रूस ने हाल में अपनी परमाणु शक्ति का भव्य प्रदर्शन किया है. देश ने RS-28 सरमत बैलिस्टिक मिसाइल की दूसरी सफल टेस्टिंग की. साथ ही जिरकॉन हाइपरसोनिक मिसाइल का भी परीक्षण किया गया. रूसी रक्षा मंत्रालय ने 19 मई को अचानक बड़ा परमाणु अभ्यास शुरू किया, जिसमें न्यूक्लियर ट्रायड - भूमि, समुद्र और वायु के सभी हिस्सों को एक साथ एक्टिव किया गया. Photo: AP
यह अभ्यास मात्र 72 घंटों में पूरा किया गया. इसमें 64,000 सैनिक, 200 से ज्यादा मिसाइल लॉन्चर, 140 विमान, 73 युद्धपोत और 13 पनडुब्बियां शामिल थीं. रूस ने इसे स्पष्ट रूप से आक्रमण के खतरे के बीच परमाणु बलों की तैयारी और उपयोग का अभ्यास बताया. बेलारूस ने भी रूसी क्षेत्र से इस्कंदर बैलिस्टिक मिसाइल दागकर इसमें हिस्सा लिया. Photo: AP
सरमत मिसाइल रूस की पुरानी Satan (RS-20V) मिसाइल की जगह लेने के लिए विकसित की जा रही है. यह तरल ईंधन वाली तीन चरणों वाली ICBM है. इसमें 10-15 MIRV वॉरहेड लगाए जा सकते हैं. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के अनुसार, इसकी रेंज 35,000 किलोमीटर से ज्यादा है. यह सबऑर्बिटल ट्रैजेक्टरी से हमला कर सकती है. मतलब यह अमेरिका पर दक्षिणी ध्रुव की तरफ से हमला करके रडार से बच सकती है. Photo: AP
12 मई 2026 को हुई यह दूसरी सफल टेस्टिंग थी. इससे पहले 2024 और 2025 में दो असफल परीक्षण हो चुके थे. अब रूस इसे 2026 के अंत में पहली रेजिमेंट में तैनात करने की योजना बना रहा है. रूस ने जिरकॉन हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल का भी सफल परीक्षण किया. यह मिसाइल 9878 km/hr से भी ज्यादा गति से उड़ सकती है, जिसे रोकना बेहद मुश्किल है. इसे फ्रिगेट से लॉन्च किया गया. Photo: AP
यह अभ्यास ऐसे समय पर हुआ है जब अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की चर्चा चल रही है. रूस इस बातचीत में शामिल नहीं है. विशेषज्ञों का मानना है कि पुतिन दुनिया को यह संदेश देना चाहते हैं कि रूस अभी भी परमाणु शक्ति के मामले में मजबूत है और उसे किसी की इजाजत की जरूरत नहीं है. Photo: AP
रूस पुरानी मिसाइलों को बदलने की जल्दी में है. Satan मिसाइल 1980 के दशक की है और अब उसकी उम्र बहुत हो चुकी है. सरमत का सफल परीक्षण रूस के लिए बहुत जरूरी था. Photo: AP
रूस यूक्रेन युद्ध में पहले से ही व्यस्त है. इस बड़े परमाणु अभ्यास को कई लोग पश्चिमी देशों (NATO) को चेतावनी के रूप में देख रहे हैं. रूस बार-बार कहता रहा है कि अगर उसके अस्तित्व को खतरा हुआ तो वह परमाणु हथियारों का इस्तेमाल कर सकता है. Photo: AP
यह अभ्यास रूस की सैन्य तैयारियों को दिखाता है. रूस न केवल यूक्रेन में लड़ रहा है, बल्कि अमेरिका और NATO के साथ रणनीतिक प्रतिद्वंद्विता भी बढ़ा रहा है. विशेषज्ञों का कहना है कि रूस अपनी परमाणु क्षमता को आधुनिक बनाने और दुनिया को अपनी ताकत याद दिलाने की कोशिश कर रहा है. Photo: AP