यूपीः इंजीनियर ने किया था 50 बच्चों का यौनशोषण, अब क्राइम सीन पर ले जाएगी CBI

आरोपी रामभवन यूपी के ही चित्रकूट का निवासी है. वह उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग में एक जूनियर इंजीनियर के रूप में काम कर रहा था. आज तक/इंडिया टुडे को पता चला है कि सीबीआई उस मॉडस ऑपरेंडी को समझना चाहती है, जिसके तहत वह नाबालिग लड़कों का यौन शोषण कर रहा था.

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CBI ने आरोपी रामभवन को रिमांड पर लिया है CBI ने आरोपी रामभवन को रिमांड पर लिया है

मुनीष पांडे

  • दिल्ली,
  • 26 नवंबर 2020,
  • अपडेटेड 8:34 PM IST
  • तीन जिलों में किया बच्चों का यौन शोषण
  • घर की तलाशी में मिला था आपत्तिजनक सामान
  • विदेशों में भी बेचता था बच्चों के अश्लील वीडियो

केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी सीबीआई की टीम नाबालिगों का यौन शोषण करने वाले यूपी के इंजीनियर को अब क्राइम सीन पर ले जानी की तैयारी कर रही है. आरोपी रामभवन बच्चों का यौनशोषण करने के साथ-साथ उनके अश्लील वीडियो बनाकर उन्हें पोर्न साइट्स पर बेचा करता था.  

आरोपी रामभवन यूपी के ही चित्रकूट का निवासी है. वह उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग में एक जूनियर इंजीनियर के रूप में काम कर रहा था. आज तक/इंडिया टुडे को पता चला है कि सीबीआई उस मॉडस ऑपरेंडी को समझना चाहती है, जिसके तहत वह नाबालिग लड़कों का यौन शोषण कर रहा था और फिर उनके अश्लील वीडियो डार्कवेब पर अपलोड करता था.

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आरोपी को बुधवार को सीबीआई हिरासत में दे दिया गया था. कुछ साल पहले केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) का ध्यान इस मामले पर गया था. तब यूपी के बांदा, चित्रकूट और हमीरपुर जिलों में बच्चों और नाबालिगों का यौन उत्पीड़न करने वाले अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था.

नाबालिगों और बच्चों का यौन शोषण करने के अलावा, आरोपी पर अपना मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग इस जघन्य अपराध के लिए करने का भी शक था. सीबीआई ने इस मामले से संबंधित एक बयान में कहा कि बाल यौन शोषण की तस्वीरों और वीडियो फिल्मों को इंटरनेट के माध्यम से आरोपी द्वारा प्रकाशित और प्रसारित किया गया था.

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आरोप था कि अभियुक्त ने अन्य लोगों के साथ मिलकर CSAM (वर्चुअल चाइल्ड सेक्सुअल एब्यूज मटेरियल) की बिक्री, प्रसारण और साझा करने के लिए डार्क वेब का इस्तेमाल किया था. सीबीआई अधिकारियों ने आरोपी के घर की तलाशी ली थी. जिसमें मोबाइल फोन, लैपटॉप, वेब-कैमरा और अन्य इलेक्ट्रॉनिक स्टोरेज डिवाइसेज़ के साथ-साथ पेन ड्राइव, मेमोरी कार्ड और कई सेक्स टॉय बरामद हुए थे. वहां से 8 लाख रुपये की नकदी भी मिली थी.

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सीबीआई के अनुसार, आरोपी ने कथित तौर पर इन इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं और गैजेट्स का इस्तेमाल 5-16 वर्ष तक के 50 बच्चों का यौन शोषण करने के लिए किया था. वह 10 वर्षों से अश्लील सामग्री को अपने ग्राहकों के साथ शेयर कर रहा था. आरोपी के ईमेल की जांच से पता चला है कि वह बाल यौन शोषण सामग्री साझा करने के मकसद से भारतीय और विदेशी नागरिकों के साथ लगातार संपर्क में था.

सीबीआई ने कहा कि कथित तौर पर कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और वेबसाइटों पर डार्क नेट का इस्तेमाल करते हुए इंटरनेट के माध्यम से आरोपी ने भारी मात्रा में बाल यौन शोषण सामग्री का निर्माण कर उसे शेयर किया है. 

ऑनलाइन बाल यौन शोषण और शोषण के मामलों के लिए नई दिल्ली में CBI के भीतर एक विशेष इकाई 'ऑनलाइन चाइल्ड सेक्सुअल एब्यूज़ एंड एक्सप्लोरेशन प्रिवेंशन / इन्वेस्टीगेशन' (OCSAE) बनाई गई है. जो ऑनलाइन बाल यौन शोषण संबंधित विभिन्न मामलों की जांच कर रही है.

 

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