Ahmedabad Drug Bust: ड्रिंक और किशमिश के पैकेटों में छिपाई थी 25.65 करोड़ की ड्रग्स, तीन आरोपी गिरफ्तार

अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने सूरत पुलिस के साथ मिलकर 25.65 करोड़ रुपये की हेरोइन और MD ड्रग्स जब्त की है. इस सिलसिले में दिल्ली और यूपी के तीन आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं. पुलिस अब अफगानिस्तान से जुड़े ड्रग्स नेटवर्क की जांच कर रही है. पढ़ें पूरी कहानी.

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इस मामले में पुलिस की जांच अभी जारी है (फोटो-ITG) इस मामले में पुलिस की जांच अभी जारी है (फोटो-ITG)

ब्रिजेश दोशी

  • अहमदाबाद,
  • 22 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 5:56 PM IST

गुजरात के अहमदाबाद में ड्रग्स तस्करी के खिलाफ क्राइम ब्रांच को बड़ी कामयाबी मिली है. अहमदाबाद क्राइम ब्रांच और सूरत क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने 25 करोड़ 65 लाख रुपये से ज्यादा कीमत की हेरोइन और मेफेड्रोन (MD) ड्रग्स जब्त की है. पुलिस ने अहमदाबाद-वडोदरा एक्सप्रेस हाईवे पर रामोल टोल नाके के पास एक महिंद्रा XUV कार से यह खेप बरामद की. इस मामले में दिल्ली और उत्तर प्रदेश के रहने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस को शक है कि इस ड्रग्स नेटवर्क के तार भारत के दूसरे राज्यों के अलावा विदेश से भी जुड़े हैं.

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पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दिल्ली के ओखला निवासी 59 वर्षीय कफील अहमद उर्फ जावेद अंसारी, 44 वर्षीय तिफले नौखेज और उत्तर प्रदेश के मेरठ निवासी 42 वर्षीय मोहम्मद इमरान उर्फ राजा के रूप में हुई है. तीनों आरोपी महिंद्रा XUV में ड्रग्स की खेप लेकर जा रहे थे. पुलिस ने तलाशी के दौरान करीब 4 किलो 531 ग्राम हेरोइन और 2 किलो 497 ग्राम मेफेड्रोन बरामद की. अंतरराष्ट्रीय बाजार में इन दोनों ड्रग्स की कुल कीमत 25 करोड़ 65 लाख रुपये से अधिक आंकी गई है. पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों का पता लगाने में जुटी है.

कैसे हुई गिरफ्तारी?

अहमदाबाद पुलिस कमिश्नर के मुताबिक, सूरत शहर क्राइम ब्रांच के डिप्टी पुलिस कमिश्नर को सूचना मिली थी कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ड्रग्स मंगवाकर अलग-अलग राज्यों में सप्लाई करने वाले गिरोह के तीन सदस्य भारी मात्रा में नशीले पदार्थ लेकर अहमदाबाद आने वाले हैं. सूचना मिलने के बाद सूरत क्राइम ब्रांच की टीम को अहमदाबाद भेजा गया. वहां अहमदाबाद शहर क्राइम ब्रांच के अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर अलग-अलग टीमें गठित की गईं. इसके बाद संदिग्धों की तलाश शुरू की गई.

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पुलिस टीमों को मिली सटीक जानकारी के आधार पर अहमदाबाद-वडोदरा एक्सप्रेस हाईवे पर रामोल टोल टैक्स के पास कार्रवाई की गई. यहां महिंद्रा XUV कार में सवार तीनों आरोपियों को पकड़ लिया गया. तलाशी के दौरान कार से हेरोइन और MD ड्रग्स की बड़ी खेप बरामद हुई. पुलिस ने आरोपियों के पास से छह मोबाइल फोन, 83 हजार 900 रुपये नकद और एक डायरी भी जब्त की है. ड्रग्स के अलावा महिंद्रा XUV कार को भी जब्त किया गया है.

