तमिलनाडु रेलवे पुलिस ने ट्रेन से करीब 3 किलो सोना चोरी होने के मामले का खुलासा कर दिया है. इस केस में पुलिस को एक फेंके गए बैग में छिपी स्मार्टवॉच से अहम सुराग मिला. GPS लोकेशन के जरिए पुलिस कुख्यात ट्रेन लुटेरे अमरनाथ जायसवाल तक जा पहुंची. पुलिस के मुताबिक, अमरनाथ के खिलाफ 2009 से पहले ट्रेन में चोरी के 36 मामले दर्ज थे. मगर वह करीब 17 साल से अपराध की दुनिया से दूर था. इस साल उसने दोबारा वारदात करना शुरू किया और एक ट्रेन में सोने से भरा बैग चोरी कर लिया.
दरअसल, 23 जुलाई को 47 वर्षीय दीपक सांचेती मदुरै से चेन्नई एगमोर जाने वाली अनंतपुरी एक्सप्रेस में सवार हुए थे. वह टी नगर की एक ज्वेलरी दुकान में मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव हैं और काम पूरा करने के बाद ट्रेन से चेन्नई लौट रहे थे. उनके पास करीब 3 किलो सोना था. सफर के दौरान दीपक सो गए और जब चेंगलपट्टू के पास उनकी नींद खुली तो उनका बैग गायब था.
24 जुलाई को उन्होंने तांबरम रेलवे पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. जांच में पता चला कि दीपक ने अपनी स्मार्टवॉच बैग के अंदर एक पाउच में रखी थी. पुलिस ने स्मार्टवॉच का GPS डेटा खंगाला तो उसकी लोकेशन त्रिची और विरुधाचलम के बीच रेलवे ट्रैक के पास मिली. इसके बाद पुलिस ने ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों और रेलवे स्टाफ से पूछताछ शुरू की.
जांच के दौरान सेकेंड AC कोच के एक यात्री पर शक गहराया, जो बार-बार अपनी सीट से उठकर टॉयलेट की तरफ जा रहा था और कोच के दरवाजे के पास भी खड़ा देखा गया था. पुलिस ने पैसेंजर लिस्ट की जांच की तो उसमें अमरनाथ जायसवाल का नाम मिला. उसके पुराने 36 ट्रेन चोरी के मामलों ने जांच को और दिशा दे दी. पुलिस के मुताबिक, अमरनाथ ने दीपक के पास सोना देखा था और उनके सो जाने के बाद त्रिची के पास बैग चुरा लिया.
पुलिस का कहना है कि अमरनाथ ने सोना अपने सामान में रख लिया और दीपक का बैग बाहर फेंक दिया. उसे लगा था कि बैग पूरी तरह खाली है, लेकिन उसमें रखी स्मार्टवॉच ने पुलिस को उसकी लोकेशन तक पहुंचा दिया. वारदात के बाद अमरनाथ वापस उसी कोच में गया और अपनी सीट पर सो गया, ताकि किसी को उस पर शक न हो.
दीपक के चेंगलपट्टू के पास जागने के बाद अमरनाथ तांबरम में ट्रेन से उतर गया. पुलिस के मुताबिक, उसके साथ दो और आरोपी भी सफर कर रहे थे. गिरोह ने मदुरै, चेन्नई, हैदराबाद, बिहार और कोलकाता जाने वाली कई ट्रेनों में टिकट बुक कर संभावित शिकारों की पहचान की थी. चोरी के बाद आरोपियों ने राजन कुमार से संपर्क किया, जो चोरी का सोना लेने के लिए कोलकाता से फ्लाइट के जरिए चेन्नई आया था.
मामले की जांच के लिए विशेष टीम बनाई गई. मोबाइल फोन की लोकेशन ने पुलिस को पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी तक पहुंचाया. पुलिस ने अमरनाथ जायसवाल को सिलीगुड़ी से गिरफ्तार कर लिया, जबकि राजन कुमार को बिहार से पकड़ा गया. दोनों के पास से करीब 4 लाख रुपये बरामद किए गए हैं. पुलिस अब रंजन कुमार और अशोक कुमार की तलाश कर रही है. पुलिस को शक है कि चोरी किया गया करीब 3 किलो सोना इन्हीं दोनों आरोपियों के पास है.
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