मुंबई राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने सोने की तस्करी करने वाले एक बड़े सिंडिकेट का खुलासा किया है. जांच एजेंसी के मुताबिक यह गिरोह करीब 475 करोड़ रुपये कीमत के 318 किलो सोने की तस्करी से जुड़ा हुआ था. इस मामले में DRI ने देश के कई शहरों में एक साथ कार्रवाई की. कार्रवाई के दौरान सिंडिकेट से जुड़े 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें एक कथित मास्टरमाइंड भी शामिल है.
DRI ने इस कार्रवाई को 'ऑपरेशन बॉर्डर बुलियन बस्ट' नाम दिया था. इस ऑपरेशन के तहत मुंबई, दिल्ली, कोलकाता, अहमदाबाद और गुवाहाटी में कार्रवाई की गई. एजेंसी ने अलग-अलग ठिकानों पर कार्रवाई करते हुए 6.61 किलो सोना बरामद किया है. बरामद सोने की कीमत करीब 10.36 करोड़ रुपये बताई गई है.
जांच के दौरान तस्करी के पूरे नेटवर्क के काम करने के तरीके का भी पता चला. DRI के मुताबिक, भारत-बांग्लादेश सीमा के जरिए सोने की तस्करी की जा रही थी. इसके बाद इस सोने को सीधे बड़ी खेप में भेजने के बजाय छोटे-छोटे कूरियर पार्सलों में बांटकर देश के अलग-अलग शहरों तक पहुंचाया जा रहा था.
एजेंसी की जांच में सामने आया कि तस्करी के इस नेटवर्क का दायरा कई राज्यों और शहरों तक फैला हुआ था. भारत-बांग्लादेश सीमा से आने वाले सोने को अलग-अलग माध्यमों से आगे भेजा जाता था. इसके बाद छोटे कूरियर पार्सलों के जरिए इसे मुंबई, दिल्ली, कोलकाता, अहमदाबाद और गुवाहाटी जैसे शहरों तक पहुंचाया जा रहा था. DRI अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और तस्करी के रास्तों की भी जांच कर रही है.
इस कार्रवाई में गिरफ्तार किए गए 11 आरोपी कथित तौर पर इसी सिंडिकेट का हिस्सा बताए गए हैं. इनमें एक मास्टरमाइंड भी शामिल है, जिसकी भूमिका को लेकर जांच की जा रही है. DRI अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे और तस्करी किए गए सोने को देश के किन-किन हिस्सों में खपाया जाता था.
कुल मिलाकर, मुंबई DRI की इस कार्रवाई ने 318 किलो सोने की कथित तस्करी और करीब 475 करोड़ रुपये के नेटवर्क का खुलासा किया है. फिलहाल कार्रवाई के दौरान बरामद 6.61 किलो सोना, जिसकी कीमत 10.36 करोड़ रुपये है, जांच का अहम हिस्सा है. DRI की जांच आगे बढ़ने के साथ इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और पूरे सिंडिकेट के बारे में और जानकारी सामने आने की उम्मीद है.
दीपेश त्रिपाठी