सिद्धू मूसेवाला मर्डर के मास्टरमाइंड सचिन बिश्नोई को भारत लाने की तैयारी, स्पेशल टीम अजरबैजान रवाना

सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड के मास्टरमाइंड गैंगस्टर सचिन विश्नोई को भारत लाने के लिए सुरक्षा एजेंसियों की टीम अजरबैजान के लिए रवाना हो गई है. स्पेशल सेल की काउंटर इंटेलीजेंस यूनिट में एक ACP, 2 इंस्पेक्टर समेत करीब 4 अधिकारियों की टीम अजरबैजान के लिए निकली है.

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 गैंगस्टर सचिन विश्नोई (फाइल फोटो) गैंगस्टर सचिन विश्नोई (फाइल फोटो)

अरविंद ओझा

  • नई दिल्ली,
  • 30 जुलाई 2023,
  • अपडेटेड 4:49 PM IST

सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड के मास्टरमाइंड गैंगस्टर सचिन विश्नोई को भारत लाने के लिए सुरक्षा एजेंसियों की टीम अजरबैजान के लिए रवाना हो गई है. दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की टीम आज रात तक अजरबैजान पहुंचेगी. जानकारी के मुताबिक अगले 2 दिन में अजरबैजान से सचिन विश्नोई को सुरक्षा एजेंसियां उसका प्रत्यर्पण कर दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचेगी. बता दें कि लॉरेंस बिश्नोई का भांजा है. सचिन बिश्नोई, सिद्धू मूसेवाला की हत्या के कुछ दिन पहले दिल्ली से फर्जी पासपोर्ट बनवाकर फरार हुआ था. सचिन बिश्नोई अगर भारत आता है, तो कई बड़े खुलासे होंगे.

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लॉरेंस बिश्नोई के भांजे गैंगस्टर सचिन बिश्नोई को हाल ही में अजरबैजान से गिरफ्तार किया गया था. सचिन ने भारत में रहकर ही मूसेवाला की हत्याकांड की प्लानिंग की और फिर दिल्ली से फर्जी पासपोर्ट बनवाकर अजरबैजान भाग गया था. वहीं, NIA ने लॉरेंस बिश्नोई के ही प्रमुख सहयोगी विक्रमजीत सिंह उर्फ ​​विक्रम बराड़ को संयुक्त अरब अमीरात से भारत निर्वासन के बाद गिरफ्तार किया है. एजेंसी ने एक बयान में कहा था कि एनआईए की एक टीम इस निर्वासन की सुविधा के लिए और उसे भारत वापस लाने के लिए संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) गई थी. बराड़ सिद्धू मूसेवाला की हत्या के अलावा निर्दोष लोगों और व्यापारियों की टारगेट किलिंग में शामिल था. 

स्पेशल सेल की काउंटर इंटेलीजेंस यूनिट में एक ACP, 2 इंस्पेक्टर समेत करीब 4 अधिकारियों की टीम अजरबैजान के लिए निकली है.

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बता दें कि 29 मई 2022 को मशहूर पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की सरेआम हत्या कर दी गई थी. उनकी गाड़ी को घेरकर शूटर्स ने अंधाधुंध गोलियां चलाई थीं. उनकी गाड़ी को घेरकर शूटर्स ने अंधाधुंध गोलियां चलाई थीं. ये शूटर लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ गैंग के थे.हत्याकांड कितना भयावह था इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पोस्टमार्टम में सिद्धू के शरीर पर गोलियों के 24 निशान मिले थे. यानी हत्यारे किसी भी कीमत पर मूसेवाला को जिंदा नहीं छोड़ना चाहते थे.

 

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