बंगाल चुनाव के बाद PAK हैंडल्स फिर एक्टिव, इन्हीं ने फैलाई थी नोएडा प्रोटेस्ट से जुड़ी फेक न्यूज

पश्चिम बंगाल चुनाव के बाद पाकिस्तान से ऑपरेट हो रहे सोशल मीडिया हैंडल्स फिर एक्टिव हो गए हैं. इसी दौरान नोएडा मजदूर प्रोटेस्ट और कोलकाता हिंसा को लेकर फेक न्यूज फैलाने की साजिश का खुलासा हुआ है. पढ़ें पूरी खबर.

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इस मामले को लेकर पुलिस और एजेंसियां अलर्ट हैं (फाइल फोटो-ITG) इस मामले को लेकर पुलिस और एजेंसियां अलर्ट हैं (फाइल फोटो-ITG)

अरविंद ओझा

  • नोएडा,
  • 05 मई 2026,
  • अपडेटेड 8:13 PM IST

पश्चिम बंगाल में बीजेपी की बंपर जीत के बाद सोशल मीडिया पर फेक न्यूज का सिलसिला तेज हो गया है. खास बात ये है कि इन अफवाहों के पीछे पाकिस्तान से ऑपरेट होने वाले संदिग्ध सोशल मीडिया अकाउंट्स का हाथ सामने आया है. ये अकाउंट्स ना सिर्फ गलत जानकारी फैला रहे हैं, बल्कि देश में माहौल बिगाड़ने की कोशिश भी कर रहे हैं. नोएडा में मजदूरों के प्रोटेस्ट के दौरान भी इसी तरह की फर्जी खबरें वायरल हुई थीं, जिनका अब बड़ा खुलासा हुआ है.

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सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व ट्विटर) पर लगातार भ्रामक और झूठी जानकारी पोस्ट की जा रही है. ये पोस्ट देखने में सामान्य लगती हैं, लेकिन इनके पीछे एक बड़ी साजिश काम कर रही है. पश्चिम बंगाल चुनाव के बाद इन पोस्ट्स की संख्या अचानक बढ़ गई है. इनमें हिंसा, मौत और सरकारी कार्रवाई को लेकर झूठे दावे किए जा रहे हैं. इसका मकसद लोगों में डर और भ्रम फैलाना है.

कोलकाता पुलिस ने ऐसे ही एक संदिग्ध X हैंडल का फैक्ट चेक किया है. यह हैंडल 'Anushi tiwari proud Indian' नाम से चल रहा है. पहली नजर में यह एक भारतीय यूजर का अकाउंट लगता है, लेकिन जांच में इसके पीछे की सच्चाई चौंकाने वाली निकली. इस हैंडल से लगातार फर्जी पोस्ट और भड़काऊ कंटेंट शेयर किया जा रहा था.

आज तक/इंडिया टुडे की टीम ने जब इस X हैंडल को एक्सेस किया तो पाया कि इस पर कई झूठी खबरें पोस्ट की गई हैं. इनमें एक पोस्ट में दावा किया गया कि चुनावी नतीजों के बाद 19 लोगों की मौत हो गई और 98 लोग घायल हुए. हालांकि, इस दावे की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है और इसे पूरी तरह फर्जी बताया गया है.

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एक अन्य पोस्ट में यह भी दावा किया गया कि कोलकाता में हिंसा के बाद भारतीय सेना को तैनात किया गया है. इस खबर ने सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होकर लोगों में दहशत पैदा कर दी. लेकिन पुलिस जांच में यह भी पूरी तरह गलत और भ्रामक साबित हुआ. ऐसे पोस्ट जानबूझकर माहौल खराब करने के लिए बनाए जाते हैं.

जांच में सामने आया कि 'Anushi Tiwari proud Indian' नाम का यह X हैंडल कई महीनों से पाकिस्तान से ऑपरेट किया जा रहा है. इस हैंडल को चलाने वाले लोग अपनी असली पहचान छिपाने के लिए VPN का इस्तेमाल कर रहे थे. इससे उनका लोकेशन ट्रेस करना मुश्किल हो जाता है और वे आसानी से अफवाह फैला पाते हैं.

नोएडा में मजदूरों के प्रोटेस्ट के दौरान भी इसी हैंडल से फेक न्यूज फैलायी गई थी. उस समय दावा किया गया था कि पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे मजदूरों पर गोली चला दी, जिसमें 14 लोगों की मौत हो गई. यह खबर पूरी तरह झूठी थी, लेकिन इसके वायरल होने से इलाके में तनाव बढ़ गया था.

फर्जी खबरों के कारण नोएडा में स्थिति काफी बिगड़ गई थी. लोगों में गुस्सा फैल गया और कुछ जगहों पर हिंसा भी हुई. बाद में जब पुलिस ने जांच की तो सच्चाई सामने आई कि ये खबरें बाहरी स्रोतों से फैलाई गई थीं. इसका मकसद सिर्फ माहौल खराब करना और कानून-व्यवस्था को चुनौती देना था.

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नोएडा पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि कई संदिग्ध सोशल मीडिया हैंडल्स इस तरह की गतिविधियों में शामिल थे. ये सभी हैंडल्स एक नेटवर्क की तरह काम कर रहे थे और एक ही तरह की फर्जी खबरें अलग-अलग अकाउंट से शेयर की जा रही थीं. इससे इन अफवाहों को ज्यादा विश्वसनीय बनाने की कोशिश की जाती है.

अब वही संदिग्ध सोशल मीडिया हैंडल्स पश्चिम बंगाल को लेकर फर्जी खबरें फैला रहे हैं. चुनावी माहौल और उसके बाद की स्थिति का फायदा उठाकर लोगों को गुमराह किया जा रहा है. प्रशासन और पुलिस लगातार इन गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं और लोगों से सतर्क रहने की अपील कर रहे हैं.

ऐसे में जरूरी है कि आम लोग सोशल मीडिया पर मिलने वाली हर जानकारी को बिना जांचे-परखे सच न मानें. किसी भी खबर को शेयर करने से पहले उसकी पुष्टि करना बेहद जरूरी है. फेक न्यूज ना सिर्फ समाज में भ्रम फैलाती है, बल्कि कई बार हिंसा और अशांति की वजह भी बन जाती है. इसलिए सतर्क रहें और जिम्मेदारी से सोशल मीडिया का इस्तेमाल करें.

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