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने के लिए खास इंटरसेप्टर मिसाइलें चाहिए, लेकिन इनकी गंभीर कमी है. Photo: AP

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यूक्रेन मुख्य रूप से अमेरिकी पैट्रियट सिस्टम पर निर्भर है. ये सिस्टम बालिस्टिक मिसाइलों को रोकने में सक्षम हैं, लेकिन दुनिया भर में इनकी संख्या सीमित है. मिडिल ईस्ट के कारण पैट्रियट इंटरसेप्टरों की आपूर्ति और भी प्रभावित हुई है. रूस इस कमी का पूरा फायदा उठा रहा है और हाई-स्पीड मिसाइलों से हमले बढ़ा रहा है. Photo: AP

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जिरकॉन हाइपरसोनिक मिसाइलें 9878 से 11113 km/hr की गति से उड़ती हैं. इनका पता लगाना और रोकना बहुत मुश्किल है क्योंकि ये कम ऊंचाई पर उड़कर रडार से बच सकती हैं. इस्कंदर-एम बैलिस्टिक मिसाइलें भी अंतिम चरण में तेजी से नीचे आती हैं. Photo: AP

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यूक्रेन के पास पर्याप्त संख्या में पैट्रियट या अन्य एडवांस्ड एंटी-बैलिस्टिक सिस्टम नहीं हैं. इसलिए हाई-स्पीड मिसाइलों में से शून्य इंटरसेप्ट हुए. क्रूज मिसाइलों और ड्रोन के खिलाफ यूक्रेनी डिफेंस बेहतर काम कर रही है, लेकिन बैलिस्टिक हमलों के सामने वह बेबस है. Photo: AP

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हमले में कम से कम 11 लोग मारे गए और 60 से ज्यादा घायल हुए. पोडिल्स्की और डार्नित्सिया जिलों में आवासीय ऊंची इमारतें क्षतिग्रस्त हुईं. कुछ इमारतें आंशिक रूप से ढह गईं. लोग मलबे में फंस गए. पहले हमले के बाद दूसरा हमला हुआ, जिससे आग लग गई और कारें फटने लगीं. Photo: Reuters

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रूस के हमले में बच्चे समेत आम नागरिक मारे गए. संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, युद्ध में अब तक 16 हजार से ज्यादा यूक्रेनी नागरिक मारे जा चुके हैं. इस हमले के कुछ घंटे पहले यूक्रेन ने रूस पर ड्रोन हमले किए. क्रीमिया में बिजली आपूर्ति ठप हो गई. यारोस्लाव्ल क्षेत्र में तेल रिफाइनरी को निशाना बनाया गया. Photo: AP

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रूस का दावा है कि उसने 510 यूक्रेनी ड्रोन मार गिराए. यूक्रेन की ड्रोन तकनीक ने हाल के महीनों में रूस की सप्लाई लाइनों को नुकसान पहुंचाया है, जिससे रूसी सेना की गति धीमी हुई है. लेकिन रूस अब हवाई हमलों के जरिए जवाब दे रहा है. यह हमला नाटो शिखर सम्मेलन से ठीक पहले हुआ है. Photo: Reuters

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राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा कि सहयोगी देशों को मजबूत फैसले लेने चाहिए ताकि यूक्रेन की एयर डिफेंस मजबूत हो सके. रूस का कहना है कि यह हमला यूक्रेन के हालिया लंबी दूरी के हमलों का जवाब है, जिनसे रूस में ईंधन की कमी हुई है. युद्ध अब चार साल से ज्यादा हो चुका है. यूक्रेन ड्रोन युद्ध में आगे है, लेकिन पारंपरिक मिसाइल हमलों में रूस का दबदबा दिख रहा है. Photo: AP

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यूक्रेन ड्रोन से रूसी ठिकानों को निशाना बना रहा है, जबकि रूस मिसाइलों और ड्रोन से यूक्रेन की ऊर्जा, हथियार उत्पादन और नागरिक क्षेत्रों पर दबाव बना रहा है. एयर डिफेंस की कमी यूक्रेन की सबसे बड़ी कमजोरी बन गई है. अगर अंतरराष्ट्रीय मदद नहीं बढ़ी तो नागरिक मौतें बढ़ती रहेंगी. Photo: AP

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कीव के अस्पतालों में घायलों का तांता लगा है. मलबा हटाने का काम जारी है. युद्ध लंबा खिंचने से दोनों तरफ संसाधन खत्म हो रहे हैं. यूक्रेन को लगातार मिसाइल आपूर्ति की जरूरत है, जबकि रूस अपनी मिसाइल उत्पादन क्षमता बढ़ा रहा है. बिना मजबूत एयर डिफेंस के यूक्रेन नागरिकों की सुरक्षा नहीं कर पाएगा. Photo: AP

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रूस के इस हमले ने यूक्रेन की एयर डिफेंस की खामियों को पूरी दुनिया के सामने उजागर कर दिया है. 29 हाई-स्पीड मिसाइलों में से शून्य इंटरसेप्ट होना चिंताजनक है. जेलेंस्की की अपील है कि NATO देश पैट्रियट और अन्य हथियारों की आपूर्ति तेज करें. Photo: Reuters
 

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फिलहाल कीव और पूरे यूक्रेन में भारी तबाही है. युद्ध न सिर्फ सैन्य, बल्कि मानवीय संकट भी बन गया है. शांति की कोई संभावना नजर नहीं आ रही, जबकि आम लोग अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं. Photo: AP

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