आंध्र प्रदेश के राजामहेंद्रवरम जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने सनसनी फैला दी है. इस हादसे में एक युवा महिला डॉक्टर की जान चली गई. पुलिस के मुताबिक, हादसे से पहले एक मॉल में एंट्री को लेकर विवाद हुआ था. आरोप है कि नशे की हालत में मौजूद दो युवकों को मॉल में प्रवेश नहीं दिया गया, जिसके बाद दोनों की सुरक्षा कर्मचारियों से बहस हो गई थी.
पुलिस के अनुसार, यही विवाद आगे चलकर उस दर्दनाक हादसे की वजह बना, जिसमें फर्स्ट ईयर पोस्टग्रेजुएट डर्मेटोलॉजी की छात्रा डॉ. कनिके प्रियंका गंभीर रूप से घायल हो गई थीं. प्रियंका करीब एक सप्ताह तक जिंदगी और मौत से जूझती रहीं. इलाज के दौरान उनकी हालत बेहद गंभीर बनी रही और आखिरकार डॉक्टरों ने उन्हें ब्रेन डेड घोषित कर दिया.
पुलिस के मुताबिक, डॉ. कनिके प्रियंका अपने दोस्त वी. वेंकट दुर्गा साई उमेश के साथ प्रसादित्य मॉल गई थीं. उमेश की उम्र 28 साल है और वह जीएसएल मेडिकल कॉलेज में फर्स्ट ईयर MD रेडियोलॉजी के छात्र हैं. दोनों मॉल में फिल्म देखने पहुंचे थे. फिल्म खत्म होने के बाद दोनों दोपहिया वाहन से वहां से निकल रहे थे.
इसी दौरान मॉल में मौजूद दो अन्य युवकों से उनका सामना हुआ. पुलिस ने इन दोनों की पहचान 24 वर्षीय दशवंत और 23 वर्षीय देशभक्तुला एंड्रयू जोसेफ एडवर्ड के तौर पर की है. पुलिस का आरोप है कि दोनों युवक नशे की हालत में मॉल में दूसरी शो की फिल्म देखने पहुंचे थे. लेकिन सुरक्षा कर्मचारियों ने उन्हें अंदर जाने की अनुमति नहीं दी.
ईस्ट गोदावरी पुलिस के मुताबिक, मॉल में एंट्री नहीं मिलने के बाद दशवंत और एंड्रयू की सुरक्षा कर्मचारियों से बहस हो गई. इसके बाद दोनों युवक टाटा नेक्सॉन SUV में बैठकर वहां से निकलने लगे. पुलिस का आरोप है कि उस समय सुरक्षा कर्मचारियों ने मॉल का गेट बंद करने की कोशिश की थी.
इसी दौरान SUV को तेज रफ्तार में चलाया गया. पुलिस का आरोप है कि गाड़ी चला रहे युवक ने बिना हॉर्न बजाए पीछे से प्रियंका और उमेश के दोपहिया वाहन को जोरदार टक्कर मार दी. टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों सड़क पर जा गिरे. हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और दोनों घायलों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया.
हादसे में डॉ. प्रियंका को सिर, चेहरे, नाक और कान में गंभीर चोटें आईं. उनके दोस्त उमेश को भी काफी गंभीर चोट लगी. दोनों को तत्काल GSL इंडिपेंडेंट हॉस्पिटल ले जाया गया. प्रियंका की हालत लगातार गंभीर बनी हुई थी और उनकी स्थिति को देखते हुए बाद में उन्हें बेहतर इलाज के लिए हैदराबाद के KIMS हॉस्पिटल में शिफ्ट किया गया.
KIMS में डॉक्टरों ने प्रियंका का इलाज किया, लेकिन उनकी हालत में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ. करीब एक सप्ताह तक वह गंभीर स्थिति में रहीं. रविवार को अस्पताल की ओर से पुलिस को जानकारी दी गई कि प्रियंका ने दोपहर 3 बजकर 22 मिनट पर दम तोड़ दिया. डॉक्टरों ने उन्हें ब्रेन डेड घोषित किया था.
पुलिस का कहना है कि हादसे के तुरंत बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए थे. मामले की जांच के दौरान पुलिस ने आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली. इसके अलावा तकनीकी साक्ष्यों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी जुटाए गए. जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों तक पहुंचने में मदद मिली.
ईस्ट गोदावरी पुलिस ने दशवंत और एंड्रयू जोसेफ एडवर्ड को 6 अगस्त को गिरफ्तार कर लिया. दोनों को 7 अगस्त को सेकेंड फर्स्ट क्लास मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया गया. कोर्ट ने दोनों आरोपियों को 21 अगस्त तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. पुलिस अब आगे की जांच के लिए आरोपियों की कस्टडी मांगने की तैयारी कर रही है.
ईस्ट गोदावरी के पुलिस अधीक्षक (SP) डी. नरसिम्हा किशोर के मुताबिक, शुरुआत में मामले में लापरवाही या तेज और खतरनाक तरीके से वाहन चलाने के चलते गंभीर चोट पहुंचाने से जुड़ी धाराएं लगाई गई थीं. लेकिन CCTV फुटेज, गवाहों के बयान और मेडिकल सबूतों की जांच के बाद पुलिस ने 4 अगस्त को मामले की धाराएं बदल दी थीं.
पुलिस ने तब भारतीय न्याय संहिता यानी BNS की धारा 110 के साथ धारा 3(5) लगाई थी. पुलिस के मुताबिक, ये धाराएं ऐसे अपराध से जुड़ी हैं, जो गैर इरादतन हत्या के प्रयास के समान गंभीर प्रकृति का है. हालांकि, प्रियंका की मौत के बाद पुलिस ने मामले को और गंभीर बनाते हुए धाराओं में फिर बदलाव किया.
KIMS Hospital की ओर से रविवार को प्रकाश नगर पुलिस को प्रियंका की मौत की जानकारी दी गई. अस्पताल ने बताया कि उन्होंने दोपहर 3.22 बजे दम तोड़ा. इसके बाद पुलिस ने मामले में BNS की धारा 106(2) के साथ धारा 3(5) जोड़ दी. यह बदलाव प्रियंका की मौत के बाद किया गया है.
अब पुलिस की जांच में हादसे से ठीक पहले की पूरी घटना पर खास फोकस है. मॉल में एंट्री को लेकर विवाद, आरोपियों के कथित तौर पर नशे में होने, गेट पर हुई कहासुनी और इसके बाद SUV को तेज रफ्तार में चलाने के आरोपों की जांच की जा रही है. पुलिस CCTV, गवाहों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम को जोड़ने में जुटी है.
टीओआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक, डॉ. कनिके प्रियंका मेडिकल की पढ़ाई कर रही थीं और फर्स्ट ईयर पोस्टग्रेजुएट डर्मेटोलॉजी की छात्रा थीं. वह अपने दोस्त के साथ फिल्म देखने के बाद घर लौट रही थीं, लेकिन मॉल से निकलते ही हुई टक्कर ने उनकी जिंदगी बदल दी. करीब एक सप्ताह तक अस्पताल में इलाज चलने के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका.
पुलिस अब इस मामले में यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हादसे से पहले मॉल में वास्तव में क्या हुआ था और SUV किस परिस्थिति में दोपहिया वाहन से टकराई. आरोपियों के खिलाफ दर्ज धाराओं के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है. पुलिस का कहना है कि जांच के लिए जरूरी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और आरोपियों की कस्टडी के लिए अदालत में याचिका दाखिल की जाएगी.
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