मुंबई के गोरेगांव पूर्व इलाके में दो साल की बच्ची की मौत के मामले में 12 साल की नाबालिग लड़की और उसकी मां को पुलिस ने हिरासत में लिया है. आरोप है कि नाबालिग ने पड़ोस में रहने वाली दो साल की बच्ची को छठी मंजिल से नीचे धकेल दिया. यह घटना 14 अक्टूबर की रात करीब 10:30 बजे की बताई जा रही है. पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है.
यह मामला मुंबई के दिंडोशी थाना क्षेत्र के गोरेगांव पूर्व स्थित नागरिक निवारा परिसर का है. यहां शिवशाही प्रकल्प की बिल्डिंग नंबर-1 की छठी मंजिल पर यह घटना हुई. स्थानीय लोगों के मुताबिक, फ्लैट नंबर 602 में दो साल की अबीरा शाकिर शेख अपने परिवार के साथ रहती थी.
बताया गया है कि बच्ची का परिवार घटना से करीब 15 दिन पहले, यानी 1 अक्टूबर को ही इस परिसर में रहने आया था. इसी मंजिल पर एक 12 साल की नाबालिग लड़की भी अपने परिवार के साथ रहती थी.
स्थानीय लोगों के मुताबिक, 14 अक्टूबर की रात करीब 10:30 बजे दो साल की अबीरा शाकिर शेख को छठी मंजिल से नीचे धकेल दिया गया. इस मामले में उसी मंजिल पर रहने वाली 12 साल की नाबालिग लड़की पर आरोप है. घटना के बाद बच्ची की मौत हो गई.
हालांकि, घटना के पीछे की वजह क्या थी और उस समय वास्तव में क्या हुआ, इसकी पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है. पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपों से जुड़े तथ्यों की पुष्टि की जा रही है. देखें CCTV वीडियो-
इस मामले में नाबालिग लड़की की मां की भूमिका भी जांच के दायरे में है. स्थानीय लोगों के अनुसार, घटना के बाद वह सोसायटी के केबिन में गई थी और वहां लगे CCTV कैमरों की फुटेज डिलीट करने की कोशिश की गई. आरोप है कि ऐसा करके घटना से जुड़े सबूत मिटाने का प्रयास किया गया.
हालांकि, डिलीट की गई फुटेज को साइबर विशेषज्ञों की मदद से रिकवर किए जाने की बात सामने आई है. इसी फुटेज से मामले की जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिलने की जानकारी दी गई है.
दिंडोशी पुलिस इस मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है. फिलहाल 12 साल की नाबालिग लड़की और उसकी मां पुलिस हिरासत में हैं. पुलिस घटना के समय की परिस्थितियों, CCTV फुटेज और मां की कथित भूमिका की जांच कर रही है.
अभी तक घटना के पीछे की वजह को लेकर कोई साफ जानकारी सामने नहीं आई है. जांच पूरी होने के बाद ही मामले से जुड़े अन्य तथ्यों का खुलासा हो सकेगा.
(गोरेगांव से शिव शंकर तिवारी की रिपोर्ट)
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