बेंगलुरु पुलिस ने लग्जरी कार चोरी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है. इलेक्ट्रॉनिक सिटी डिवीजन पुलिस ने इस मामले में एक महिला समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि दोनों महंगी कारों को चोरी करके राजस्थान में अपने जानकारों के जरिए बेचते थे. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई टोयोटा फॉर्च्यूनर बरामद की है, जिसकी कीमत करीब 35 लाख रुपये बताई गई है.
मामला 27 जून का है, जब चेन्नई निवासी एक व्यक्ति ने अपनी टोयोटा फॉर्च्यूनर चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई थी. वह एक दिन पहले वीकेंड ट्रिप के लिए बेंगलुरु आया था और रात करीब 1:30 बजे फिल्म देखकर होटल लौटा था. उसने अपनी टोयोटा फॉर्च्यूनर होटल की पार्किंग में खड़ी की थी. कुछ देर बाद जब वह पार्किंग में पहुंचा तो उसकी 35 लाख रुपये की कार गायब थी.
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और आरोपियों की तलाश में कई जगह दबिश दी. जांच के दौरान 4 जुलाई को पुलिस ने आरोपियों को बेलगावी-पुणे नेशनल हाईवे के पास कराड इलाके में ट्रेस कर लिया. पुलिस की कार्रवाई के दौरान मुख्य आरोपी चोरी की कार लेकर भागने में कामयाब हो गया. हालांकि, उसकी महिला साथी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया.
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान महिला आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि दोनों मिलकर महंगी कारों को निशाना बनाते थे. उनका मकसद चोरी की इन गाड़ियों को बेचकर जल्दी पैसा कमाना था. पुलिस ने इस जानकारी के आधार पर मुख्य आरोपी की तलाश तेज कर दी. आखिरकार विशेष टीम ने 17 जुलाई को उसे सिल्क बोर्ड के पास से गिरफ्तार कर लिया.
जांच में पुलिस को पता चला कि आरोपी बेहद शातिर तरीके से लग्जरी कारों की चोरी करता था. वह आधुनिक उपकरणों की मदद से कारों की डुप्लीकेट चाबी तैयार करता था और उन्हीं के जरिए महंगी गाड़ियों को अनलॉक कर लेता था. इसके बाद चोरी की गई कारों को राजस्थान के बाड़मेर, बालोतरा और आसपास के रेगिस्तानी इलाकों में अपने जानकारों को बेच देता था.
मुख्य आरोपी से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने राजस्थान में चोरी की गई टोयोटा फॉर्च्यूनर की तलाश शुरू की. 24 जुलाई को पुलिस ने बाड़मेर क्षेत्र में धोरिमन्ना थाना क्षेत्र के अलेटी से इस गाड़ी को बरामद कर लिया. पुलिस के अनुसार बरामद टोयोटा फॉर्च्यूनर की कीमत करीब 35 लाख रुपये है. कार की बरामदगी से पुलिस को इस पूरे नेटवर्क की कार्यप्रणाली समझने में भी मदद मिली.
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड पुराना है. पुलिस के मुताबिक, उनके खिलाफ बेंगलुरु, हैदराबाद, राजस्थान और तमिलनाडु में कुल 21 मामले दर्ज हैं. अब पुलिस इन पुराने मामलों और लग्जरी कार चोरी के नेटवर्क के बीच कनेक्शन की भी जांच कर रही है. साथ ही यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि चोरी की अन्य गाड़ियां कहां बेची गईं.
यह पूरी कार्रवाई इलेक्ट्रॉनिक सिटी डिवीजन पुलिस ने अंजाम दी. इस अभियान को डीसीपी एम. नारायण और एसीपी सतीश आर. की निगरानी में चलाया गया. परप्पना अग्रहारा पुलिस इंस्पेक्टर नवीन कुमार पी.जी. और अन्य पुलिसकर्मी भी इस ऑपरेशन में शामिल रहे. पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ के आधार पर चोरी की गई दूसरी लग्जरी कारों और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों का पता लगाने में जुटी है.
सगाय राज