इंस्टेंट ड्रिंक और किशमिश के पैकेट में ड्रग्स

पुलिस की जांच में सामने आया है कि आरोपी हेरोइन और मेफेड्रोन की खेप को इंस्टेंट ड्रिंक और रेजिन यानी किशमिश के पैकेटों में छिपाकर ले जाते थे. इसके बाद इन पैकेटों को महिंद्रा XUV कार में रखा जाता था, ताकि ड्रग्स की तस्करी की जा सके. पुलिस के मुताबिक, आरोपियों को राजकोट में रहने वाले असलम नाम के व्यक्ति को यह खेप सौंपनी थी. इसी मकसद से वे अहमदाबाद पहुंचे थे. अब पुलिस असलम की भूमिका और ड्रग्स की खेप मंगवाने वालों के बारे में जानकारी जुटा रही है.

पुलिस के अनुसार, यह गिरोह भारत और विदेश से ड्रग्स की खेप मंगवाकर अहमदाबाद, गुजरात के दूसरे इलाकों, दिल्ली और अन्य राज्यों में सप्लाई करने का काम करता था. शुरुआती जांच में खेप के सीमा पार से ड्रोन के जरिए भारत पहुंचने की जानकारी सामने आई है. पुलिस के मुताबिक, यह खेप दिल्ली होते हुए राजस्थान से गुजरात तक पहुंची थी. हालांकि, इस पूरे रास्ते में किन लोगों ने ड्रग्स को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाया, इसकी जांच जारी है. पुलिस का कहना है कि सप्लाई चेन से जुड़े सभी लोगों की पहचान कर नेटवर्क को तोड़ने की कोशिश की जा रही है.

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कई राज्यों तक फैला नेटवर्क

इस मामले में पुलिस अफगानिस्तान कनेक्शन की भी जांच कर रही है. पुलिस के मुताबिक, हेरोइन की खेप अफगानिस्तान से मंगवाए जाने की आशंका है. जांच में अफगानिस्तान के कंधार में रहने वाले रहमत गुल नाम के व्यक्ति का भी जिक्र सामने आया है, जिससे आरोपी तिफले नौखेज के संपर्क और हेरोइन की सप्लाई के संबंध में पड़ताल की जा रही है. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि भारत में ड्रग्स किस रास्ते से पहुंची और इसे किन लोगों ने आगे सप्लाई किया. फिलहाल, अंतरराष्ट्रीय और अंतरराज्यीय नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है.

पुलिस राजस्थान के झालावाड़ जिले के भवानी मंडी में रहने वाले शकील मोहम्मद बशीर मोहम्मद की भूमिका की भी जांच कर रही है. पुलिस के मुताबिक, जब्त की गई MD ड्रग्स की खेप कफील अहमद ने कथित तौर पर इसी व्यक्ति से खरीदी थी. इसके अलावा गुजरात में खेप मंगवाने वाले व्यक्ति, हेरोइन की सप्लाई करने वाले लोगों और अफगानिस्तान से खेप भेजने वालों की पहचान की जा रही है. पुलिस गुजरात के उन जिलों की भी जांच कर रही है, जहां यह ड्रग्स पहुंचाई जानी थी. जांच का मकसद इस नेटवर्क के सप्लायरों, खरीदारों और दूसरे सहयोगियों तक पहुंचना है.

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ड्रग्स मामलों में 45 साल की सजा

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में कफील अहमद उर्फ जावेद अंसारी का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है. साल 2014 में जयपुर NCB ने उसे 18 किलो चरस के मामले में गिरफ्तार किया था, जिसमें उसे 15 साल की सजा हुई थी. साल 2015 में पैरोल पर रिहा रहने के दौरान जयपुर ATS और SOG पुलिस ने उसे 3 किलो अल्प्राजोलम ड्रग्स के मामले में पकड़ा था. इस मामले में उसे 20 साल की सजा हुई थी. इसके अलावा गुजरात NCB ने उसे एम्फेटामाइन ड्रग्स से जुड़े एक मामले में भी गिरफ्तार किया था, जिसमें उसे 10 साल की सजा हुई थी.

