नाबालिग भतीजी से चाचा ने की दरिंदगी, वारदात के 2 साल बाद 25 साल की जेल की सजा

हिमाचल प्रदेश के ऊना में रिश्तों को तार-तार कर देने वाले मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है. यहां 13 साल की भतीजी से बलात्कार के मामले में एक शख्स को 25 साल की जेल की सजा सुनाई गई है. विशेष अदालत ने आरोपी को पीड़िता को धमकाने के लिए 1 साल की अतिरिक्त सजा और 55 हजार का जुर्माना भी लगाया है.

Advertisement
ऊना में रिश्तों को तार-तार कर देने वाले मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है. ऊना में रिश्तों को तार-तार कर देने वाले मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है.

aajtak.in

  • ऊना,
  • 05 जुलाई 2025,
  • अपडेटेड 6:14 PM IST

हिमाचल प्रदेश के ऊना में रिश्तों को तार-तार कर देने वाले एक मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है. यहां 13 साल की भतीजी से बलात्कार के मामले में एक शख्स को 25 साल की जेल की सजा सुनाई गई है. विशेष अदालत ने आरोपी को पीड़िता को धमकाने के लिए 1 साल की अतिरिक्त सजा और 55 हजार का जुर्माना भी लगाया है. जुर्माना नहीं देने पर एक महीने की सजा का प्रावधान किया गया है.

Advertisement

जानकारी के मुताबिक, ये मामला नवंबर 2023 का है. ऊना जिले की एक 13 वर्षीय बच्ची की मां की मौत हो गई. वो अपने पिता और चाचा के साथ रह रही थी. पिता हलवाई हैं, इसलिए अक्सर काम में व्यस्त रहते हैं. उसका चाचा केवल कृष्ण (43) पेशे से प्लंबर है. उसने मौके का फायद उठाकर घर में अकेली बच्ची को कई बार अपनी हवस का शिकार बनाया. इसके साथ ही उसे जान से मारने की धमकी भी दी.

पीड़ित बच्ची काफी समय तक चुप रही है. लेकिन जब दर्द असहनीय हो गया, तो उसने अपने पड़ोस में रहने वाली चाची को अपनी आपबीती सुना दी. चाची उसे लेकर सीधे महिला थाने पहुंची. वहां उनकी तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपी चाचा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और पॉक्सो एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया. इसके बाद आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार करके जेल भेज दिया.

Advertisement

अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह केस अदालत में करीब दो साल तक चला है. इस दौरान पुलिस ने कई सबूत और गवाह पेश किए, जिसके आधार पर अदालत ने आरोपी को अपनी भतीजी के साथ बलात्कार मामले में दोषी ठहराया था. इसके बाद सजा का ऐलान हुआ है. इस तरह के ज्यादातर मामलों में 20 साल तक अधिकतम सजा सुनाई जाती है, लेकिन अपराध की प्रकृति को देखते हुए अतिरिक्त सजा दी गई है.

बताते चलें कि निर्भया कांड के बाद ऐसे मामलों के लिए कानून में बहुत बदलाव किए गए थे. लेकिन इसके बावजूद रेप के मामलों में सजा की दर बहुत कम है. नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरों की रिपोर्ट की मानें तो साल 2022 तक 3 लाख 58 हजार 749 केस दर्ज किए गए थे, लेकिन फांसी की सजा केवल 5 अपराधियों को मिली थी. सख्त सजा का प्रावधान होते हुए भी अपराधियों में कानून का डर नहीं देखा जा रहा.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »