पुणे पोर्श कांड: पुलिस कस्टडी में भेजा गया आरोपी का पिता, जांच के लिए अस्पताल पहुंचा पैनल

महाराष्ट्र के पुणे में हुए पोर्श कार एक्सीडेंट मामले में नाबालिग आरोपी के ब्लड सैंपल के हेरफेर की जांच कर रही तीन सदस्यीय कमेटी ने मंगलवार को ससून जनरल अस्पताल का दौरा किया. इस मामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारियों से भी मुलाकात किया.

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महाराष्ट्र के पुणे में हुए पोर्श कार एक्सीडेंट मामले में नाबालिग आरोपी के पिता को पुलिस हिरासत. महाराष्ट्र के पुणे में हुए पोर्श कार एक्सीडेंट मामले में नाबालिग आरोपी के पिता को पुलिस हिरासत.

aajtak.in

  • पुणे,
  • 28 मई 2024,
  • अपडेटेड 11:16 PM IST

महाराष्ट्र के पुणे में हुए पोर्श कार एक्सीडेंट मामले में नाबालिग आरोपी के ब्लड सैंपल के हेरफेर की जांच कर रही तीन सदस्यीय कमेटी ने मंगलवार को ससून जनरल अस्पताल का दौरा किया. इस मामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारियों से भी मुलाकात किया. वहीं, कोर्ट ने फैमिली ड्राइवर के अपहरण केस में 17 वर्षीय आरोपी के पिता को 31 मई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है.

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ग्रांट मेडिकल कॉलेज और जेजे समूह के अस्पतालों की डीन डॉ. पल्लवी सपले की अध्यक्षता वाली कमेटी ससून अस्पताल पहुंची. डॉ. सपले ने कहा, "हम दुर्घटना के बाद घटनाओं के क्रम की जांच करेंगे. जांच नियमों के अनुसार की जाएगी और एक रिपोर्ट सरकार को सौंपी जाएगी." पुलिस ने 19 मई को हुए हादसे के अगले दिन आरोपी के ब्लड सैंपल के बदलने का खुलासा किया था.

इस खुलासे के बाद सरकारी अस्पताल के फोरेंसिक मेडिसिन विभाग के प्रमुख डॉ. अजय तवारे, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. श्रीहरि हल्नोर और एक स्टाफ अतुल घाटकांबले को गिरफ्तार किया था. इन तीनों ने पैसों की लालच में आकर आरोपी का ब्लड सैंपल बदल दिया था, ताकि उसके शराब पीने की पुष्टि न हो सके. कमेटी ने पुणे क्राइम ब्रांच के ऑफिस का भी दौरा किया, जो केस की जांच कर रही है.

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डॉ. पल्लवी सपले ने कहा, "हम अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपेंगे और उसका विशेषाधिकार है कि वो क्या कार्रवाई करना चाहती है. सरकार ने हमें जल्द से जल्द रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है." इस कमेटी के सदस्यों ने कैजुअल्टी डिपार्टमेंट का भी दौरा किया और ब्लड सैंपल कलेक्शन, उसके संरक्षण और फोरेंसिक लैब में भेजने की प्रक्रिया को भी समझा, ताकि उन्हें ये समझ में आ जाए कि कहां चूक हुई है.

दूसरी तरफ न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी ए ए पांडे ने आोरोपी के पिता विशाल अग्रवाल को ड्राइवर अपहरण केस में 31 मई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया, जहां उन पर और उनके पिता सुरेंद्र अग्रवाल पर ड्राइवर पर हादसे की जिम्मेदारी लेने का दबाव डाला गया. इस मामले में नाबालिग के दादा सुरेंद्र अग्रवाल को पहले ही गिरफ्तार किया गया था. मजिस्ट्रेट पांडे ने पुलिस हिरासत 31 मई तक बढ़ा दी थी.

पुलिस के मुताबिक, 19 मई की रात को नाबालिग लड़का अपने दोस्तों के साथ 69 हजार की शराब गटक गया था. वो रात को अपने दोस्तों के साथ सबसे पहले पुणे के कोज़ी पब में गया. वहां रात 12 बजे तक जमकर शराब पिया. इसके बाद ड्रिंक्स सर्व करना बंद कर दिया गया, तो वो दोस्तों के साथ ब्लाक मैरिएट पब के लिए रवाना हो गया और जाने से पहले उसने पब में 48 हजार रुपए का बिल दिया. फिर मैरिएट पब में भी 21 हजार की शराब गटक गया. इतनी शराब पीने के बाद नशे की हालत में उसने तीन करोड़ रुपए की पोर्श कार की चाभी अपने हाथ में ली और फर्राटे से सड़क पर उड़ने लगा.

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बताते चलें कि पूरे पुणे में अग्रवाल परिवार को जाना जाता है. आरोपी के पिता विशाल अग्रवाल के स्वामित्व वाली कंपनियों की कुल नेट वर्थ 601 करोड़ रुपए के आसपास है. उनकी कई पीढ़ी कंस्ट्रक्शन के बिजनेस में रही है. ब्रम्हा कोर्प नाम की कंस्ट्रक्शन कंपनी को आरोपी के परदादा ब्रम्हदत्त अग्रवाल ने शुरू की थी. उसके बाद उसका पिता विशाल इस करीब 40 साल पुरानी कंपनी के मालिक हैं. ब्रम्हदत्त ने पुणे के वडगांव शेरी, खराड़ी, विमान नगर इलाकों में कई बड़े हाउसिंग प्रोजेक्ट बनाए हैं. इसके अलावा आरोपी के परिवार का ब्रम्हा मल्टीस्पेस, ब्रम्हा मल्टीकॉन जैसी बिजनेस कंपनियां भी है. 

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