पहले की लूट, फिर खाई तीन प्लेट बिरयानी... इंदौर में UPI पेमेंट से पकड़े गए दो शातिर बदमाश, हैरान कर देगी कहानी

इंदौर में फूड डिलीवरी वर्करके साथ लूट की वारदात को अंजाम देने वाले दो बदमाशों को पुलिस ने बिरयानी के UPI पेमेंट से पकड़ लिया. CCTV फुटेज और साइबर टीम की मदद से पुलिस ने आरोपियों तक पहुंच बनाई और उन्हें गिरफ्तार कर लिया. पढ़ें लुटेरों के पकड़े जाने की पूरी कहानी.

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पुलिस ने तकनीक का बेहतर इस्तेमाल करके आरोपियों को पकड़ा (फोटो-ITG) पुलिस ने तकनीक का बेहतर इस्तेमाल करके आरोपियों को पकड़ा (फोटो-ITG)

aajtak.in

  • इंदौर,
  • 13 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 4:58 PM IST

मध्य प्रदेश के इंदौर में एक गिग वर्कर से मोबाइल लूटने वाले दो बदमाशों को पुलिस ने बेहद अनोखे तरीके से गिरफ्तार किया है. आरोपियों ने वारदात के बाद सड़क किनारे एक दुकान पर रुककर बिरयानी खाई थी. दोनों ने तीन प्लेट बिरयानी खाने के बाद UPI के जरिए पेमेंट किया. यही डिजिटल ट्रांजैक्शन पुलिस के लिए आरोपियों तक पहुंचने का अहम सुराग बन गया.

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पुलिस ने पहले AB रोड पर लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली और लूट में इस्तेमाल ऑटो रिक्शा की आवाजाही को ट्रेस किया. जांच के दौरान पुलिस को ऑटो की एक खास पहचान मिली-उसकी पीछे की सिर्फ एक ब्रेक लाइट काम कर रही थी. अलग-अलग जगहों की CCTV फुटेज में यही ऑटो और वही ब्रेक लाइट दिखाई देती रही. इसके बाद पुलिस ने ऑटो के रूट को पीछे की तरफ ट्रैक करना शुरू किया.

वारदात 7 अगस्त की रात करीब 2 बजे की है. 24 वर्षीय हिमत सिंह जाटव मूल रूप से शिवपुरी जिले के रहने वाले हैं और फिलहाल इंदौर की सिंगापुर टाउनशिप में रहते हैं. हिमत पिछले करीब दो साल से इंदौर में फूड डिलीवरी वर्कर के तौर पर काम कर रहे हैं. उस रात वह अपनी बाइक से लोटस स्क्वायर से LIG स्क्वायर की तरफ लौट रहे थे.

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हिमत के मुताबिक, जब वह गुरुद्वारे के पास पहुंचे तो पीछे से एक ऑटो रिक्शा आया. ऑटो में पीछे बैठे एक युवक ने कथित तौर पर उन्हें गाली दी और बाइक रोकने के लिए मजबूर किया. इसके बाद आरोपी ने उनका मोबाइल फोन छीन लिया और ऑटो को लोटस स्क्वायर की तरफ भगा ले गया. हिमत ने ऑटो का पीछा करने की कोशिश की, लेकिन उनकी बाइक स्टार्ट होने में समय लग गया और वह आरोपियों को पकड़ नहीं सके.

घटना के बाद MIG पुलिस ने लूट का केस दर्ज किया और जांच शुरू की. पुलिस टीम ने AB रोड के दोनों तरफ लगे CCTV कैमरों की फुटेज को खंगाला. फुटेज में ऑटो LIG गुरुद्वारे के पास से वापस मुड़कर विजय नगर की तरफ जाता दिखाई दिया. इसके बाद पुलिस ने लोटस स्क्वायर से लेकर लवकुश स्क्वायर तक ऑटो की गतिविधियों को कैमरों की मदद से ट्रैक किया.

जांच के दौरान पुलिस की नजर ऑटो की एक खास पहचान पर पड़ी. ऑटो की पीछे की सिर्फ एक ब्रेक लाइट काम कर रही थी. यही ब्रेक लाइट अलग-अलग CCTV फुटेज में लगातार दिखाई दे रही थी. लवकुश स्क्वायर के आगे जब ऑटो CCTV कैमरों की नजर से गायब हुआ तो पुलिस ने उसकी गतिविधियों को पीछे की तरफ ट्रेस करना शुरू किया. इसी दौरान जांच टीम को एक अहम सुराग मिला.

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पुलिस को पता चला कि AB रोड पर एक मस्जिद के सामने कट के पास से ऑटो निकला था. उस समय सड़क का रास्ता बदला हुआ था और ट्रैफिक को एलिवेटेड ब्रिज तथा फ्री प्रेस बिल्डिंग की तरफ डायवर्ट किया गया था. पुलिस ने आसपास पूछताछ शुरू की तो एक सड़क किनारे खाना बेचने वाला दुकानदार मिला. दुकानदार ने बताया कि रात में एक ऑटो उसकी दुकान पर रुका था.

दुकानदार के मुताबिक, ऑटो में ड्राइवर के अलावा एक युवक और एक युवती थे. उन्होंने दुकान पर तीन प्लेट बिरयानी खाई और कुछ देर तक वहां रुके रहे. इस दौरान वे उज्जैन जाने को लेकर आपस में बात कर रहे थे. खाने की कीमत 150 रुपये थी, लेकिन उन्होंने UPI के जरिए 400 रुपये का भुगतान किया, जिसके बाद दुकानदार ने उन्हें 250 रुपये नकद वापस किए.

पुलिस ने दुकानदार से उस UPI ट्रांजैक्शन की जानकारी हासिल की. पेमेंट से जुड़े मोबाइल नंबर को ट्रेस किया गया और साइबर टीम की मदद से उसकी लोकेशन का पता लगाया गया. इस डिजिटल सुराग के आधार पर पुलिस ने एक ऑटो रिक्शा को रोका. उसमें 20 वर्षीय राज रनो़जा मिला, जो पाल्हर नगर की ओम विहार कॉलोनी का रहने वाला है.

ऑटो में राज का दोस्त 22 वर्षीय जय चंदेरी भी मौजूद था, जो राज नगर का रहने वाला है. पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की. पूछताछ के दौरान दोनों ने कथित तौर पर फूड डिलीवरी वर्कर से लूट की वारदात कबूल कर ली. पुलिस ने जय के पास से हिमत सिंह का लूटा हुआ मोबाइल बरामद किया और वारदात में इस्तेमाल ऑटो रिक्शा भी जब्त कर लिया.

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पुलिस के मुताबिक, राज और जय आपस में दोस्त हैं और दोनों ऑटो रिक्शा चलाते हैं. पुलिस जांच में सामने आया कि वारदात वाली रात जय अपनी महिला दोस्त को राज के ऑटो से उज्जैन ले जा रहा था. पुलिस का कहना है कि दोनों युवकों ने पहले बीयर पी थी. इसके बाद वे सड़क किनारे खाने की दुकान पर रुके और फिर कथित तौर पर फूड डिलीवरी वर्कर से मोबाइल लूट लिया.

DCP अमन राठौड़ ने बताया कि लूट के बाद आरोपियों का खाना खाने के लिए रुकना और वहां UPI से पेमेंट करना पुलिस के लिए अहम सुराग साबित हुआ. CCTV फुटेज, UPI ट्रांजैक्शन और साइबर टीम की मदद को जोड़कर पुलिस आरोपियों तक पहुंची. दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है. मामले में आगे की जांच जारी है.

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