दिल्लीः 60 जाली शॉपिंग वेबसाइट बनाकर 10 हजार लोगों से 25 करोड़ की ठगी, 5 आरोपी गिरफ्तार

लोगों को चूना लगाने वाले इस गैंग का मास्टरमाइंड विजय अरोड़ा भी पुलिस के हत्थे चढ़ गया है. पुलिस ने कुल 5 लोगों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक ये लोग सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन का इस्तेमाल करते थे और अपनी वेबसाइट का बेहद तेजी से प्रमोशन करते थे.

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दिल्ली पुलिस के साइबर सेल ने इस गैंग का खुलासा किया है दिल्ली पुलिस के साइबर सेल ने इस गैंग का खुलासा किया है

हिमांशु मिश्रा

  • नई दिल्ली,
  • 17 अगस्त 2021,
  • अपडेटेड 11:36 PM IST
  • 3 साल में बना डाली 60 जाली शॉपिंग वेबसाइट
  • करीब 10 हजार लोगों को बनाया शिकार
  • झांसे में आए लोगों को लगाया 25 करोड़ का चूना

दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने कई जाली शॉपिंग वेबसाइट बनाकर 10 हजार लोगों को ठगने वाले 5 शातिर लोगों को गिरफ्तार किया है. इतने बड़े स्तर पर ठगी करने की बात एक दम हजम नहीं होती लेकिन ये बात पूरी तरह सच है. आरोपियों ने पिछले 3 सालों में लोगों को करीब 25 करोड़ का चूना लगाया है.

पुलिस के मुताबिक ये लोग कई जाली शॉपिंग वेबसाइट बनाते थे और फिर उन पर इलेक्ट्रॉनिक आइटम्स जैसे मोबाइल फोन, टैब और महंगे कपड़ों को दूसरी वेबसाइट की तुलना में सस्ता दिखाते थे. ये लोग एडवांस पैसे लेने के बाद भी ग्राहक को कोई सामान नहीं भेजते थे. अगर कोई ग्राहक बार-बार कॉल करता या शिकायत करने की बात करता तो ये लोग उसे बेहद घटिया क्वालिटी का सामान भेज देते थे. 

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लोगों को चूना लगाने वाले इस गैंग का मास्टरमाइंड विजय अरोड़ा भी पुलिस के हत्थे चढ़ गया है. पुलिस ने कुल 5 लोगों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक ये लोग सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन का इस्तेमाल करते थे और अपनी वेबसाइट का बेहद तेजी से प्रमोशन करते थे. अपनी वेबसाइट पर मोबाइल फोन को बेहद सस्ते दामों पर छूट में दिखाते थे और ब्रांडेड कपड़ों को भी बेहद सस्ते दामों पर बेचने की बात करते थे. लेकिन एक बार पैसा मिल जाने के बाद ये ग्राहकों का फोन नहीं उठाते थे. 

दिल्ली पुलिस का कहना है कि उनके पास पिछले कुछ वक्त में इस तरीके की कई शिकायतें आईं कि उन लोगों ने कुछ वेबसाइट पर देखा कि महंगे टेबलेट और मोबाइल फोन महज 3699 और 3999 एडवांस जमा करके मिल रहे हैं और बहुत ही ज्यादा छूट पर. जिसके बाद लोग एडवांस जमा कर देते लेकिन उन्हें ना तो मोबाइल मिला और न टैबलेट. अगर कोई ग्राहक बार-बार पैसे वापस करने की जिद करता या फिर शिकायत करने की बात करता तो यह लोग कोई बेहद घटिया क्वालिटी का सामान उस ग्राहक को भेज देते थे. 

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शिकायत मिलने के बाद जब पुलिस ने जांच की और वेबसाइट को स्कैन किया. तब जाकर के पुलिस को पता लगा कि इस वेबसाइट को लोगों के साथ ठगी करने के लिए ही बनाया गया था. आरोपी बेहद बड़े पैमाने पर लोगों के साथ ठगी कर रहे थे. इसके बाद साइबर सेल के डीसीपी अनयेश रॉय ने इंस्पेक्टर विजेंद्र के नेतृत्व में एक टीम बनाई और जांच की शुरुआत की. मनी ट्रेल की जांच में पुलिस को विजय अरोड़ा नाम के एक शख्स के बारे में पता चला. पुलिस ने विजय अरोड़ा के दफ्तर पर छापा मारा तो वहां से कई घटिया क्वालिटी के प्रोडक्ट और बहुत सारे दस्तावेज बरामद हुए. 

पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया. उसकी निशानदेही पर पुलिस ने मनमीत सिंह, राजकुमार, प्रदीप और अवतार सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया. पुलिस के मुताबिक मास्टरमाइंड विजय होटल मैनेजमेंट में ग्रेजुएट है और वह पहले लखनऊ के एक फाइव स्टार होटल में काम करता था. करीब 10 महीने वहां काम करने के बाद वह दूसरी कंपनी में काम करने लगा. वो कंपनी ऑनलाइन शॉपिंग का काम करती थी. 

वहीं से विजय को फेक ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट्स खोलने का आईडिया आया. इसके बाद उसने अपने साथ बाकी के 4 आरोपियों को मिलाया जो अपने कामों में माहिर हैं. पुलिस के मुताबिक इन लोगों ने अब तक करीब 60 जाली वेबसाइट बनाई हैं और इन वेबसाइट के जरिए करीब-करीब 10,000 लोगों को 25 करोड़ का चूना लगाया है. आरोपियों के पास से बरामद कंप्यूटर और लैपटॉप की जांच की जा रही है. पुलिस का कहना है कि इस मामले में शामिल कुछ और लोगों की तलाश की जा रही है.

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