दिल्ली के पीरागढ़ी गांव में 60 वर्षीय चौकीदार की एसयूवी से कुचलकर हत्या किए जाने के मामले में पुलिस को यह वारदात सुनियोजित साजिश लग रही है. पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने पहले चौकीदार की डंडों से पिटाई की और फिर एसयूवी से तीन से चार बार कुचलकर उसकी हत्या कर दी. घटना के बाद आरोपी बिना नंबर प्लेट वाली गाड़ी लेकर फरार हो गया, जिससे उसकी पहचान करना पुलिस के लिए चुनौती बन गया है.
मृतक की पहचान बिजेंद्र भारद्वाज के रूप में हुई है, जो पीरागढ़ी गांव स्थित एक टेंपो स्टैंड पर चौकीदार के तौर पर काम करते थे. पुलिस के अनुसार, रविवार तड़के करीब 2:54 बजे वह स्टैंड पर अकेले मौजूद थे, तभी उन पर हमला हुआ. घटना की पूरी वारदात आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है.
कब हुई घटना?
जांच अधिकारियों के मुताबिक, फुटेज में एक एसयूवी टेंपो स्टैंड के पास खड़ी दिखाई देती है, जिसकी हेडलाइट जल रही थी. उसी दौरान एक व्यक्ति गाड़ी से उतरकर हाथ में डंडा लेकर बिजेंद्र भारद्वाज पर हमला करता है. जब वह जान बचाकर भागने की कोशिश करते हैं तो आरोपी गाड़ी चलाकर उन्हें टक्कर मारता है और कई बार कुचलने के बाद मौके से फरार हो जाता है.
एसयूवी पर नहीं था नंबर प्लेट
पुलिस का कहना है कि एसयूवी पर नंबर प्लेट नहीं होने के कारण आरोपी तक पहुंचना मुश्किल हो रहा है. हालांकि, सीसीटीवी फुटेज के आधार पर गाड़ी की गतिविधियों का पता लगाया जा रहा है. पुलिस के मुताबिक, एसयूवी को आखिरी बार दिल्ली-हरियाणा सीमा के पास हिरण कुंडना इलाके में देखा गया था.
पहले से रची गई साजिश?
पुलिस हत्या के पीछे कई एंगल से जांच कर रही है. अधिकारियों का मानना है कि यह मामला सामान्य रोडरेज का नहीं बल्कि पहले से रची गई साजिश का हो सकता है. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं मृतक ने चोरी या किसी संदिग्ध गतिविधि का विरोध तो नहीं किया था, जिसके चलते बदला लेने के इरादे से हत्या की गई.
चोरी की कोशिश रोकने के लिए वारदात
मृतक के छोटे भाई मुकेश भारद्वाज ने आरोप लगाया कि उनके भाई को जानबूझकर निशाना बनाया गया. उन्होंने कहा कि बिजेंद्र कुर्सी पर बैठे थे, तभी एक व्यक्ति गाड़ी से उतरा और डंडों से हमला कर दिया. इसके बाद एसयूवी से कई बार कुचल दिया गया. परिवार का कहना है कि मृतक की किसी से पुरानी दुश्मनी नहीं थी, लेकिन संभव है कि चोरी की कोशिश रोकने को लेकर विवाद हुआ हो.
परिजनों ने पुलिस की शुरुआती कार्रवाई पर भी सवाल उठाए हैं. मृतक की पोती का आरोप है कि शुरुआत में पुलिस ने इसे सड़क हादसा मानकर मामला दर्ज किया, जबकि परिवार लगातार हत्या की बात कह रहा था. बाद में हत्या की धाराएं जोड़ी गईं.
जांच के लिए आठ से अधिक टीमें गठित
पुलिस ने बताया कि मामले की जांच के लिए आठ से अधिक टीमें गठित की गई हैं. आसपास के रास्तों, चौराहों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं. घटनास्थल पर मिले टायरों के निशान से यह भी संकेत मिला है कि हमला करते समय एसयूवी चालक ने ब्रेक लगाए थे. इस मामले में पश्चिम विहार पश्चिम थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
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