सीमा सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाले सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने अपने जवानों और अन्य कर्मियों को बढ़ते साइबर अपराधों को लेकर सतर्क किया है. बल ने साइबर ठगी से बचने के लिए एक एडवाइजरी जारी कर ऑनलाइन हनी ट्रैप, फर्जी पहचान के जरिए दोस्ती करने और संदिग्ध वीडियो कॉल जैसे खतरों के प्रति आगाह किया है. इसके साथ ही अनजान लिंक पर क्लिक करने और मोबाइल में संदिग्ध APK फाइल इंस्टॉल करने से बचने की सलाह दी गई है.
SSB ने साफ किया है कि साइबर अपराधी लोगों का भरोसा जीतकर उनकी निजी जानकारी का गलत इस्तेमाल कर सकते हैं. ऐसे में इंटरनेट और सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतना जरूरी है.
SSB की एडवाइजरी के मुताबिक, साइबर अपराधी कई बार लोगों को अपने जाल में फंसाने के लिए भावनात्मक तरीकों का सहारा लेते हैं. वे सोशल मीडिया या दूसरे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर फर्जी पहचान बनाकर दोस्ती करने की कोशिश कर सकते हैं. धीरे-धीरे भरोसा जीतने के बाद वे निजी तस्वीरें, वीडियो या दूसरी संवेदनशील जानकारी हासिल करने का प्रयास कर सकते हैं.
बाद में इसी जानकारी का इस्तेमाल ब्लैकमेलिंग, धमकी देने या पैसे वसूलने के लिए किया जा सकता है. इसलिए किसी अनजान व्यक्ति पर जल्द भरोसा करने से बचने की सलाह दी गई है.
बल ने अपने कर्मियों को संदिग्ध वीडियो कॉल से भी सावधान रहने को कहा है. ऑनलाइन संपर्क के दौरान किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर निजी तस्वीरें या वीडियो साझा करना नुकसानदेह साबित हो सकता है. साइबर अपराधी ऐसी सामग्री का दुरुपयोग कर संबंधित व्यक्ति को डराने या ब्लैकमेल करने की कोशिश कर सकते हैं.
SSB ने सलाह दी है कि इंटरनेट पर किसी से बातचीत करते समय अपनी निजता का ध्यान रखें और संवेदनशील जानकारी साझा करने से बचें. अगर कोई व्यक्ति संदिग्ध तरीके से संपर्क करता है या पैसों की मांग करता है, तो उसे गंभीरता से लेना चाहिए.
SSB ने मोबाइल फोन में संदिग्ध APK फाइल इंस्टॉल करने और अनजान लिंक खोलने को लेकर भी चेतावनी दी है. APK फाइल के जरिए एंड्रॉयड मोबाइल में एप्लिकेशन इंस्टॉल किए जाते हैं, लेकिन किसी अज्ञात या अविश्वसनीय स्रोत से मिली फाइल नुकसान पहुंचा सकती है. ऐसी फाइल के माध्यम से मोबाइल में मौजूद निजी जानकारी और अन्य संवेदनशील डेटा तक पहुंच बनाने का प्रयास किया जा सकता है.
इसलिए जवानों को सलाह दी गई है कि वे अनजान स्रोतों से मिली फाइलों को डाउनलोड या इंस्टॉल न करें. किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से पहले भी उसकी विश्वसनीयता की जांच करना जरूरी है.
साइबर सुरक्षा जागरूकता सप्ताह के समापन के बाद जारी इस संदेश में SSB ने अपने जवानों और कर्मियों से इंटरनेट तथा सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते समय सतर्क रहने की अपील की है. बल ने ऑनलाइन धोखाधड़ी के बदलते तरीकों को ध्यान में रखते हुए साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने पर जोर दिया है. आज सोशल मीडिया, मैसेजिंग एप और दूसरे डिजिटल माध्यमों के जरिए लोगों से संपर्क कर उन्हें ठगी का शिकार बनाने की कोशिश की जाती है.
ऐसे में किसी भी अनजान व्यक्ति, संदेश, लिंक या फाइल पर बिना जांच के भरोसा करना जोखिम भरा हो सकता है. साइबर सुरक्षा के नियमों का पालन करना इस तरह के खतरों से बचने में मदद कर सकता है.
SSB की यह एडवाइजरी ऐसे समय में आई है, जब साइबर अपराधी लोगों को निशाना बनाने के लिए लगातार नए तरीके अपना रहे हैं. हनी ट्रैप, फर्जी ऑनलाइन पहचान और संदिग्ध मोबाइल फाइलों के जरिए निजी जानकारी का दुरुपयोग किए जाने का खतरा बना रहता है. इस तरह की घटनाएं व्यक्ति की निजता के साथ-साथ उसकी आर्थिक सुरक्षा को भी प्रभावित कर सकती हैं.
सुरक्षा बल के जवानों और कर्मियों को इन खतरों के प्रति जागरूक रखना उनकी व्यक्तिगत तथा वित्तीय सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण है. सावधानी बरतकर और संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधियों से दूरी बनाकर साइबर ठगी के जोखिम को कम किया जा सकता है.
जितेंद्र बहादुर सिंह