धोखाधड़ी की FIR, कोर्ट में गवाही और पेशी से पहले हत्या... क्या पुराने विवाद से जुड़े हैं पूर्व IAS राकेश अग्रवाल मर्डर केस के तार?

भोपाल में रिटायर्ड IAS राकेश अग्रवाल की हत्या की जांच में एक करोड़ रुपये से ज्यादा की पुरानी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है. कोर्ट में गवाही से पहले हत्या को लेकर पुलिस पुराने विवाद और फरार केयरटेकर दोनों एंगल से जांच कर रही है. पढ़ें पूरी कहानी.

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इस मामले में पुलिस की जांच अभी जारी है (फोटो-ITG) इस मामले में पुलिस की जांच अभी जारी है (फोटो-ITG)

धर्मेंद्र साहू

  • भोपाल,
  • 02 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 5:08 PM IST

भोपाल के रातीबड़ थाना क्षेत्र के सूरज नगर में रिटायर्ड आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या के मामले में अब एक नया और अहम मोड़ आ गया है. करीब 11 महीने पहले राकेश अग्रवाल ने अपने पूर्व परिचित अजीत पाटनी के खिलाफ एक करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी की शिकायत क्राइम ब्रांच में की थी. जांच के बाद अक्टूबर 2025 में पुलिस ने अजीत पाटनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया था. अब पुलिस इस पुराने वित्तीय विवाद और राकेश अग्रवाल की हत्या के बीच संभावित कनेक्शन की भी जांच कर रही है.

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दो दिन पहले आया था नया केयरटेकर 

पूरे मामले की शुरुआत 30 सितंबर की सुबह हुई. राकेश अग्रवाल सूरज नगर स्थित अपने घर में पत्नी के साथ रहते थे. वारदात से कुछ दिन पहले ही एक नए केयरटेकर को घर पर काम के लिए रखा गया था. पुलिस के मुताबिक घटना के बाद से वो केयरटेकर फरार है. उसका सामान भी घर पर नहीं मिला. इसी वजह से शुरुआती जांच में शक की सुई उसी की ओर घूम रही है.

रात में गला रेतकर हत्या

पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक हत्या रात करीब 2 से 3 बजे के बीच होने की आशंका है. राकेश अग्रवाल घर के निचले हिस्से में सो रहे थे. सुबह उनकी पत्नी ने कमरे से बाहर निकलने की कोशिश की तो दरवाजा बाहर से बंद मिला. उन्होंने दूसरे कर्मचारी की मदद ली. जब किसी तरह से दरवाजा खुला तो राकेश अग्रवाल का खून से लथपथ शव कमरे में मिला. उनका गला रेता गया था. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची. फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए और सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू किया. फरार केयरटेकर वरुण कपूर की तलाश के लिए पुलिस की कई टीमें लगाई गई हैं.

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LPG लीक करने की कोशिश का शक

जांच के दौरान पुलिस को घर में LPG सिलेंडर की पाइप-रेग्युलेटर से छेड़छाड़ के संकेत मिले. इससे आशंका जताई गई कि वारदात के बाद घर में आग लगाने या सबूत मिटाने की कोशिश की गई हो सकती है. हालांकि इसका असली मकसद क्या था, यह जांच पूरी होने के बाद ही साफ होगा.

धोखाधड़ी का पुराना मामला

हत्या की जांच के बीच पुलिस को राकेश अग्रवाल से जुड़े करीब 11 महीने पुराने एक वित्तीय विवाद की जानकारी मिली है. जानकारी के मुताबिक, अग्रवाल ने अपने पूर्व परिचित अजीत पाटनी के खिलाफ एक करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी की शिकायत क्राइम ब्रांच में की थी. 

आरोप था कि कंपनी में निवेश और बेहतर रिटर्न का भरोसा देकर उनसे एक करोड़ रुपये से अधिक की रकम ली गई थी. शिकायत की जांच के बाद अक्टूबर 2025 में पुलिस ने अजीत पाटनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया था. इसके बाद मामला अदालत तक पहुंचा. राकेश अग्रवाल इस मामले में महत्वपूर्ण गवाह बताए जा रहे थे.

पेशी और गवाही से पहले हत्या ने उठाए सवाल

अब जांच का सबसे अहम बिंदु यह है कि पुराने धोखाधड़ी मामले में कोर्ट की कार्रवाई चल रही थी. राकेश अग्रवाल की गवाही भी महत्वपूर्ण बताई जा रही थी. ऐसे में पुलिस यह पता कर रही है कि क्या इस पुराने विवाद का हत्या से कोई कनेक्शन तो नहीं है.

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पुलिस यह भी जांच रही है कि क्या राकेश अग्रवाल पर मामले को लेकर किसी तरह का दबाव, धमकी या समझौते का दबाव था. हालांकि अभी तक पुलिस ने यह नहीं कहा है कि अजीत पाटनी या पुराने धोखाधड़ी मामले से जुड़े किसी व्यक्ति का हत्या में हाथ है. यह केवल जांच का एक एंगल है.

ADCP अनिल शर्मा ने क्या कहा?

एडीसीपी अनिल शर्मा के मुताबिक, पुलिस के संज्ञान में यह पुराना मामला आया है और इसकी भी जांच की जा रही है. वित्तीय लेनदेन की जांच की जा रही है और पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि पुराने विवाद और मौजूदा हत्याकांड के बीच कोई कनेक्शन है या नहीं. पुलिस का फिलहाल मुख्य फोकस फरार आरोपी को पकड़ने पर है. उसकी गिरफ्तारी और पूछताछ के बाद ही हत्या की पूरी कहानी और इसके पीछे के मकसद साफ होने की उम्मीद है.

इस पूरे मामले की टाइमलाइन-

अक्टूबर 2025 
राकेश अग्रवाल ने पूर्व परिचित अजीत पाटनी के खिलाफ एक करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी की शिकायत की. जांच के बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर अजीत को गिरफ्तार किया.

सितंबर 2026
पुराने धोखाधड़ी मामले में न्यायालय की कार्रवाई आगे बढ़ रही थी और राकेश अग्रवाल की गवाही महत्वपूर्ण थी. वारदात से कुछ दिन पहले राकेश अग्रवाल के घर पर नया केयरटेकर (मेल नर्स) काम पर रखा गया.

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29-30 सितंबर की दरमियानी रात 
पुलिस के मुताबिक, इसी दौरान राकेश अग्रवाल की हत्या हुई. हत्या के बाद केयरटेकर घर से फरार हो गया.

30 सितंबर की सुबह 
राकेश की पत्नी को घर के अंदर शव मिला. पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची. घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए गए और फरार केयरटेकर की तलाश शुरू हुई.

30 सितंबर-1 अक्टूबर
पुलिस ने हत्या, संभावित लूट और घर में गैस भरने के एंगल के साथ पुराने एक करोड़ रुपये से अधिक के धोखाधड़ी विवाद की भी जांच शुरू की.

1 अक्टूबर 2026
पुलिस के सामने पुराने लेन-देन का विवाद अहम बिंदु बनकर सामने आया. अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि राकेश अग्रवाल की हत्या महज लूट की वारदात थी या पुराने लेन देन से भी इसका कोई संबंध है.

फिलहाल, इस पूरे मामले में पुलिस ने अलग-अलग टीम बनाकर केयरटेकर को तलाश करने की कोशिश कर रही है. पुलिस की टीम अलग-अलग कई राज्यों में सर्चिंग कर रही है. पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपी पकड़ा जाएगा.

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