दिल्ली में सोशल मीडिया के जरिए एक नाबालिग लड़की को अपने जाल में फंसाने और AI की मदद से उसकी फर्जी अश्लील तस्वीर बनाने का मामला सामने आया है. दिसंबर 2023 में दक्षिण-पश्चिम दिल्ली की रहने वाली लड़की की सोशल मीडिया पर एक अजनबी से मुलाकात हुई थी. दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और धीरे-धीरे फोन पर भी बात होने लगी. लड़की को शायद अंदाजा भी नहीं था कि यह ऑनलाइन दोस्ती आगे चलकर उसके लिए गंभीर परेशानी का कारण बन जाएगी.
पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने कथित तौर पर AI तकनीक का इस्तेमाल कर लड़की की एक फर्जी न्यूड तस्वीर तैयार की. इसके बाद उसने इसी तस्वीर को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देना शुरू कर दिया. आरोपी कथित तौर पर लड़की को लगातार डराता और दबाव बनाता रहा. इसी डर का फायदा उठाकर उसने उससे करीब 1.2 लाख रुपये भी ऐंठ लिए.
जनवरी 2025 से बढ़ता गया दबाव
लड़की ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया कि आरोपी ने जनवरी 2025 से उसे कथित तौर पर परेशान करना और धमकाना शुरू कर दिया था. वह फर्जी तस्वीर को लेकर उसे लगातार डराता था और उसकी मांगें पूरी करने के लिए दबाव बनाता था. जुलाई 2025 में जब आरोपी उससे आमने-सामने मिला, तब भी उसने कथित तौर पर उसी तस्वीर को लेकर उसे धमकाया. लड़की लंबे समय तक इस दबाव और डर को अकेले झेलती रही.
आरोपी की लगातार मांगों के आगे लड़की ने पैसे देना शुरू कर दिया. उसने एक बार में बड़ी रकम देने के बजाय छोटी-छोटी किस्तों में पैसे ट्रांसफर किए. पुलिस के मुताबिक, इन भुगतानों के लिए उसने अपनी मां के बैंक खाते का इस्तेमाल किया. धीरे-धीरे इन लेनदेन की रकम करीब 1.2 लाख रुपये तक पहुंच गई. बाद में उसके पिता की नजर बैंक ट्रांजेक्शन पर पड़ी, जिसके बाद उन्हें बेटी के साथ हो रही पूरी घटना की जानकारी मिली.
लड़की के परिवार को भी फोन पर धमकी
लड़की के मुताबिक, इस महीने की शुरुआत से आरोपी ने उसके परिवार को भी निशाना बनाना शुरू कर दिया. वह कथित तौर पर उसके पिता और चाचा समेत परिवार के अन्य सदस्यों को फोन कर गाली-गलौज और धमकी देने लगा. आरोपी की धमकियों से परिवार की परेशानी और बढ़ गई. लड़की ने पुलिस को यह भी बताया कि आरोपी ने उसकी मांगें नहीं मानने पर उस पर एसिड से हमला करने की धमकी दी थी.
लगातार बढ़ते दबाव के बीच आखिरकार लड़की ने पुलिस के पास जाने का फैसला किया. घटना के करीब ढाई साल से ज्यादा समय बाद उसने थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दी. अब लड़की बालिग हो चुकी है और एक प्रतिष्ठित कॉलेज से ग्रेजुएशन कर रही है. उसके पिता कारोबारी हैं. शिकायत में उसने सोशल मीडिया से शुरू हुई दोस्ती, AI से बनाई गई फर्जी तस्वीर, पैसों की मांग और परिवार को दी गई धमकियों का पूरा सिलसिलेवार विवरण पुलिस को दिया.
इन धाराओं में दर्ज हुआ केस
लड़की की शिकायत के आधार पर दिल्ली के मोहन गार्डन थाने में मामला दर्ज किया गया. पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता यानी BNS की धारा 79, 351(2) और 308 के तहत केस दर्ज किया है. धारा 79 महिला की गरिमा का अपमान करने के इरादे से किए गए शब्द, इशारे या कृत्य से जुड़ी है, जबकि धारा 351(2) आपराधिक धमकी और धारा 308 जबरन वसूली यानी एक्सटॉर्शन से संबंधित है.