पुलिस के अनुसार, इन मामलों में कफील अहमद कुल मिलाकर 45 साल की सजा पा चुका है. वह करीब नौ साल जयपुर की जेल और एक साल अहमदाबाद की साबरमती सेंट्रल जेल में सजा काट चुका है. पुलिस का कहना है कि वह इन मामलों में जमानत पर बाहर है. मौजूदा मामले में बरामद MD ड्रग्स की सप्लाई को लेकर भी उससे पूछताछ की जा रही है. पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पुराने ड्रग्स नेटवर्क से जुड़े कौन-कौन से लोग इस नई खेप की तस्करी में शामिल थे.

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पहले भी हेरोइन तस्करी में आया तिफले नौखेज का नाम

दूसरे आरोपी तिफले नौखेज का नाम भी पहले कई ड्रग्स मामलों में सामने आ चुका है. पुलिस के मुताबिक, साल 2014 में पंजाब के तरनतारन पुलिस स्टेशन में उसे हेरोइन के मामले में पकड़ा गया था. साल 2019 में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने उसे अफगानिस्तान के नागरिकों के साथ 330 किलो हेरोइन की खेप के मामले में गिरफ्तार किया था. इसके बाद साल 2021 में दिल्ली स्पेशल सेल ने उसे 54 किलो हेरोइन से जुड़े एक अन्य मामले में पकड़ा था. करीब दस महीने पहले दिल्ली के चाणक्यपुरी पुलिस स्टेशन में कार चोरी के मामले में भी उसकी गिरफ्तारी हुई थी.

पुलिस की जांच में सामने आया है कि तिफले नौखेज ने कथित तौर पर अफगानिस्तान के कंधार में रहने वाले रहमत गुल से हेरोइन की खेप मंगवाई थी. आरोप है कि रहमत गुल का एक सहयोगी दिल्ली के लाजपत नगर में हेरोइन की खेप पहुंचाने आया था. इस मामले में पुलिस विदेशी सप्लायर और उसके भारतीय संपर्कों की भूमिका की जांच कर रही है. अहमदाबाद में जब्त की गई खेप और पुराने मामलों के बीच कोई संबंध है या नहीं, इसकी भी पड़ताल की जा रही है. पुलिस के मुताबिक, जब्त की गई महिंद्रा XUV कार नंबर DL-12-CJ-8070 तिफले नौखेज की है.

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पहले कई मामलों में गिरफ्तार हो चुका है राजा

तीसरे आरोपी मोहम्मद इमरान उर्फ राजा उत्तर प्रदेश के मेरठ का रहने वाला है. पुलिस के मुताबिक, साल 2017 में दिल्ली के न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी और ईस्ट ऑफ कैलाश पुलिस स्टेशन में छेड़छाड़ और मारपीट से जुड़े मामलों में उसे गिरफ्तार किया गया था. इसके बाद साल 2023 में निजामुद्दीन पुलिस स्टेशन में धोखाधड़ी के एक मामले में भी उसकी गिरफ्तारी हुई थी. पुलिस के अनुसार, इमरान फिलहाल कैटरिंग और ड्राइविंग का काम करता था. जांच एजेंसियां अब उसके संपर्कों और ड्रग्स तस्करी के नेटवर्क में उसकी भूमिका की पड़ताल कर रही हैं.

पुलिस के मुताबिक, इमरान ने पूछताछ में तिफले नौखेज की कार में हेरोइन और MD ड्रग्स की खेप ले जाने में शामिल होने की बात स्वीकार की है. हालांकि, इस मामले में उसकी भूमिका और अन्य आरोपियों के साथ उसके संबंधों की जांच जारी है. पुलिस तीनों आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ड्रग्स की खेप भारत में किसने भेजी, गुजरात में इसे किसे सौंपा जाना था और इसके बदले कितनी रकम मिलने वाली थी. जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

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