आंध्र प्रदेश के श्रीशैलम में मौजूद एक प्राइवेट लॉज के अंदर पांच लोगों की लाशें मिलने से सनसनी फैल गई थी. मरने वाले सभी लोग एक ही परिवार के सदस्य थे. पुलिस ने उन सभी के शव लॉज के कमरे में फंदे से लटके पाए थे. सभी शव तीन दिन पुराने थे. तभी से लोकल पुलिस इस मामले की छानबीन में जुटी थी. सबसे बड़ा सवाल यही था कि आखिर पूरे परिवार की मौत का कारण क्या है? पुलिस हर एंगल से इस मामले की छानबीन कर रही थी. अब इस मामले का खुलासा हो गया है.
दरअसल, ये पूरा परिवार यानी सभी पांच सदस्य 28 जुलाई को एक ऑटो से श्रीशैलम पहुंचे थे. वहां जाकर इन लोगों ने वडेरा लॉज में कमरा नंबर 11 लिया था. तभी से ये लोग वहां थे. सब कुछ सामान्य चल रहा था. लेकिन सबसे हैरानी की बात ये थी कि हाल के तीन दिनों में लॉज के कमरे में जाने के बाद से ये लोग बाहर नहीं निकले. वैसे तो किसी ने इस बात कर ध्यान नहीं दिया था. लेकिन अचानक कमरा नंबर 11 से तेज बदबू आने लगी.
जानकारी के मुताबिक, तब लॉज के स्टाफ का माथा ठनका. उन्होंने इस बात की जानकारी मैनेजर को दी. तब मैनेजमेंट ने पुलिस को सूचना दी और पूरी बात बताई. सूचना मिलने के बाद फौरन पुलिस की टीम मौके पर जा पहुंची. पुलिस लॉज में पहुंची और फिर कमरा नंबर 11 का दरवाजा खोला. बदबू इतनी तेज थी कि किसी से वहां रुका नहीं जा रहा था. पुलिसवाले किसी तरह से अंदर दाखिल हुए अंदर का मंजर देख कर चौंक गए.
वहां कमरे के बाथरूम में पंखे से तीन महिलाओं और दो पुरुषों की लाशें लटकी हुई थीं. पुलिस शव उतारे और शिनाख्त की कार्रवाई की. मरने वालों की पहचान सुधाकर (36), गोगुला आदिलक्ष्मी (50), मल्लेश्वरी (45), श्रीदेवी (33) और मणिकंठा (15) के तौर पर हुई है. पुलिस ने पंचनामे की कार्रवाई पूरी होने के बाद सभी शव पोस्टमार्टम के लिए रवाना कर दिए और जांच पड़ताल का सिलसिला शुरू हुआ.
जाहिर है पांच लोगों की मौत का मामला था, लिहाजा पुलिस कोई भी कोताही बरतना नहीं चाहती थी. पुलिस ने मौका-ए-वारदात पर फॉरेंसिक टीम को बुलाया और छानबीन की. तमाम सबूत जमा किए गए. प्राथमिक जांच पड़ताल के बाद पुलिस ने बताया कि आशंका है कि आर्थिक तंगी के चलते इस परिवार ने यह कदम उठाया होगा. हालांकि, पुलिस की तफ्तीश हर पहलू से जारी थी.
आत्महत्या की वजह को लेकर हत्या तक तमाम संभावनाओं की भी पड़ताल की जा रही थी. पुलिस के मुताबिक, सुधाकर अविवाहित था, जबकि उसकी दोनों बहनों की शादी हो चुकी थी. हालांकि उसकी दोनों बहनें अपने-अपने पतियों से अलग होने के बाद मायके में रह रही थीं. घटना की जानकारी बट्टलापल्ली में रहने वाले उनके रिश्तेदारों को दे दी गई थी. सूचना मिलने के बाद परिजन भी मौके पर पहुंच गए थे.
बुधवार की सुबह सूत्रों से पता चला कि ये परिवार भारी कर्ज के नीचे दबा हुआ था. जिसे वे चुका नहीं पा रहे थे. उनकी तमाम कोशिशें नाकाम हो चुकी थीं. जब उनके सामने कोई रास्ता नहीं बचा, तब उन्होंने ये खौफनाक रास्ता चुन लिया और श्रीशैलम जाकर उन्होंने मौत को गले लगा लिया. इस तरह से एक पूरा हंसता खेलता परिवार खत्म हो गया.
अब्दुल बशीर