इस मामले में पॉक्सो एक्ट की धारा 12 भी लगाई गई है. पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद आरोपी की पहचान और उसके ठिकाने की जानकारी जुटानी शुरू कर दी. जांच के दौरान पुलिस का शक 25 वर्षीय अजय दुबे पर गया. अजय दुबे उत्तर प्रदेश के अंबेडकर नगर का रहने वाला बताया गया है. पुलिस ने आरोपी की गतिविधियों और लड़की के साथ उसके संपर्क की भी जांच शुरू की.
दो पुराने आपराधिक मामलों में भी नाम
पुलिस के मुताबिक, अजय दुबे का आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है. उसके खिलाफ पहले भी दो मामले दर्ज हो चुके हैं. इनमें से एक मामला साल 2020 में नांगलोई थाने में दर्ज हुआ था. इस केस में आपराधिक धमकी और गैर इरादतन हत्या जैसे कई आरोप शामिल बताए गए हैं. दूसरा मामला साल 2019 में निहाल विहार थाने में दर्ज हुआ था.
निहाल विहार वाले मामले में आरोपी पर कथित तौर पर ट्रैसपासिंग यानी अवैध रूप से प्रवेश करने और जानबूझकर चोट पहुंचाने के आरोप लगे थे. पुलिस अब उसके पुराने रिकॉर्ड के साथ-साथ इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या उसने पहले भी किसी और लड़की को इसी तरह निशाना बनाया था. जांच एजेंसियां उसके मोबाइल फोन, बैंक लेनदेन और डिजिटल गतिविधियों की भी पड़ताल कर सकती हैं.
ऐसे पकड़ा गया आरोपी
केस दर्ज होने के बाद पुलिस ने अजय दुबे को ट्रैक करना शुरू किया. जांच के दौरान पुलिस को उसकी लोकेशन और दिल्ली आने की जानकारी मिली. बताया गया कि आरोपी एक कोर्ट की सुनवाई में शामिल होने के लिए दिल्ली आया था. इसी दौरान पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया. अब उससे पूछताछ कर मामले की पूरी कड़ी जोड़ने की कोशिश की जा रही है.
पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि AI से फर्जी तस्वीर बनाने और उसके जरिए ब्लैकमेल करने का यह मामला सिर्फ एक लड़की तक सीमित था या आरोपी ने और लोगों को भी अपना शिकार बनाया. जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि आरोपी ने कथित तौर पर AI तकनीक का इस्तेमाल कर तस्वीर कैसे तैयार की और उसे वायरल करने की धमकी देकर पैसे कैसे वसूले. पुलिस उसके डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य संभावित पीड़ितों के बारे में जानकारी जुटा रही है.
AI का गलत इस्तेमाल
यह मामला सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती और AI तकनीक के गलत इस्तेमाल से जुड़े बढ़ते खतरे को भी सामने लाता है. किसी व्यक्ति की वास्तविक तस्वीर के साथ छेड़छाड़ कर उसे अश्लील या आपत्तिजनक रूप में पेश किया जा सकता है और फिर उसी का इस्तेमाल डराने-धमकाने के लिए किया जा सकता है. ऐसे मामलों में पीड़ित अक्सर बदनामी के डर से लंबे समय तक चुप रहते हैं.
दिल्ली के इस मामले में भी लड़की ने काफी समय तक आरोपी की धमकियों और पैसों की मांग का सामना किया. बाद में परिवार को जानकारी मिलने और पुलिस में शिकायत दर्ज होने के बाद कार्रवाई शुरू हुई. पुलिस अब आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है और यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस कथित ब्लैकमेलिंग के पीछे उसका नेटवर्क कितना बड़ा है.
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