गुजरात में डांग जिले में दो सगे भाइयों के बीच हुआ विवाद खूनी वारदात में बदल गया. जहां एक छोटे भाई ने खून के रिश्ते को तार-तार करते हुए अपने बड़े भाई को मौत के घाट उतार दिया. दोनों के बीच मामूली सी बात को लेकर विवाद हुआ था, जो बाद में खूनी वारदात के तौर पर सामने आया. इस हत्याकांड से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई.
यह खूनी वारदात डांग जिले के आहवा तालुका के भवानदगढ़ इलाके की है. जानकारी के मुताबिक 26 वर्षीय रंजीत पवार मजदूरी करके अपने परिवार का पालन-पोषण करता था, जबकि उसका 28 वर्षीय बड़ा भाई गजेंद्र पवार बेरोजगार था. मंगलवार शाम रंजीत मजदूरी का काम खत्म करके घर लौटा था. इसके बाद दोनों भाई परिवार के साथ खाना खाने बैठे थे, इसी दौरान काम-धंधे को लेकर दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई.
बताया जा रहा है कि खाना खाने के दौरान रंजीत ने अपने बड़े भाई गजेंद्र को काम-धंधा शुरू करने की सलाह दी. शुरुआत में दोनों के बीच सामान्य बातचीत हो रही थी, लेकिन कुछ ही देर में यह बातचीत बहस में बदल गई. पुलिस के मुताबिक दोनों भाइयों के बीच बहस बढ़ती गई और मामला इतना बिगड़ गया कि दोनों के बीच मारपीट होने लगी. इसी दौरान रंजीत ने पास में पड़े धारदार हथियार से गजेंद्र पर हमला कर दिया.
हमले में गजेंद्र पवार गंभीर रूप से घायल हो गए. पुलिस जांच के अनुसार उनकी मौके पर ही मौत हो गई. घटना की जानकारी मिलते ही भवानदगढ़ इलाके में हड़कंप मच गया और आसपास के लोगों ने इसकी सूचना आहवा पुलिस को दी. सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच पड़ताल शुरू की. पुलिस ने आरोपी रंजीत पवार को हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार के साथ पकड़ लिया.
आहवा पुलिस ने इस मामले में हत्या का केस दर्ज कर रंजीत पवार को गिरफ्तार कर लिया है. मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. पुलिस अब घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है. इसमें यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि दोनों भाइयों के बीच पहले से कोई विवाद था या नहीं और घटना के समय वास्तव में क्या हुआ था.
पुलिस घटना में इस्तेमाल किए गए हथियार की भी जांच कर रही है और आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ की जा रही है. गवाहों के बयान और दूसरे सबूतों के आधार पर पुलिस पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है. शुरुआती जांच में काम-धंधे को लेकर दी गई सलाह के बाद विवाद बढ़ने की बात सामने आई है. हालांकि, हत्या के पीछे की सही वजह और विवाद के अन्य पहलुओं का पता पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही चलेगा.
ब्रिजेश दोशी